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भगवान सूर्य से स्वास्थ्य व मंगल की कामना

Updated at : 08 Nov 2016 7:04 AM (IST)
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भगवान सूर्य से स्वास्थ्य व मंगल की कामना

पटना : पहिले पहिले हम कईनी छठ मईया वरत तोहार….लोक आस्था का यह रंग राजधानी पटना के 60 से ज्यादा घाटों के साथ लाखों घरों और कॉलाेनियों के तालाबों में कुछ इस कदर साकार हुआ कि पूरा शहर छठ मइया की आराधना में लीन हो गया. तड़के दो बजे से ही श्रद्धालुओं से शहर पट […]

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पटना : पहिले पहिले हम कईनी छठ मईया वरत तोहार….लोक आस्था का यह रंग राजधानी पटना के 60 से ज्यादा घाटों के साथ लाखों घरों और कॉलाेनियों के तालाबों में कुछ इस कदर साकार हुआ कि पूरा शहर छठ मइया की आराधना में लीन हो गया. तड़के दो बजे से ही श्रद्धालुओं से शहर पट गया था और सड़कों पर भीड़ कुछ इस कदर उमड़ी की पूरे अशोक राजपथ पर वाहनों का रेला दिखायी दे रहा था.
सब लोग घाटों पर जल्दी-जल्दी पहुंचना चाह रहे थे. भगवान भास्कर के उदीयमान स्वरूप को निहारने के लिए सबलोग टकटकी लगाये रहे और जैसे ही सुबह के छह बजे उनकी लालिमा को देखने के बाद सब लोग बाग प्रसन्न हो गये. उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ देने के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ अपने चरम पर था. घाटों पर भीड़ केवल अपनी आस्था जताने के लिए नहीं बल्कि इस महान पूजा का हिस्सा बनने को लालायित थी. अर्घ देने के बाद अग्निदेव की पूजा और फिर दीपदान के साथ ही कोशी भरने की परंपरा पूरी हुई. इसके बाद व्रतियों ने पारण किया और सभी इसके बाद प्रसाद खाकर गंगा घाटों से अपने अपने घरों की आेर रवाना हुए.
दीपदान और कोशी भरने की परंपरा का निर्वहन : दीपदान और कोशी भरने की परंपरा संपन्‍न कराने के लि‍ए लोग जल्‍दी छठ घाटों पर पहुंच रहे थे. ऐसी मान्‍यता है कि‍ ऐसे व्रती जि‍नके घर में उस साल खुशी या प्रगति‍ होती है वे कोशी भरते हैं. इसके अंतर्गत ईख का मंडप बनाकर उसके नीचे डाला (टोकरी) में दीप सजाकर रखा जाता है. महि‍लाएं कोशी भरने का गीत गाती हैं और दी गयी खुशी के लि‍ए छठ मइया को धन्‍यवाद देती हैं साथ ही अपना और अपने परि‍वार का कुशल-क्षेम बरकरार रखने के लि‍ए छठ मां से आशीर्वाद लेती हैं. यह दृश्‍य अलौकि‍क होता है. इस अवसर पर पूरे घाट का वातावरण छठ मइया के गीतों से गुंजायमान हो रहा था. इससे पहले शनिवार की शाम को अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ दि‍या गया था.
सड़क से लेकर घाटों तक दिखा सेवा भाव
चार दिवसीय छठ पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. पर्व के अंतिम दिन लाखों की संख्या में लोग गंगा घाटों पर पहुंचे और भगवान भाष्कर को अर्घ दिया. दीघा से लेकर पटना सिटी के गायघाट तक तमाम घाटों पर खासी भीड़ रही, लेकिन दीघा, कलेक्ट्रियट, महेंद्रू घाट व गायघाट पर काफी अच्छा स्पेश होने की वजह से एक ही जगह श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गयी. दरभंगा हाउस व गांधी घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े. शाम से लेकर सुबह के अर्घ तक सड़कों पर आम कार्यकर्ताओं को खूब सेवा भाव देखा गया. जगह-जगह पर इन लोगों न सिर्फ पूजन सामग्रियों का वितरण किया, बल्कि हर कोशिश की कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की तकलीफ न हो. फल से लेकर धूप व दूध तक नि:शुल्क बांटे गये.
सफाई से लेकर ट्रैफिक इंतजाम दिखे चकाचक
सड़क से लेकर घाट तक साफ-सफाई से लेकर ट्रैफिक इंतजाम चकाचक दिखे. दीघा के कुछ घाटों पर वाहन तक ले जाने की सुविधा थी, जबकि कलेक्ट्रियट व महेंद्रू घाट के लिए गांधी मैदान में पार्किंग स्थल की व्यवस्था थी. गांधी घाट के लिए साइंस कॉलेज में पार्किंग बनी थी. स्वयंसेवकों व जिला प्रशासन के प्रयास से न सिर्फ रास्तों पर पूरी सफाई दिखी, बल्कि ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर तैनात कर्मी भी पूरी मुस्तैदी के साथ डटे दिखे.
घाटों पर अलर्टनेस
होती रही उद्घोषणा
घाटों पर तैनात कर्मियों की अलर्टनेस भी देखते ही बन रही थी. दो साल पहले हुयी दुर्घटना की वजह से कलेक्ट्रेट घाट व महेंद्रू घाट पर विशेष अलर्टनेस दिख रही थी. डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने खुद दो बार इस घाट का चक्कर लगाया. घाट तक पहुंचने के लिए बनाये गये पीपा पुल पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसलिए लगातार लोगों को आगे बढ़ने के लिए उद्घोषणा की जा रही थी. रास्ते में तैनात स्वयंसेवक भी लगातार इसमें मदद कर रहे थे. घाटों पर बनाये गये यूरिनल व चेंजिंग रूम की वजह से गंदगी थोड़ी कम दिखी.
पानी घटा, बढ़ा कीचड़ बालू से मिली राहत
दीघा व कलेक्ट्रियट के घाट पर कई जगह अचानक से पानी घट जाने की वजह से कीचड़ हो गया. हालांकि उस जगह मिट्टी की बजाय बालू अधिक होने से लोगों को कम परेशानी हुयी. बैरिकेडिंग से बाहर जाने से रोकने के लिए एनडीआरएफ व बचाव राहत दल के कर्मी नदी में गश्ती कर रहे थे.
शहर में तालाब और पार्कों में भी पड़े अर्घ
शहर के तालाब व पार्कों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं रही. कंकड़बाग के शिवाजी पार्क, पंच शिव मंदिर से लेकर गर्दनीबाग के कच्ची तालाब, बीएमपी, संजय गांधी जैविक उद्यान आदि तालाब व पार्कों में खासी भीड़ देखी गयी. नगर निगम ने इस बार 42 तालाबों व पार्कों में अर्घ की व्यवस्था कर रखी थी. इसके अलावा अपार्टमेंट से लेकर घरों में भी कई जगह लोगों ने छत पर ही बने हौज में भगवान सूर्य को अर्घ दिया.
पटना : छठ पर्व के लिए शहर के घाटों की बेहतर तैयारी पर जिला प्रशासन को प्रशंसा मिल रही है. शहर के 88 घाटों पर उमड़ी पांच लाख से अधिक भीड़ के बावजूद कोई हादसा नहीं होना, इसकी सबसे बड़ी वजह है. दीघा से लेकर पटना सिटी तक बने घाटों पर छठ श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक अर्घ दिया और व्यवस्था की प्रशंसा करते घर लौटे. जिला प्रशासन के मुखिया डीएम संजय कुमार अग्रवाल इसके लिए टीमवर्क को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से चल रही लगातार मॉनीटरिंग इसकी सबसे बड़ी वजह है. बेहतर अायोजन के लिए पटना कमिश्नर व नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने भी पटना डीएम को बधाई दी है.
डीएम ने कहा कि छठ पर्व को बेहतर व सुरक्षित बनाने में सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी/कर्मी, बुडको, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पीएचइडी, पुल निर्माण निगम, बिजली विभाग सहित सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियाें ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. उन्होंने मीडियाकर्मियों को भी बधाई देते हुए कहा कि पर्व की तैयारी से लेकर समापन तक लगातार विभिन्न समाचारपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पाॅजिटिव फीडबैक मिलता रहा.
श्रद्धालुओं में व्यवस्था को लेकर विश्वास जगाने व प्रतिनियुक्त कर्मियों की लगातार मॉनीटरिंग के लिए अर्घ के दौरान लगातार निरीक्षण किया. संध्या अर्घ के बाद रात्रि में घाटों का निरीक्षण कर उसकी अपेक्षित सफाई और मरम्मती करवायी. वहीं, सुबह तीन बजे से ही घाटों का निरीक्षण कर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की उपस्थित सुनिश्चित करायी. अपने प्रतिनियुक्ति स्थल से गायब रहे करीब सात दंडाधिकारियों पर कार्रवाई के लिए तत्काल विभाग को लिखा गया.
बेहतर आयोजन को लेकर ये रहे फैसले
एक माह पहले ही 21 टीम गठित कर घाट निर्माण व संपर्क पथों के निर्माण का कार्य प्रारंभ व इसकी नियमित समीक्षा.
पहली बार छठ पर्व हेतु मोबाइल एप का विकास. इसने लोगों को बेहतर घाट चुनने में मदद करने के साथ ही इससे जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां आम लोगों को मुहैया करायी. मोबाइल एप को अत्यंत ही उपयोगी बताते हुए पांच स्टार की रेटिंग दी गयी है.
छठ घाटों पर आम श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चेंज रूम, शौचालय, यूरिनल, पेयजल हेतु
चापाकल/टैंकर अादि की बेहतर व्यवस्था.
साइनेज के माध्यम से श्रद्धालुओं काे घाट व विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करना.
अपील की रिकाॅर्डिंग करा कर सभी घाटों पर लगातार प्रसारित करना ताकि आम श्रद्धालु उससे अवगत रहे.
घाट पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं कर्मियों को नियमित रूप से कंट्रोल रूम के माध्यम से
स्थिति का जायजा लिया जाता रहा.
प्रत्येक घाट के संबंध में विस्तृत विवरणी तैयार कर उसमें घाट के आस–पास पार्किंग की
व्यवस्था, मुख्य सड़क एवं पार्किंग स्थल से घाट की दूरी आदि, आम लोगों के जानकारी के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित कराना.
प्रत्येक घाट पर कंट्रोल रूम बना कर उसमें सशक्त पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था करना ताकि लगातार जिला प्रशासन की अपील कंट्रोल रूम से आम श्रद्धालुओं तक पहुंचती रहे.
प्रमंडलीय अायुक्त करेंगे पुरस्कृत, कार्यक्रम का होगा आयोजन
पटना : बिहार के महापर्व छठ का आयोजन सफल होने पर प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने कार्यक्रम में लगे सभी संबंधित अधिकारियों के कामों की सराहना की. उन्होंने कहा कि कार्ययोजना को पूरा करने में सफल रहने पर डीएम संजय कुमार अग्रवाल, नगर आयुक्त अभिषेक सिंह व बुडको के एमडी सहित सभी विभाग के अभियंताओं, घाट पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट के अलावा वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज व अन्य अधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा. इसमें बुडको, ऊर्जा विभाग, एनडीआरफ के लोग भी रहेंगे. उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस बार पूजा समितियों को भी विशेष सहयोग के लिए सम्मानित किया जायेगा. गौरतलब है कि बाढ़ के बाद घाटों के निर्माण में प्रशासन को अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा था. लेकिन, बेहतर प्रयास के बाद पूजा से पहले चार नवंबर तक पूरा कर लिया गया था. प्रमंडलीय आयुक्त ने निर्देश जारी कर कहा कि नगर निगम को कार्तिक पूर्णिमा तक घाटों की सफाई बरकरार रखने काे कहा है. उन्होंने कहा कि गंगा के कुछ घाटों पर इस अवसर पर काफी भीड़ लगता है. इसके लिए नगर निगम कलेक्ट्रेट, महेंद्रु घाट, काली घाट, गाय घाट व सिटी के कुछ घाटों पर विशेष रूप से सफाई रखने का अादेश दिया जायेगा. कार्तिक पूर्णिमा 14 नवंबर को मनाया जाना है.
पटना. छठ पूजा के साथ ही त्योहारों का मौसम खत्म हो गया. दशहरा व छठ पूजा के सफल आयोजन के बाद अब प्रकाशोत्सव की सफलता जिला प्रशासन की बड़ी जिम्मेवारी होगी. हालांकि उससे पहले 14 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा को लेकर एक बार घाटों पर भारी भीड़ उमड़ेगी. लेकिन चुनिंदा घाटों पर ही कार्तिक स्नान की वजह से ज्यादा परेशानी होने की उम्मीद नहीं है. डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को प्रकाशोत्सव को लेकर अगली बैठक होगी. अब पूरा फोकस प्रकाश पर्व पर ही होगा.
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