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शराबबंदी में सरकार बेकसूरों को फंसा सकती है : मोदी

Updated at : 09 Aug 2016 5:36 AM (IST)
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शराबबंदी में सरकार बेकसूरों को फंसा सकती है : मोदी

पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शराबबंदी को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि शराबबंदी की आड़ में दलितों व महादलितों के छह गांवों पर सामूहिक जुर्माना लगा कर सरकार ब्रिटिश काल की याद को ताजा कर रही है. शराब पीने के आरोप […]

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पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शराबबंदी को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि शराबबंदी की आड़ में दलितों व महादलितों के छह गांवों पर सामूहिक जुर्माना लगा कर सरकार ब्रिटिश काल की याद को ताजा कर रही है.
शराब पीने के आरोप में राजधानी के एक प्रतिष्ठित होटल से पकड़े गये सात कारोबारियों को एफएसएल की रिपोर्ट में मिली क्लीनचिट और उसके पहले पीएमसीएच की जांच में शराब का अंश नहीं मिलने से इस आशंका को बल मिला है कि सरकार बेकसूर लोगों को फंसा सकती है. शराबबंदी के पूर्णत: पक्ष में होने के बावजूद सामूहिक जुर्माना लगाने, संपत्ति जब्त करने व सभी बालिगों को गिरफ्तार करने जैसे प्रावधानों का समर्थन नहीं किया जा सकता.
कर सकती है. पुलिस को असीमित अधिकार देने, अंग्रेजों की तरह गांवों पर सामूहिक जुर्माना लगाने और 21 वीं सदी में हत्या व बलात्कार से भी कठोर शराबबंदी कानून लागू करने की वजह से बिहार की जगहंसाई हो रही है. सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि शराबबंदी के कठोर कानून का दुरुपयोग नहीं होगा.
नाम बदल कर सीएम विधायक योजना करें : डॉ प्रेम
विधान सभा में विपक्ष के नेता डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम को लेकर बेवजह विवाद खड़ा कर के राज्य के किसानों को बीमा योजना से जानबूझ कर वंचित करने की रणनीति बना ली है. राज्य के अंदर मुख्यमंत्री के नाम पर जितनी योजनाएं हैं, उनका भी नाम बदल कर ‘मुख्यमंत्री विधायक योजना’ करें.
फिर केंद्र की योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री क्यों ले रहे हैं. डॉ कुमार ने कहा कि बीमा प्रीमियम राशि को लेकर मुख्यमंत्री राज्य के 16 लाख किसानों को इसके लाभ से वंचित कर रहे हैं. उत्तर बिहार के 13 जिलों में बाढ़ से लाखोंं हेक्टयर फसल बरबाद हो गयी. है, जिस की फिक्र सरकार को नहीं है. दक्षिण बिहार के दर्जनों जिलों में सूखे की चपेट में किसानों के सामने खेती के लाले पड़े हुए हैं. मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न न बना कर किसानों के हितों को देखते हुए कदम उठाये.
सही विपक्ष की रचनात्मक होती है भूमिका : संजय
पटना. जदयू के मुख्य प्रवक्ता सह विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि सही विपक्ष की भूमिका रचनात्मक होती है. भाजपा को सरकार की कोई नीति ही पसंद नहीं आ रही है. भाजपा ने तो ठाना हुआ है कि वो सरकार के हर निर्णय का विरोध करेगी, तो वो विरोध करें. सरकार लोकहित में काम कर रही है और इसका लोगों को फायदा मिल रहा है.
शराब की नयी नीति भी इसी को देखते हुए बनायी गयी कि लोगों के अंदर इस बात का डर रहे कि यदि वो गलती से भी ये गलती करते हैं तो उन्हें सजा मिलेगी. भाजपा नेता प्रशासन के काम को बेहतर तरीके से नहीं जानते हैं, वो बस किसी भी मुद्दे पर राजनीति करना जानते हैं.
उन्होंने कहा कि चार माह से राज्य में शराबबंदी है. अब भी अगर कोई घर में शराब रखे हुए है, इसका मतलब वह कानून की धज्जियां उड़ा रहा है. इसलिए ऐसा प्रावधान किया जा रहा है कि घर में शराब मिलने पर पति-पत्नी और उनके व्यस्क बच्चों को जिम्मेदार माना जायेगा. सदस्य को यह मौका रहेगा कि वह साबित कर दे कि इसमें वह दोषी नहीं है. आज महिलाएं सशक्त हुई हैं.
वे अपने घर में शराब रखने की इजाजत कैसे दे सकती हैं? भाजपा के नेता लोगों में भ्रम ना फैलाएं. जिस शराबबंदी को लेकर हाय तौबा मचा रहे है, उस शराबबंदी के बाद राज्य में चार माह में संज्ञेय अपराध में 12.7 फीसदी की कमी आयी है. हत्या में 33, दुष्कर्म में 28, महिला उत्पीड़न में 19, सड़क दुर्घटना में 22, डकैती में 31 फीसदी की कमी आयी है. सरकार किसी को ना बचा रही है और ना ही फंसा रही है.
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