Bihar Land Survey: भूमि सर्वे के दौरान अंचल कार्यालयों में नहीं होगा भ्रष्टाचार, सरकार ने 9 अधिकारियों को सौंपा जिम्मा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 10 Oct 2024 3:27 PM

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Bihar Land Registry

Bihar Land Survey: आम लोगों को अंचल कार्यालयों में राजस्व संबंधी कामकाज के दौरान होने वाली परेशानियों से जल्द छुटकारा मिल सकता है. इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नौ अधिकारियों को टास्क दिया गया है.

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Bihar Land Survey: बिहार के अंचल कार्यालयों में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं. इसे देखते हुये मुख्य सचिव के निर्देश पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मुख्यालय से अधिकारियों को अंचल कार्यालयों में भेजकर कामकाज का स्थलीय निरीक्षण सहित समीक्षा करवाने का निर्णय लिया है. इसके तहत पहले चरण में इसी महीने अक्टूबर में 23 जिला के अंचल कार्यालयों में निरीक्षण के लिए नौ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गयी है.

नौ अधिकारी तय

राज्य के 23 जिला के अंचल कार्यालयों में जमीन सर्वे और दाखिल खारिज सहित राजस्व कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा इसी अक्तूबर माह में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नौ अधिकारी करेंगे. इसका मकसद अंचल कार्यालय के कार्यों के निष्पादन में होने वाली कठिनाइयों की जानकारी लेकर उनके त्वरित समाधान की कार्रवाई करनी है. इससे आम लोगों को अंचल कार्यालयों में राजस्व संबंधी कामकाज के दौरान होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल सकेगा.

डीएम को पत्र लिख अवगत कराया

इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी 23 जिला के डीएम को पत्र लिखकर इस निर्णय से अवगत करवाया है. साथ ही अंचलों के निरीक्षण के लिए अधिकारियों का रोस्टर भी सभी डीएम को भेज दिया है. इन 23 जिला में पटना, बांका, सुपौल, बक्सर, गया, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मधुबनी, रोहतास, सारण, कटिहार, शिवहर, पश्चिमी चंपारण, अररिया, सहरसा, नवादा, शेखपुरा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, औरंगाबाद और भागलपुर शामिल हैं.

Bihar Land Survey

मुख्य रूप से इन कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा

राजस्व संबंधी कार्यों के तहत बिहार विशेष सर्वेक्षण से संबंधित ऑनलाइन दाखिल खारिज, भू-लगान, परिमार्जन, भूमि हस्तांतरण, बंदोबस्ती, जल निकाय अतिक्रमण, उच्च न्यायालय में लंबित वादों, सेवांत लाभ जनशिकायत, बसेरा, जमाबंदी स्कैनिंग, इ-मापी में आम लोगों की परेशानियों का समाधान होगा.

इन अधिकारियों को मिली है जिम्मेदारी

  1. भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे प्रियदर्शिनी- भोजपुर, पश्चिमी चंपारण, नवादा, बांका.
    विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम की जांच के लिए
  2. चकबंदी निदेशालय के निदेशक राकेश कुमार- (i) पटना जिला के मोकामा अंचल, (ii) अररिया जिला के सिकटी अंचल, (iii) सुपौल जिला के निर्मली अंचल, (iv) सहरसा जिला के बनमा इटहरी अंचल.
  3. विशेष सचिव महफूज आलम- (i) अररिया जिला के कुरसाकाटा अंचल, (ii) सहरसा जिला के सत्तर कटैया अंचल, (iii) रोहतास जिला के नौहट्टा अंचल, (iv) मधेपुरा जिला के पुरैनिया अंचल.
  4. भू-अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह- (i) पश्चिम चंपारण जिला के बेतिया अंचल, (ii) गोपालगंज जिला के कुचायकोट अंचल, (iii) समस्तीपुर जिला के विद्यापतिनगर अंचल और (iv) मधुबनी जिला के माधवपुर अंचल.
  5. अपर सचिव अरुण कुमार सिंह- (i) गया जिला के बोध गया अंचल, (ii) पटना जिला के दानापुर अंचल,(iii) औरंगाबाद जिला के हसपुरा अंचल और (iv) बक्सर जिला के चौसा अंचल.
  6. संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय- (i) पटना जिला के पुनपुन अंचल, (ii) नवादा जिला के कौआकोल अंचल, (iii) सीतामढ़ी जिला के डुमरा अंचल और (iv) पूर्वी चंपारण जिला के कोटवा अंचल.
  7. संयुक्त सचिव चंद्रशेखर प्रसाद विद्यार्थी- (i) सारण जिला के गरखा अंचल, (ii) बांका जिला के फुलीडम्बर अंचल, (iii) शेखपुरा जिला के घाटकुसुंबा अंचल और (iv) कटिहार जिला के फलका अंचल.
  8. सहायक निदेशक, भू-अर्जन-सह संयुक्त सचिव आजीव वत्सराज- (i) बांका जिला के बौंसी अंचल, (ii) शेखपुरा जिला के चिवड़ा अंचल, (iii) नालंदा जिला के आस्थावा अंचल और (iv) शिवहर जिला के डुमरी कटसरी अंचल.
  9. विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर- (i) दरभंगा जिला के हनुमान नगर अंचल, (ii) भागलपुर जिला के सबौर अंचल, (iii) लखीसराय जिला के पिपरिया अंचल और (iv) सारण जिला के परसा अंचल.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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