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85 पुलों का होगा ऑडिट, आइआइटी पटना व दिल्ली को जिम्मेदारी

Updated at : 01 Jun 2025 12:58 AM (IST)
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85 पुलों का होगा ऑडिट, आइआइटी पटना व दिल्ली को जिम्मेदारी

राज्य में पथ निर्माण विभाग की सड़कों पर स्थित 250 मीटर से अधिक लंबाई के 85 पुलों का इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी ब्रीज सेफ्टी ऑडिट करने की जिम्मेदारी आइआइटी पटना और आइआइटी दिल्ली को दी गयी है.

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संवाददाता, पटना राज्य में पथ निर्माण विभाग की सड़कों पर स्थित 250 मीटर से अधिक लंबाई के 85 पुलों का इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी ब्रीज सेफ्टी ऑडिट करने की जिम्मेदारी आइआइटी पटना और आइआइटी दिल्ली को दी गयी है. इसके लिए परामर्शी शुल्क के रूप में सोलह करोड़ इकसठ लाख आठ हजार पांच सौ इकहत्तर रुपये दिये जायेंगे. पथ निर्माण विभाग ने इसकी प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. इसका मकसद पुलों की स्थिति की जानकारी हासिल कर और उसे बेहतर बनाकर आमलोगों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है. इसके लिए ऑडिट के दौरान वर्तमान समय में उस पर गुजरने वाले वाहनों की संख्या के लिए मजबूती और टिकाऊपन का आकलन किया जायेगा. साथ ही ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही पुराने पुलों की जगह नया पुल बनाने या पुराने पुल को बेहतर बनाने का निर्णय विभाग के स्तर पर लिया जायेगा. फिलहाल इन 85 में से कई पुलों के कमजोर होने की सूचना है. सूत्रों के अनुसार ऑडिट के दौरान आइआइटी पटना और आइआइटी दिल्ली के विशेषज्ञ सभी 85 पुलों की संरचना और मजबूती, उसके टिकाऊपन की समय-सीमा, उस पर वर्तमान में गुजरने वाले वाहनों की संख्या, सहित पुलों के नीचे बहने वाली नदी के पानी तीव्रता आदि का आकलन करेंगे. ये पुल जिस समय बने थे उस समय इन पर गुजरने वाले वाहनों की संख्या कम थी. ऐसे में उसी अनुसार पुलों का निर्माण भार वहन क्षमता के अनुसार किया गया था. अब वर्तमान समय में पुलों से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में वर्तमान और भविष्य में बढ़ने वाले भारवहन क्षमता का आकलन कर नये सिरे से पुलों को बेहतर किया जायेगा. इसके साथ ही इन पुलों से गुजरने वाले वाहनों की भारवहन क्षमता को पुलों के दोनों सिरों पर प्रदर्शित किया जायेगा. इससे तय भार वहन क्षमता वाले वाहन ही इन पुलों से होकर गुजर सकेंगे. आइआइटी पटना और आइआइटी दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा 85 पुलों के ऑडिट के प्रगति की नियमित समीक्षा की जिम्मेदारी मुख्य अभियंताओं सहित पुल निर्माण निगम के एमडी को दी गयी है. इसमें मुख्य अभियंता (सेतु प्रबंधन) उपभाग, पथ निर्माण विभाग, मुख्य अभियंता (अनुश्रवण), पथ निर्माण विभाग सहित प्रबंध निदेशक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड शामिल हैं. सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में पुलों का सेफ्टी ऑडिट पथ निर्माण विभाग के साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग के पुलों का भी होगा. इसके लिए जर्जर पुलों की जानकारी जुटायी गयी है. इस दिशा में सेफ्टी ऑडिट करवाकर उसकी रिपोर्ट के आधार पर पुलों को बेहतर बनाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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