असाध्य रोग की दशा में सुरक्षा
राज्य के भीतर असंगठित कार्य क्षेत्र में कार्यरत कामगारों एवं शिल्पकारों को उनकी सामान्य या दुर्घटना में मृत्यु, दुर्घटना में पूर्ण या आंशिक नि:शक्तता, चोट लगने पर अस्पताल में भरती होने व असाध्य रोग की दशा में सुरक्षा प्रदान करना है. कामगारों व शिल्पकारों के बच्चों को स्कूली, व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने के उद्देश्य से बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार व शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना को लागू किया गया है.
ये हैं पात्र
राज्य के उन सभी कामगारों व शिल्पकारों को इसका लाभ मिलेगा जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं.
योजना का लाभ 18 से 65 साल के बीच के कामगारों व शिल्पकारों को मिलेगा. उम्र की गणना साल के जुलाई से होगी.
अगर कामगार या शिल्पकार आम आदमी बीमा योजना में बीमित हैं तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
स्वाभाविक मृत्यु पर आश्रितों को 30 हजार और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 लाख अनुदान मिलेगा.
स्थायी नि:शक्तता पर 75 हजार और स्थायी आंशिक नि:शक्तता पर 37500 का अनुदान.
चोट लगने पर कम से कम पांच दिन अस्पताल में रहने पर 5000 चिकित्सीय सहायता.
कैंसर में शल्य क्रिया पर 25 व बिना शल्य क्रिया के 15 हजार, हृदय रोग में 15 से 30 हजार, किडनी की बीमारी में 30 हजार मिलेंगे. बीमारी में 7500 से 30 हजार तक सहायता राशि मिलेगी.
कैसे मिलेगा लाभ
मृत्यु के मामले में- सामान्य या दुर्घटना में मृत्यु होने पर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक या सीधे जिलाधिकारी के यहां फाॅर्म भरकर आवेदन देना होगा. अगर फाॅर्म नहीं हो तो मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ सादे कागज पर भी आवेदन दे सकते हैं.
नि:शक्तता में : पूर्ण स्थायी या आंशिक नि:शक्तता मामले में अनुदान के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक या सीधे जिलाधिकारी के यहां आवेदन देना होगा. फाॅर्म नहीं हो तो मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ सादे कागज पर भी आवेदन दे सकते हैं.
