Bihar Ka Mausam: बिहार में ठंडी हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है. रात में ठंडी बर्फीली हवाएं लोगों को खूब सता रही. इस बीच मौसम विभाग ने पूरे बिहार को अगले 4 दिनों के लिए अलर्ट कर दिया है. मौसम विभाग की तरफ से 8 जनवरी को 25 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन सभी जिलों में कोल्ड डे और घने कुहासे की स्थिति बनी रहेगी. इस तरह से ठंड का डबल अटैक रहेगा. शिमला जैसी ठंड लोगों को महसूस हो सकेगी.
इन 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने जिन 25 जिलों में ठंड के डबल अटैक को लेकर चेतावनी जारी की है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, कटिहार, सिवान, बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद शामिल है. इन सभी जिलों कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रहेगी.

पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?
पिछले 24 घंटे में मौसम की बात करें तो विभाग के मुताबिक, मंगलवार को राज्य में रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया. सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस सबौर (भागलपुर) में रहा. यह न्यूनतम तापमान इस सीजन में पूरे बिहार में अब तक का सबसे कम रहा है. खास बात यह रही कि पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री से 9.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा.
अलग-अलग जिलों में कितना रहा तापमान?
आईएमडी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गयाजी और बोधगया में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री, राजगीर और नालंदा में 5.5, जीरादेई में 5.7, समस्तीपुर में 6.3, औरंगाबाद में 6.4, भागलपुर और वाल्मीकिनगर में 6.6, छपरा में 6.8 और डेहरी में सात डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ है.
राज्य में रात में ठंड और बढ़ने के आसार हैं. आईएमडी के अनुसार अगले चार दिनों के दौरान में न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट पूर्वानुमान है. कई जगह खासतौर पर उत्तरी बिहार के जिलों में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है.
पटना में मौसम का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक, पटना में भी अगले कुछ दिनों तक ठंड की स्थिति वर्तमान की तरह बनी रहेगी. पटना में कनकनी की वजह से लोगों की हालत खराब हो रखी है. आज सुबह से कई इलाकों में घना कोहरा दिखा. लेकिन दोपहर के वक्त धूप खिली. मंगलवार को भी सुबह घने कोहरे के बाद दोपहर तक धूप खिली. लेकिन बर्फीली हवाओं की वजह से दिनभर कनकनी महसूस हुई. शाम-शाम तक लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा.

