ePaper

शहाबुद्दीन के वकीन की दलील, जेल शिफ्टिंग राज्य सरकार का अधिकार, कोर्ट दखल न दे, SC में अगली सुनवाई कल

Updated at : 30 Nov 2016 3:55 PM (IST)
विज्ञापन
शहाबुद्दीन के वकीन की दलील, जेल शिफ्टिंग राज्य सरकार का अधिकार, कोर्ट दखल न दे, SC में अगली सुनवाई कल

नयी दिल्ली : राजद नेता एवं पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को बिहार से दिल्ली शिफ्ट किए जाने के मामले मेंआज सुप्रीम कोर्टमें सुनवाईहुई. शहाबुद्दीन के वकील नेआज सुनवाई के दौरान कोर्ट से कहा कि जेल स्थानांतरित करने का अधिकार राज्य सरकार को है. अब तक सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो कोर्ट हस्तक्षेप न करें. […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : राजद नेता एवं पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को बिहार से दिल्ली शिफ्ट किए जाने के मामले मेंआज सुप्रीम कोर्टमें सुनवाईहुई. शहाबुद्दीन के वकील नेआज सुनवाई के दौरान कोर्ट से कहा कि जेल स्थानांतरित करने का अधिकार राज्य सरकार को है. अब तक सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो कोर्ट हस्तक्षेप न करें. इस मामले पर सुप्रीम कोर्टमें अब आगे की सुनवाई कल होगी.

इससे पहलेसीवान के पूर्व सांसद से जुड़े मामले को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने कोर्ट से कहा कि शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल भेजने में उसे कोई आपत्ति नहीं है. न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायाधीश अमिताव राय के पीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने कहा कि गवाहों और उनकी सुरक्षा के मद्देनजर शहाबुद्दीन को सीवान जेल से तिहाड़ जेल भेजना जरूरी है. बिहार सरकार ने भी सीबीआइ के रुख से सहमति जाहिर कीऔर कहा, वह पहले ही शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल भेजने के पक्ष में है. हालांकि, बिहार सरकार की ओर से पीठ से कहा गया कि शहाबुद्दीन के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई के तरीके पर भी फैसला करना चाहिए.

गौर हो कि शहाबुद्दीन के खिलाफ चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के बेटे की हत्या के मामले की जांच सीबीआइ से कराने, उन्हें दिल्ली की जेल में ट्रांसफर करने की मांग के साथ-साथ शहाबुद्दीन पर बिहार की अदालतों में चल रहे विभिन्न मुकदमों के गवाहों की सुरक्षा से संबंधित मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई चल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोमवार को टिप्पणी की थी कि आपराधिक मामलों में निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए और यह मामला गवाहों की सुरक्षा, निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत पर विचार के लिए एक टेस्ट केस की तरह है.

सीबीआइ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीके डे और पी नरसिम्हन ने पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक सीलबंद लिफाफे में पेश की और कहा कि सीबीआइ को शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल भेजने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन