जेपीएससी परीक्षा घोटाला : अभय तिवारी चार महीने पहले साथी की ही किडनैपिंग के मामले में जा चुका है जेल

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जेपीएससी ऑफिस. (फाइल फोटो)

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JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार अभय कुमार तिवारी का एक नया पहलू सामने आया है. गिरफ्तार होने से कुछ महीने पहले ही, वह अपहरण और रंगदारी के एक मामले में जेल जा चुका था. करोड़ों की संपत्ति की जांच जारी है.

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JPSC Exam Scam : जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा पीटी में कथित गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी का एक नया मामला सामने आ रहा है. सीआइडी को जानकारी मिली है कि चार महीने पहले ही रांची पुलिस ने अभय तिवारी को अपहरण और रंगदारी से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वह तब सरकारी सेवा में आ चुका था. सात दिन जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिली है और वह बेल पर बाहर था. 

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दोस्ती टूटी, अपहरण और फिरौती का आरोप 

अभय तिवारी, उसके भाई अक्षय तिवारी, साले सौरभ और गौरव के खिलाफ आदित्य पांडेय ने पिछले 29 अप्रैल को रांची के सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें बताया गया था कि संबंधित लोगों ने उसका अपहरण किया और जान से मारने की धमकी दी. फिर उसके पिता से बतौर फिरौती डेढ़ लाख रुपये वसूले. पहले आदित्य पांडे ने ही अभय तिवारी की इंट्री जेपीएससी और जेएसएससी में करायी थी. दोनों दोस्त हो गये थे. लेकिन उनके बीच विवाद हो गया और तब अभय तिवारी ने अपहरण की साजिश रची. आरोप है कि अभय तिवारी अपने साले सौरभ और गौरव के माध्यम से ही पैसों की लेन-देन कराता था. जबकि अभ्यर्थियों तक पहुंच बनाने का काम मुस्ताक, उमेश और पलामू निवासी संतोष नामक एक व्यक्ति के माध्यम से कराया जाता था. 

15 नियुक्तियों और करोड़ों की संपत्ति की जांच 

जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि अभय ने अपने भाई, भाभी और साले के अलावा लगभग 15 लोगों को गलत तरीके नौकरी दिलायी है. नगड़ी थाना में इसके खिलाफ दर्ज एक केस में आरोप लगाया गया है कि अभय तिवारी ने सिर्फ दो परीक्षाओं में ही एजेंसी और पदाधिकारियों के साथ मिलकर 100 करोड़ रुपये कमाये हैं. अब जांच एजेंसी इन बातों की पुष्टि करने में जुटी है. अभय मूल रूप से मारगोमुंडा प्रखंड के कुदारखोसो गांव का रहनेवाला है. ग्रामीणों के अनुसार, उसके पिता स्वर्गीय सुखदेव तिवारी खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते थे. मनरेगा योजना शुरू होने के बाद उन्होंने सामग्री आपूर्ति का काम किया. साधारण किसान परिवार से निकलकर अभय तिवारी ने करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी कर दी है. 

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