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Bihar Ka Mausam: थर-थर कांपेगा बिहार! पटना-पूर्णिया में घना कोहरा, जानें कब से लौटेगी कड़ाके की ठंड

Updated at : 16 Dec 2025 7:20 AM (IST)
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Bihar Ka Mausam: थर-थर कांपेगा बिहार! पटना-पूर्णिया में घना कोहरा, जानें कब से लौटेगी कड़ाके की ठंड

Bihar Ka Mausam

Bihar Ka Mausam: सुबह घर से निकलते ही आंखों के आगे धुंध की मोटी चादर और दोपहर होते-होते तेज धूप. बिहार में मौसम का यह दोहरा मिजाज आखिर कब बदलेगा?

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Bihar Ka Mausam: पटना, पूर्णिया समेत बिहार के कई जिलों में सुबह के वक्त घना कोहरा लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है, जबकि दिन चढ़ने के साथ ही तेज धूप ठंड का अहसास कम कर दे रही है. तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे दिसंबर के मध्य में भी कंपकंपाने वाली ठंड अब तक महसूस नहीं हो रही.

IMD का कहना है कि फिलहाल यही पैटर्न बना रहेगा, हालांकि दिसंबर के आखिरी दिनों में मौसम करवट ले सकता है और कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है.

सुबह कोहरा, दोपहर में धूप

बिहार में इन दिनों ठंड का असर मुख्य रूप से सुबह और रात तक सीमित है. दिन निकलते ही आसमान साफ हो जाता है और तेज धूप खिलने लगती है. पटना, पूर्णिया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में मंगलवार की सुबह भी यही स्थिति देखने को मिली. गया में विजबिलिटी 300 मीटर तक दर्ज की गई, जो घने कोहरे की गंभीरता को दर्शाती है.

IMD के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक सुबह कोहरा और दिन में साफ मौसम का यह सिलसिला जारी रह सकता है.

इन जिलों में कोहरे का ज्यादा असर

बिहार मौसम सेवा केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, रोहतास, मधुबनी, किशनगंज, जमुई, बांका और भागलपुर के हिस्सों में रात और सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. दक्षिण बिहार के जिलों में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक देखा जा रहा है. यह स्थिति सिर्फ एक-दो दिन की नहीं, बल्कि आगे भी बनी रह सकती है, जिससे सुबह के समय सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ने की आशंका है.

क्यों नहीं पड़ रही है कंपकंपाने वाली ठंड

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार इस सीजन में अब तक कोई भी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ है. आमतौर पर जब पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तब वहां बर्फबारी होती है और पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं बिहार जैसे मैदानी इलाकों में तापमान को तेजी से गिरा देती हैं. इसी कारण कोल्ड डे और शीतलहर जैसी स्थिति बनती है. फिलहाल ऐसे हालात नहीं बने हैं, इसलिए ठंड अपेक्षाकृत हल्की महसूस हो रही है.

पश्चिमी विक्षोभ पर क्या कहता है पूर्वानुमान

IMD के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है, जबकि एक अन्य ट्रफ के रूप में बना हुआ है. 17 दिसंबर की रात से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसका असर बिहार में बेहद सीमित रहने की संभावना है. इससे तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन ठंड में बड़ी गिरावट के आसार फिलहाल नहीं हैं.

राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा. अगले दो दिनों के दौरान बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चल सकती है. अगले तीन दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच और रात का तापमान 8 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है.

पिछले 24 घंटे में क्या रहा तापमान

बीते 24 घंटों में फारबिसगंज में अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान कैमूर में 7.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, रोहतास, नवादा और अररिया में रात का तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि अन्य जिलों में यह 10 से 12.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा.

IMD के अनुसार दिसंबर के आख़िरी दिनों में मौसम एक बार फिर से करवट ले सकता है. यदि पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षाकृत मजबूत हुआ, तो बिहार में ठंड का असर बढ़ सकता है और लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ सकता है. तब तक सुबह के कोहरे और दिन की धूप के साथ सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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