बॉडीगार्ड्स के साथ क्लास लेने पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी, बोले- नर्वस हूं, पढ़ाने से पहले खुद पढ़ा सिलेबस

Updated:
विज्ञापन

एएन कॉलेज में छात्रों के बीच मंत्री अशोक चौधरी

Bihar News: बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने पटना के एएन कॉलेज में प्रोफेसर बनकर पॉलिटिकल साइंस की क्लास ली. खास बात यह रही कि पढ़ाने से पहले उन्होंने खुद सिलेबस पढ़कर तैयारी की और अपने नए रोल को लेकर उत्साह जताया.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी बुधवार सुबह एक अलग ही अंदाज में नजर आए. वे किसी सरकारी कार्यक्रम में नहीं, बल्कि प्रोफेसर के रूप में एएन कॉलेज पहुंचे और छात्रों को पॉलिटिकल साइंस की क्लास ली. यह पल इसलिए भी खास रहा क्योंकि जिस भवन का निर्माण उन्होंने मंत्री रहते कराया था, उसी में अब वे पढ़ाते दिखे.

क्लास से पहले की तैयारी, खुद पढ़ा सिलेबस

अशोक चौधरी ने इस नई भूमिका को गंभीरता से लेते हुए पहले ही सिलेबस मंगवाकर तैयारी की थी. उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद पढ़ाने जा रहे हैं, इसलिए खुद पढ़कर क्लास लेने पहुंचे. कॉलेज पहुंचते ही उन्होंने कहा कि मंत्री रहते हुए प्रोफेसर की भूमिका निभाना दुर्लभ होता है और उन्हें छात्रों से भी बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा.

‘ये सब महादेव का आशीर्वाद है’

जब उनसे पूछा गया कि जिस बिल्डिंग को उन्होंने बनवाया, उसी में पढ़ाने का अनुभव कैसा है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- ये सब महादेव का आशीर्वाद है. उनका यह जवाब वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.

सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट

अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपने इस नए सफर को साझा किया. उन्होंने लिखा कि यह उनके पिता का सपना था, जिसे अब वे जी रहे हैं. उनका उद्देश्य छात्रों को पॉलिटिकल साइंस को सिर्फ विषय नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र को समझने का माध्यम बनाकर पढ़ाना है.

‘थोड़ा नर्वस हूं, लेकिन उत्साहित भी’

मंत्री ने खुलकर स्वीकार किया कि 1991 में मास्टर्स करने के बाद अब 2026 में पढ़ाने लौटना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि वे थोड़ा नर्वस और एंजायटी महसूस कर रहे हैं, क्योंकि इतने वर्षों से उन्होंने नियमित पढ़ाई नहीं की थी. हालांकि, उन्होंने पूरी तैयारी के साथ क्लास ली.

कैसे बने असिस्टेंट प्रोफेसर?

अशोक चौधरी ने 16 फरवरी को पाटलीपुत्र यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर योगदान दिया और 17 फरवरी को AN कॉलेज के पॉलिटिकल साइंस विभाग में जॉइन किया. उनकी नियुक्ति बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा 2020 में निकाली गई बहाली प्रक्रिया के तहत हुई.

इंटरव्यू जून 2025 में हुआ और रिजल्ट भी उसी महीने जारी हुआ था. हालांकि, नाम को लेकर हुए विवाद के कारण उनकी नियुक्ति कुछ समय के लिए अटक गई थी, जिसे जनवरी 2026 में सुलझाया गया.

Also Read: LPG की लाइन से छुटकारा! बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, घर बैठे फ्री में ऐसे करें अप्लाई

विज्ञापन
अभिनंदन पांडेय

लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन