कोरोनाकाल के एक रिपोर्ट में छिपी है शाहनवाज हुसैन की उम्मीद, जानें बिहार में उद्योग और रोजगार को कैसे देंगे रफ्तार

बिहार में रोजगार और उद्योगों की मांग बेहद पुरानी है्. कोरोनाकाल में इसकी मांगों ने और तूल पकड़ लिया है. वहीं इस बीच नयी सरकार के गठन होने के बाद बिहार में नीतीश सरकार की कैबिनेट का विस्तार कर दिया गया है. सरकार में उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी बेहद अनुभवी चेहरे और केंद्र सरकार की कैबिनेट में मंत्री रहे शाहनवाज हुसैन के कंधे दी गई है.
बिहार में रोजगार और उद्योगों की मांग बेहद पुरानी है्. कोरोनाकाल में इसकी मांगों ने और तूल पकड़ लिया है. वहीं इस बीच नयी सरकार के गठन होने के बाद बिहार में नीतीश सरकार की कैबिनेट का विस्तार कर दिया गया है. सरकार में उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी बेहद अनुभवी चेहरे और केंद्र सरकार की कैबिनेट में मंत्री रहे शाहनवाज हुसैन के कंधे दी गई है.
बिहार में टेक्सटाइल का भविष्य देख रहे शाहनवाज हुसैन को नीतीश कुमार के द्वारा कोरोनाकाल में कराया गया स्किल मैपिंग इसमें सहायक साबित होता दिख रहा है.शाहनवाज हुसैन ने उद्योग मंत्रालय की कमान संभालने के बाद अब अपना काम भी शुरू कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि बिहार में टेक्सटाइल के भविष्य की काफी संभावनाए हैं. उनका मानना है कि बिहार में ही ऐसी क्षमता है जो इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले बांग्लादेश को चुनौती दे सके.
शाहनवाज ने बताया कि बतौर उद्योग मंत्री यह सेक्टर उनके लिए खास प्राथमिकता में रहेगा. वो केंद्र सरकार में टेक्सटाइल मंत्री भी रह चुके हैं, और इस अनुभव का उन्हें फायदा मिलेगा. उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक बड़ा व दुरदर्शी काम किया है. बाहर के राज्यों में काम करने वाले जितने भी कामगार यहां से लौटे तो उनका स्किल मैपिंग करा लिया गया. शाहनवाज ने कहा कि उन्होंने इस रिपोर्ट को देखा हैं. इसमें सत्तर प्रतिशत कामगार ऐसे हैं जो टेक्सटाइल क्षेत्र में काम कर रहे हैं.
उद्योग मंत्री ने कहा कि जब बिहार में कुशल कामगार, जमीन और सरकार के सहयोग के साथ ही बिजली भी उपलब्ध है तो इस क्षेत्र में तरक्की भी काफी तेजी से की जा सकती है.उन्होंने संपन्न बिहारवासियों से अपने राज्य में वापस आने की अपील की. वहीं निवेशकों को बिहार लाने की बात पर उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें जहां भी जाना पड़ेगा वो जाएंगे. डेयरी उत्पदकों से भी अपील करेंगे कि वो बिहार में अपनी उत्पादन इकाई लगाए. एग्रा बेस्ड इंडस्ट्री, हैंडलूम सेक्टर, इथेनॉल इंडस्ट्री पर भी विशेष काम करने की बात उन्होंने कही.
Posted By: Thakur Shaktilochan
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