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लालू परिवार को जदयू की इफ्तार पार्टी का मिला आमंत्रण, कई बड़े नेताओं को भी भेजा गया न्योता

कुछ दिनों पहले राज्य की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर इफ्तार का आयोजन किया गया था. वहीं अब 28 अप्रैल को नीतीश कुमार की पार्टी JDU की ओर से हज भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया जाएगा.

By Prabhat khabar Digital
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इफ्तार पार्टी
इफ्तार पार्टी
prabhat khbar

बिहार में इन दिनों राजनीतिक इफ्तार पार्टी का दौर चल रहा है. कुछ दिनों पहले राज्य की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर इफ्तार का आयोजन किया गया था जिसमे मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को भी निमंत्रित किया गया था. नीतीश कुमार पैदल ही राबड़ी देवी के आवास पर इफ्तार पार्टी में पहुंचे थे.

28 अप्रैल को जदयू की इफ्तार पार्टी 

अब 28 अप्रैल को नीतीश कुमार की पार्टी JDU की ओर से हज भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया जाएगा. जिसका आमंत्रण जेडीयू की ओर से भी आरजेडी के लोगों को भेजा गया है. साथ ही कई और दल के नेताओं को भी निमंत्रण दिया गया है. लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, जगदानंद सिंह, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव समेत और भी लोगों को निमंत्रण पत्र गया है. ऐसे में नीतीश कुमार और तेजस्‍वी यादव के बीच एक सप्‍ताह के अंदर दूसरी बार मुलाकात होने की संभावना प्रबल हो गई है.

आमंत्रण
आमंत्रण
इंटरनेट

सलीम परवेज कर रहे आयोजन 

JDU अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सलीम परवेज की ओर से गुरुवार को इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है. इफ्तार पार्टी का आयोजन हज भवन में किया जाएगा. सलीम परवेज ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार की जानकारी में लालू राबड़ी, तेजस्वी को इफ्तार में न्योता दिया गया है. उन्होंने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि राजनीति में कब क्या होगा यह कहा नहीं जा सकता. लालू यादव अगर आ जाएं तो चार चांद लग जाए.

राजद दो दशकों से कर रही आयोजन 

राबड़ी देवी के आवास पर नीतीश कुमार के इफ्तार में शामिल होने के बाद सियासी अटकलें तेज हो गई थी जिसके बाद तेजस्वी यादव ने कहा था कि राजद दो से भी अधिक दशकों से इफ्तार और मकर संक्रांति का आयोजन करती रही है.

तेजस्वी ने पारंपरिक आयोजन बताया था 

तेजस्वी ने कहा की हम हमेशा सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक पारंपरिक आयोजन था और इसका एकमात्र संदेश शांति, सद्भाव, भाईचारा और सौहार्द्र से निकाला जाना चाहिए. इसका सियासी मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए.

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