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Bihar News: बकरिया गैंग ने 30 दिनों में लूटे 5 बैंक, गर्लफ्रेंड के घर छिपाए पैसे, जमीन में किया निवेश, 2 गिरफ्तार

Updated at : 09 Aug 2024 9:02 PM (IST)
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पटना में पंजाब नैशनल बैंक से हुई डैकती के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी एक ही गैंग के हैं, जिनमें से एक गैंग का सरगना है. इस गैंग ने बीते एक महीने में राज्य में बैंक लूट की 5 घटनाओं को अंजाम दिया है.

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Bihar News: पटना पुलिस ने दुल्हिन बाजार के पीएनबी बैंक समेत पांच बैंकों में लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बकरिया गिरोह के दो सरगनाओं को गिरफ्तार किया है. पीएनबी बैंक से लूटे गए 20,48,800 रुपये में से 2,28,000 रुपये बरामद कर लिए गए हैं. इसके अलावा दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने 13 मोबाइल, एक टोपी और एक काला बैग बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना शाहपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी घनश्याम भारती और शत्रुघ्न कुमार शामिल हैं. इस मामले में गिरोह का मुख्य संचालक संतोष उर्फ ​​बकरिया, उदय कुमार समेत अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं.

गैंग में जमीन कारोबारी भी शामिल

पश्चिमी एसपी अभिनव धीमान ने शुक्रवार को पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस जांच में पता चला है कि जमीन कारोबारी घनश्याम गिरी इस लूट का मास्टरमाइंड है. घनश्याम गिरी, संतोष बाकरिया और पांच अन्य पार्टनर मिलकर जमीन का कारोबार करते हैं. घनश्याम पर काफी कर्ज था. अन्य पार्टनर उस पर बकाया पैसे के लिए दबाव बना रहे थे. जिसके बाद उसने संतोष बाकरिया के साथ मिलकर योजना बनाई और एक के बाद एक बैंक लूट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया. संतोष पुराना अपराधी है. उसके खिलाफ फुलवारीशरीफ, दानापुर में लूट, छिनतई और हत्या के प्रयास के चार मामले दर्ज हैं.

गर्लफ्रेंड के घर में छिपाया लूट का पैसा, जमीन में किया निवेश

धनश्याम के खिलाफ रूपसपुर में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है. घनश्याम की निशानदेही पर पुलिस ने संतोष उर्फ ​​बकरिया की प्रेमिका के घर छापेमारी कर वहां से दो लाख रुपये बरामद किए. जांच में पता चला कि संतोष और घनश्याम ने लूटे गए कुछ पैसों से अपना बकाया चुकाया था. उसने लाखों रुपये जमीन में निवेश किए. इसके अलावा कुछ पैसे उसने अपने रिश्तेदारों के पास छिपा रखे हैं. सिटी एसपी ने बताया कि घनश्याम को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी.

इन बैंकों में भी डाला डाका

सिटी एसपी वेस्ट ने बताया कि बकरिया गिरोह ने अपने कर्ज चुकाने के लिए एक के बाद एक बैंक लूट की वारदात को अंजाम दिया. उन्होंने बताया कि 3 जुलाई को बिहटा के उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, 15 जून को बिहटा के एक्सिस बैंक, 21 जून को धनरूआ एक्सिस बैंक, 1 जुलाई को शेखपुरा बरबीघा एक्सिस बैंक में 25 लाख की लूट और फिर 5 अगस्त को दुल्हिन बाजार में 20 लाख से अधिक की लूट की गई थी.

बकरिया समेत सभी अपराधी जमीन कारोबारी, घनश्याम पर था कर्जा

मिली जानकारी के अनुसार लूटकांड में शामिल बकरिया समेत सभी अपराधी जमीन कारोबारी है. इसी में घनश्याम पर इस धंधे में काफी कर्जा हो गया था. पुलिस ने उसके मोबाइल को खंगाला तो पता चला कि कई लोग उससे पैसे की डिमांड कर रहे थे. इसी को लेकर घनश्याम काफी परेशान चल रहा था. कर्ज चुकाने के लिए घनश्याम ने अपने साथी मोस्ट वांटेड क्रिमिनल संतोष कुमार उर्फ बकरिया के साथ मिलकर बैंक लूटने का प्लान बनाया. घनश्याम ने इसमें अपने साथी शत्रुध्न कुमार को रखा बाकी के साथ बकरिया ने जुटाया और लूट की साजिश रच दी.

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हर घटना में एक नंबर कॉमन, शत्रुध्न ने कराया सिम का जुगाड़

घटना से पहले शत्रुध्न ने सभी अपराधियों के लिए फर्जी सिम का जुगाड़ करवाया था. इसके बाद सभी घटना को अंजाम देने के लिए निकल गये. पीएनबी बैंक लूटकांड के बाद एसआइटी, एसटीएफ, डीआइयू, तकनीकी अनुसंधान, डायल 100 की टीम सभी बैंक लूटकांडों की जांच कर रही थी. टीम ने तकनीकी अनुसंधान में पाया कि हर घटना में एक नंबर कॉमन आ रहा है. इसके बाद उस नंबर की जांच शुरू हुई तो घनश्याम का नाम सामने आया.

पुलिस ने घनश्याम को थाना में बुलाकर में पूछताछ की, उस वक्त उसने इस घटना में होने से इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस ने शत्रुध्न को उठाया तो उसने पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया और घनश्याम के मास्टरमाइंड होने के बात कही. शत्रुध्न के निशानदेही पर पुलिस ने घनश्याम को भी गिरफ्तार कर लिया. जांच में यह बात आई कि हर लूट की घटना में यह गिरोह नया मोबाइल और नया सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था. घटना के बाद सिम और मोबाइल दोनों बदल देता था. पुलिस बताई कि यह गिरोह हमेशा ग्राीमण इलाके के वैसे बैंक को टार्गेट करता था जो फर्स्ट फ्लोर पर हो.

मंटू शर्मा समेत दो लोगों की हत्या में भी फरार चल रहा बकरिया

प्रॉपर्टी डीलर राजीव शर्मा उर्फ मंटू शर्मा और उसके पिता सुधीर शर्मा हत्याकांड में भी संतोष उर्फ बकरिया फरार चल रहा है. इसके अलावा उसपर कई और हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज है. इस घटना में सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और संतोष फरार चल रहा है. मालूम हो कि बीते 2022 में अपराधियों ने घर में घुसकर मंटू शर्मा, उसके पिता और उसके भाई पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी, जिसमें इलाज के दौरान मंटू शर्मा और उसके पिता की मौत हो गयी थी.

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Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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