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Bihar Bhumi: अब घर बैठे सुधरेंगे जमीन के कागजात

Updated at : 19 Aug 2025 9:14 AM (IST)
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Bihar Bhumi

सांकेतिक फोटो

Bihar Bhumi: जमीन की जमाबंदी ठीक कराने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं. सरकार खुद आपके दरवाजे पर पहुंचा रही है सुविधा. आवेदन से लेकर निष्पादन तक सब कुछ होगा डिजिटल.

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Bihar Bhumi: बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 16 अगस्त से पूरे राज्य में राजस्व महाअभियान की शुरुआत की है. इस अभियान का मकसद है—भूमि अभिलेखों को अपडेट करना, त्रुटियों को सुधारना और सब कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना. जिला स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है.

दफ्तरों के चक्कर नहीं, सुविधा आपके घर पर

सीओ मनीष कुमार चौधरी के मुताबिक, अब रैयतों को (भूमि मालिकों को) जमाबंदी की प्रति घर पर उपलब्ध कराई जा रही है. मौके पर ही सुधार हेतु आवेदन भी स्वीकार हो रहा है.

मृत पूर्वजों के नाम पर दर्ज जमीन पर फोकस

अभियान के तहत उन जमीनों को प्राथमिकता दी जा रही है जो अभी भी मृत पूर्वजों के नाम पर दर्ज हैं.

वारिसों के नाम पर नई जमाबंदी तैयार होगी.

पंजी-2 में उत्तराधिकारियों का नाम दर्ज किया जाएगा.

आगे चलकर लगान की रसीद भी उन्हीं के नाम से जारी होगी.

डिजिटलीकरण से पारदर्शिता और सुविधा

राजस्व पदाधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि यह पहल केवल नाम, खाता संख्या, खेसरा या क्षेत्रफल जैसी गलतियों को ठीक करने तक सीमित नहीं है। सभी अभिलेख डिजिटाइज होकर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।
इससे किसानों और आम नागरिकों को—

बैंक ऋण

मुआवजा

सरकारी योजनाओं का लाभ

खरीद-बिक्री की सुविधा
बिना रुकावट मिलेगी

संयुक्त जमीन पर भी समाधान

जहां जमीन संयुक्त नाम पर दर्ज है, वहां आपसी सहमति, रजिस्ट्री या कोर्ट के आदेश के आधार पर हिस्सेदारों के नाम अलग-अलग जमाबंदी दर्ज की जाएगी. प्रत्येक हल्का क्षेत्र में दो शिविर लगाए जाएंगे। 20 सितंबर से 30 अक्टूबर तक सभी आवेदनों का निष्पादन होगा.

अब किसानों को मिलेगा हक

बीडीओ परवेज आलम के अनुसार, अधूरी जमाबंदी के कारण किसान बैंक ऋण और योजनाओं से वंचित रह जाते थे. अब डिजिटल रिकॉर्ड से उन्हें सीधा लाभ मिलेगा और भूमि विवाद की संभावनाएं भी घटेंगी.

सिकटी अंचल में बड़ा अभियान

सिर्फ सिकटी अंचल में ही 57 मौजों को इस अभियान में शामिल किया गया है। शिविरों के जरिये व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है.

हल्का अनुसार विवरण:
हल्का मौजा की संख्या जमाबंदी की कुल संख्या
दहगामा 6 4995
कुचहा 3 4054
मुरारीपुर 4 4842
पड़रिया 2 4521
बोकांतरी 2 5494
खोरागाछ 5 5275
मजरख 7 3756
आमगाछी 4 4916
कौआकोह 5 5638
बरदाहा 4 3475
बेंगा 3 2778
डेढूआ 4 4864
भीड़भिड़ी 2 5407
ठेंगापुर 6 5331

डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती

यह राजस्व महाअभियान बिहार सरकार की एक बड़ी पहल है. इससे न केवल डिजिटल इंडिया मिशन को बल मिलेगा बल्कि आम जनता को जमीन संबंधी कार्यों में पारदर्शिता, सुविधा और अपने अधिकार का भरोसा भी मिलेगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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