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Bihar Land Survey : पुश्तैनी जमीन का है मौखिक बंटवारा, तो सर्वे से पहले कीजिए ये काम

Updated at : 28 Aug 2024 11:39 AM (IST)
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Bihar Land Registry

Bihar Land Registry

Bihar Land Survey : सर्वे के लिए मौखिक बंटवारा मान्य नहीं है. इसमें पट्टीदार के सभी हिस्सदारों के संयुक्त हस्ताक्षर के साथ स्वघोषणा पत्र देना है. इसके लिए फुआ, बहन आदि हिस्सेदारों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं.

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Bihar Land Survey : पटना. बिहार में जमीन का सर्वे चल रहा है. इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य भूमि के असली मालिक को उसका हक दिलाना और अक्सर लोगों के बीच होनेवाले भूमि विवाद को खत्म करना है. इसके अलावा सरकार गांवों में मौजूद जमीन का डाटा भी अपने पास रखना चाहती है, ताकि अधिग्रहण के वक्त परेशानी ना हो. बिहार में लैंड सर्वे के दौरान जमीन के असली मालिक को सर्वे करने आई टीम को अपनी जमीन से जुड़े अहम दस्तावेज दिखाने हैं, लेकिन बिहार में कई लोगों के पास ऐसी पुश्तैनी जमीन है जिसका सिर्फ मौखिक बंटवारा हुआ है. यानी कागजों पर परिवार के बीच पैतृक जमीन का बंटवारा नहीं हुआ है. ऐसी स्थिति में रैयतों को सर्वेक्षण के दौरान मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है.

मौखिक बंटवारा में परेशानी

पूर्वजों के पट्टीदारी की जमीन के मौखिक बंटवारे वाले रैयतों को परेशानी सामने आ रही है. सर्वे के लिए मौखिक बंटवारा मान्य नहीं है. इसमें पट्टीदार के सभी हिस्सदारों के संयुक्त हस्ताक्षर के साथ स्वघोषणा पत्र देना है. इसके लिए फुआ, बहन आदि हिस्सेदारों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं. यदि फुआ का देहांत हो चुका है तो उनकी सभी संतानों का हस्ताक्षर लेना होगा. सर्वे अधिकारी केवल लिखित दस्तावेज को ही मानेंगे. मौखिक समझौते पर हुए बंटवारे को सर्वे अधिकारी नहीं मानेंगे. उदाहरण के लिए- अगर किसी के पिता की मृत्यु हो गई हैऔर उनके तीन बेटे हैं तथा तीनों बेटों के बीच संबंधित जमीन का सिर्फ मौखिक बंटवारा हुआ है तो सर्वे अधिकारी इस बंटवारे को नहीं मानेंगे और उक्त जमीन को संयुक्त खतियान में दर्ज करेंगे. ऐसे में इसका उपाय यह है कि फैमिली बंटवारे का निबंधित दस्तावेज संबंधित मालिक जरूर पेश करें. मौखिक बंटवारेकी स्थिति में संयुक्त खतियान बनेगा.

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ऑनलाइन आवेदन के लिए यह दो कागजात जरूरी

भूमि सर्वे 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. इससे दूसरे प्रदेश में रह रहे लोगों को भी सुविधा होगी. भूमि सुधार और राजस्व विभाग की वेबसाइट (डीएलआरएस) के जरिए दस्तावेज जमा कराया जा सकता है. आवेदन के साथ रैयत अपना जरूरी कागजात भी अपलोड कर पाएंगे. भूमि सुधार और राजस्व विभाग ने रैयतों के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने की सुविधा शुरू की है. सर्वे की मॉनिटरिंग कर रहे जिला बंदोबस्त पदाधिकारी फिरोज अख्तर ने बताया कि इसके लिए विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के साथ स्वघोषणा पत्र और जरूरी कागजात प्रपत्र दो और तीन (एक) में अपलोड करना है. प्रपत्र दो स्व घोषणा पत्र और प्रपत्र तीन (एक) वंशावली है. ऑनलाइन आवेदन करनेवाले रैयत को सत्यापन के समय खुद या उनके प्रतिनिधि का हाजिर रहना अनिवार्य है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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