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Bihar Bhumi: विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान, भू-लगान में लापरवाही पड़ेगी भारी, दोषी अफसर नहीं बचेंगे

Updated at : 27 Jan 2026 6:56 PM (IST)
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vijay sinha on bihar bhumi

विजय सिन्हा की फाइल फोटो

Bihar Bhumi: ऑफलाइन भू-लगान वसूली पर बिहार सरकार सख्त हो गई है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रोक के बावजूद रसीद काटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है. सरकार ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और आपराधिक कृत्य माना है.

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Bihar Bhumi: बिहार में भू-लगान वसूली को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बड़ा आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि रोक के बावजूद यदि किसी जिले में ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी की जाती है, तो इसे महज प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि गंभीर अनुशासनहीनता और आपराधिक कृत्य माना जाएगा. ऐसे मामलों में दोषी अधिकारी या कर्मी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

मंगलवार को विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार ने भू-लगान भुगतान और रसीद निर्गत करने की पूरी व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है. इसके बावजूद कहीं भी ऑफलाइन रसीद जारी होना, फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

सभी जिलों को पत्र, प्रधान सचिव ने दिए निर्देश

इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच कई बार विभागीय अधिसूचनाओं के जरिए यह स्पष्ट किया जा चुका है कि ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध है. इसके बावजूद कुछ जिलों में अब भी इस नियम की अनदेखी की जा रही है, जो बेहद गंभीर मामला है.

जिला मुख्यालय में जमा होंगी सभी ऑफलाइन रसीदें

पत्र में निर्देश दिया गया है कि अंचल स्तर पर उपलब्ध सभी ऑफलाइन लगान रसीदों को एकत्र कर जिला मुख्यालय में सुरक्षित रखा जाए और उनकी विस्तृत लिस्ट विभाग को भेजी जाए. पहले से उपयोग में लाई गई और बिना उपयोग की गई, दोनों तरह की ऑफलाइन रसीदों को तय तिथि तक जिला अभिलेखागार में जमा कराने के आदेश भी दिए गए हैं.

कई जिलों से रिपोर्ट, कई अब भी मौन

विभाग को अब तक शेखपुरा, पूर्णिया, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है. हालांकि कई जिले अब भी रिपोर्ट नहीं भेज पाए हैं, जिस पर विभाग ने नाराजगी जताई है.

अब भी मिल रही शिकायतें, साजिश की आशंका

ताजा शिकायतों के मुताबिक सीतामढ़ी, वैशाली, पूर्वी चंपारण, सहरसा और सुपौल जैसे जिलों में अब भी ऑफलाइन लगान रसीद जारी की जा रही है. विभाग ने इसे न सिर्फ नियमों का उल्लंघन बताया है, बल्कि इसके पीछे आपराधिक साजिश की संभावना से भी इंकार नहीं किया है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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