दरभंगा में एम्स निर्माण को रफ्तार, इस माह से शुरू हो सकता है काम

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दरभंगा में एम्स निर्माण को रफ्तार, इस माह से शुरू हो सकता है काम

उत्तर बिहार को बहुप्रतीक्षित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की सौगात मिली है. दरभंगा में बनने वाले एम्स के निर्माण कार्य ने अब असल जमीन पकड़ ली है.

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जल निकासी से लेकर बिजली और संपर्क मार्ग की तैयार हो रही है आधारशिला

संवाददाता,पटना

उत्तर बिहार को बहुप्रतीक्षित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की सौगात मिली है. दरभंगा में बनने वाले एम्स के निर्माण कार्य ने अब असल जमीन पकड़ ली है. निर्माण एजेंसी एचएससीसी इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) सुभाष शर्मा ने जानकारी दी कि एम्स दरभंगा के लिए चिह्नित भूमि का सीमांकन कार्य पूरा कर लिया गया है और बाउंड्री निर्माण के लिए टेंडर प्राप्त हो चुका है. विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में पिछले दिनों हाइब्रिड मोड में आयोजित समीक्षा बैठक में इसकी आद्यतन स्थिति पर चर्चा की गयी. बैठक में श्री शर्मा ने बताया कि इस माह से ही बाउंड्री वॉल का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा. मुख्य भवन के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है, जो आगामी दो माह में पूर्ण होने की संभावना है. डीपीआर निर्माण आइआइटी दिल्ली द्वारा किया जा रहा है. समीक्षा बैठक में जल निकासी को प्राथमिक चुनौती माना गया. एम्स परिसर को बाढ़ और जलजमाव से बचाने के लिए जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने चारों ओर रिंग बांध बनाने का सुझाव दिया है. साथ ही परिसर से जल निकासी के लिए नाली निर्माण भी प्रस्तावित है. एचएससीसी से इस पर तकनीकी राय ली जायेगी. एम्स, दरभंगा के लिए चिह्नित भूमि दो स्तरों की होने के कारण करीब पांच मीटर मिट्टी भराई की आवश्यकता होगी. इसके लिए राज्य सरकार ने 309.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है. मिट्टी की आपूर्ति के लिए आसपास की नदियों की बालू और मिट्टी का उपयोग किए जाने पर सहमति बनी. नाॅर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने बताया कि भूमि से होकर 400 केवी की दरभंगा-सीतामढ़ी ट्रांसमिशन लाइन गुजर रही है, जिसे शिफ्ट किया जायेगा. 11.67 करोड़ की लागत से एक पावर सबस्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार है, वहीं भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ग्रिड स्टेशन की स्थापना पर भी विचार हो रहा है, जिस पर करीब 347 करोड़ रुपए खर्च होंगे. बिजली परियोजनाओं के खर्च को लेकर 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी का सुझाव सामने आया है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के सचिव को दिल्ली भेजा जायेगा ताकि वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव से इस पर अंतिम सहमति प्राप्त कर सकें.

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