21.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

रिजल्ट में पटना अव्वल, बक्सर रहा फिसड्डी

मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, किशनगंज व अरवल में 80 फीसदी से अधिक छात्र रहे सफल पटना : इंटर साइंस रिजल्ट में पटना शहरी क्षेत्र ने बाजी मारी है. पटना शहरी क्षेत्र के 86.53 फीसदी छात्रों ने सफलता हासिल की है. 80 फीसदी से अधिक सफलता हासिल करने वाले जिलों में मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, किशनगंज व अरवल […]

मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, किशनगंज व अरवल में 80 फीसदी से अधिक छात्र रहे सफल
पटना : इंटर साइंस रिजल्ट में पटना शहरी क्षेत्र ने बाजी मारी है. पटना शहरी क्षेत्र के 86.53 फीसदी छात्रों ने सफलता हासिल की है. 80 फीसदी से अधिक सफलता हासिल करने वाले जिलों में मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, किशनगंज व अरवल जिले भी शामिल रहे. बक्सर व लखीसराय के 50 फीसदी छात्र भी सफल नहीं हो सके. बक्सर में 48.66 जबकि लखीसराय में 49.15 छात्रों ने सफलता हासिल की.
चार जिलों में छात्राएं आगे
साइंस के रिजल्ट में लड़कियां काफी पीछे रही. इस परीक्षा में लगभग 73 फीसदी छात्रों के मुकाबले मात्र 24 फीसदी लड़कियां ही शामिल हुई. कुल उत्तीर्ण छात्रों के मुकाबले भी छात्राओं का औसत कम रहा. 69.64 फीसदी छात्रों की जगह 60.10 फीसदी छात्राएं ही सफल रही.
मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, सुपौल व किशनगंज जिले में छात्राएं आगे रही. शेष 34 जिलों में छात्रों ने ही अपना परचम लहराया.साइंस के रिजल्ट में 3692 परीक्षार्थी का रिजल्ट पेंडिंग हो गया है. इसमें सबसे अधिक संख्या पटना प्रमंडल से रहा. पटना प्रमंडल से 954 परीक्षार्थी का रिजल्ट पेंडिंग रहा.
टाॅप 5 जिला परसेंटेज
पटना 86.53 फीसदी
मुजफ्फरपुर 85.85 फीसदी
पश्चिम चंपारण 85.44 फीसदी
किशनगंज 82.02 फीसदी
अरवल 81.79 फीसदी
फिसड्डी 5 जिले परसेंटेज
बक्सर 48़ 66 फीसदी
लखीसराय 49़15 फीसदी
खगड़िया 52.35 फीसदी
शिवहर 52.76 फीसदी
पूर्णिया 55.90 फीसदी
पटना के अंकित राज बने सेकेंड स्टेट टॉपर
पटना : इंटर साइंस की परीक्षा में बिक्रम के दतियाना स्थित आरपी कॉलेज ने अपनी धाक जमायी है. इस कॉलेज के छात्र अंकित राज ने जिला टॉप करने के साथ ही 425 अंक लाकर सेकंड स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. इसी कॉलेज के लक्ष्मीकांत ने 404 अंक लाकर अपनी जगह बनायी है.
जिला टॉप टेन में नौ लड़के व चार लड़कियों समेत 13 छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं. इसमें अशोक राजपथ स्थित मुसलिम हाइ स्कूल की तीन छात्राएं भी शामिल हैं. इस स्कूल से जोबिया अख्तर ने जिले में दूसरा, सदफ जरीन ने चौथा जबकि असगरी खातून ने पांचवां स्थान हासिल किया है.
औसत रिजल्ट में संत जेवियर अव्वल
औसत रिजल्ट के मामले में पटना जिले में संत जेवियर स्कूल अव्वल रहा है. इस स्कूल से परीक्षा देने वाले 136 छात्रों में 117 ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है. औसत रिजल्ट के मामले में गुलजारबाग के एफएनएस एकेडमी, कॉलेज ऑफ कॉमर्स, फतुहा के सीनियर सेकेंड्री स्कूल, न्यू वेस्ट बेली रोड के एसजीडीएम कॉलेज का रिजल्ट भी बेहतर रहा है. संख्या के लिहाज से देखें तो एएन कॉलेज से सर्वाधिक 630 छात्रों ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है. कदमकुआं के पाटलिपुत्रा हाइ स्कूल, गंगा देवी महिला कॉलेज, सिटी के ओरियंटल कॉलेज व टीपीएस कॉलेज सहित कई कॉलेजों का रिजल्ट महज 33 से 34 फीसदी रहा है.
मैथ अच्छा, पर हिंदी और अंगरेजी का औसत खराब
विषय के हिसाब से देखें तो पटना के छात्रों का हिंदी व अंग्रेजी का रिजल्ट खराब है. औसत निकालें तो हिंदी में छात्रों को 100 में महज 41 जबकि अंग्रेजी में 48 फीसदी ही अंक आये हैं.
यह औसत गणित में 54, भौतिकी में 53, रसायन में 54 व जीव विज्ञान में 50 फीसदी अंक का रहा है. औसत अंकों के मामले में बिहारशरीफ, आरा, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर आदि जिले पटना से कहीं बेहतर साबित हुए हैं.
पटना जिले के दस टॉपर छात्र व उनके अंक
– अंकित राज, आरपी काॅलेज, दतियाना, बिक्रम, पटना 425
– पुष्कर प्रियदर्शी, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंड्री स्कूल, राजेंद्र नगर 416
– जोबिया अख्तर, मुसलिम हाई स्कूल, प्लस टू, पटना 416
– रेहान हैदर, बीएन कॉलेजियट स्कूल, अशोक राजपथ 414
– सदफ जरीन, मुसलिम हाई स्कूल, प्लस टू, पटना 409
– सौरव सुमन, एसआरपी कॉलेज, बालिकशुनगंज, पटना सिटी 409
– असगरी खातून, मुसलिम हाइ स्कूल प्लस टू, पटना 408
– मो इमामुद्दीन आलम, गवर्नमेंट प्लस टू स्कूल, पालीगंज, 407
– गाजी परवीन, संत जोसफ कान्वेंट हाइ स्कूल, बांकीपुर 405
– विशाल कुमार, कॉलेज ऑफ कॉमर्स 404
– विनीत कुमार, एमडी काॅलेज, नौबतपुर 404
– अनुराग कुमार, एसजीडीएम कॉलेज, न्यू वेस्ट बेली रोड, 404
– लक्ष्मीकांत, आरपी कॉलेज, दतियाना 404
औसत में सेंट जेवियर रिजल्ट में एएन कॉलेज
पटना : पटना के कुछ प्रमुख कॉलेजों व स्कूल का प्रदर्शन शानदार रहा. संत जेवियर हाइ स्कूल के सबसे अधिक 136 में 117 बच्चे प्रथम श्रेणी से सफल हुए, वहीं 12 सेकेंड व चार बच्चे फेल हुए. तीन का रिजल्ट पेंडिंग है. सेंट जेवियर 86 प्रतिशत के साथ पटना जिला का सबसे टॉप स्कूल बना है. 50 प्रतिशत बच्चे सफल होने वाले स्कूल निम्न है.
कॉलेज व स्कूल कुल छात्र प्रथम श्रेणी प्रतिशत
संत जेवियर हाइस्कूल 136 117 86
एफएनएस एेकेडमी, गुलजारबाग 117 85 73
कॉलेज ऑफ कॉमर्स 650 463 71
सीनियर सेकेंडरी स्कूल,फतुहा 171 116 68
एसजीडीएम कॉलेज बेली रोड 532 350 66
सीनियर सेकेंडरी स्कूल, राजेंद्रनगर 147 94 64
एएन कॉलेज पटना 991 630 64
पटना कॉलेजिएट स्कूल 233 148 64
मुसलिम हाइस्कूल 192 121 63
पीएन एंग्लो संस्कृत हाइस्कूल 189 116 61
रवींद्र बालिका इंटर कॉलेज 126 76 60
बीएन कॉलेजिएट स्कूल 183 109 60
केवी सहाय हाइस्कूल 126 75 60
एमएचएस कॉलेज 440 248 56
एसआरपीएस स्कूल गर्दनीबाग 240 123 51
रात 11 से सुबह पांच बजे तक करता था पढ़ाई : अंकित
आइआइटी में जाना है : रेहान
पापा से वादा किया था कि जैसा प्रदर्शन दसवीं में किया था, वैसा ही बारहवीं में करूंगा. जिसे मैंने कर दिखाया. यह कहना है इंटरमिडिएट साइंस एग्जाम में दूसरे नंबर पर आने वाले अंकित राज का. कंकड़बाग के रहने वाले अंकित को इस एग्जाम में 425 नंबर हासिल हुये हैं.
आरपी कॉलेज, दतियाना से अपनी स्टडी करने वाले अंकित कहते हैं, इससे पहले सीबीएसई बोर्ड में दसवीं के एग्जाम में मैंने वादा किया था और 10 सीजीपीए हासिल किया था. अंकित के पिता राकेश कुमार एनबीसीसी में डिप्टी जीएम के पद पर पोस्टेड हैं वहीं मां सपना कुमारी आरपी कॉलेज में प्रोफेसर हैं. अंकित आरपी स्कूल, दतियाना के स्टूडेंट हैं.
अंकित कहते हैं, मैं दिन में केवल कोचिंग क्लास पर ही फोकस करता था. सेल्फ स्टडी रात में 11 बजे से सुबह पांच बजे तक करता था. एग्जाम को लेकर अपनी तैयारी के बारे में वह कहते हैं, जनवरी में ही मैंने अपने 50 प्रतिशत चैप्टर को पूरा कर लिया था. इजी टॉपिक को कंपलीट कर लिया था.
पेपर शुरू होने के पहले हार्ड सब्जेक्ट्स पर फोकस किया. केमेस्ट्री और हिंदी को समझने के लिये विशेष मेहनत करनी पड़ी क्योंकि केमेस्टी के केमिकल रिएक्शन और हिंदी का ग्रामर सहीं समझ में नहीं आ रहे थे. इसके लिये मैंने दोनाें की सब्जेक्ट्स के पिछले दस सालों के प्रश्नों को कवर किया.
आइआइटी में जाना है : रेहान
रेहान हैदर का सपना आईआईटी में पढ़ने का है. मैं केमिकल इंजीनियर बनना चाहता हूं. स्कूल में भी मेरा पहला रैंक है. काफी खुशी हो रही है. जईई मेन्स में भी मैने क्वालिफाई किया है. मैंने सोचा नहीं था कि इतना अच्छा रैंक आयेगा. मैंने बस इतना सोचा था कि अच्छा करना है और अच्छे अंक लाने हैं. सुबह पांच छह बजे उठ जाता हूं और 3-4 घंटे पढ़ाई करता हूं.
इसके बाद स्कूल और कोचिंग करता हूं. दिनभर में कम से कम छह-सात घंटे सेल्फ स्टडी तो करना ही चाहिए. पिछले दस साल के अगर आप प्रश्न पढ़ लें तो यह काफी मदद करता है. लगभग प्रश्न मिल ही जाते हैं. किताबें एनसीईआरटी की पढ़ें. वहीं फिजिक्स में एचसी वर्मा और मैथ-केमेस्ट्री में भी एनसीईआरटी. रहमानी 30 में भी पढ़ने का मुझे काफी फायदा हुआ. वहां के शिक्षकों ने काफी मदद की. बीएन कॉलेजिएट के शिक्षकों का भी बड़ा रोल रहा. क्लास में रेगुलर करता था.
टीवी और मोबाइल फोन से दूर रहता हूं.घर में भी परमिशन नहीं है. जरूरत पड़ने पर घर के ही फोन से काम चलाता हूं. मम्मी ने काफी हिम्मत दिलाया. पापा का देहांत हो गया. एग्जाम के समय ही बड़ी मम्मी भी नहीं रहीं. उन्होंने भी काफी हिम्मत दिया था. अगर कुछ बन पाया तो मैं परिवार के लिए कुछ करना चाहूंगा. मुस्लिम कम्यूनिटी में पढ़ाई को लेकर जागरूकता कम है. उनमें जागरूकता के लिए काम करूंगा. रहमानी 30 में भी योगदान करूंगा. फुटबॉल और क्रिकेट खेलना मुझे पसंद है. उनकी मम्मी कहती हैं कि परिवार में कुछ घटनाओं की वजह से यह काफी घबरा जाता था मैं बस उसे हिम्मत दिलाती रहती हूं. पढ़ाई और खेलकूद पर ध्यान दिलाती रहती हूं.
खुद पढ़ा और दूसरों को पढ़ा कर पाया बिहार में आठवां स्थान : पुष्कर
स्टेट में आठवां रैंक लाने वाले पुष्कर प्रियदर्शी सीतामढ़ी के हैं, पर उन्होंने पटना के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल राजेंद्र नगर से परीक्षा दी है़ बातचीत में उन्होंने बताया कि बोर्ड में बेहतर और डीयू से ग्रेजुएशन करने के लिए मैंने काफी मेहनत की है. मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ऑनर्स की डिग्री हासिल करना चाहता हूं. फिजिक्स मेरा पसंदीदा विषय है.
मैं टीचिंग को ही अपना प्रोफेशन बनाना चाहता हूं. सीतामढ़ी के डुमरा प्रखड़ के सिमरा गांव से पटना आना मेरे लिए एक सपना जैसा था. घर की स्थिति देख कर मैं काफी चिंतित था. 2014 में 72 प्रतिशत के साथ मैंने मैट्रिक की परीक्षा हाई स्कूल बलुआ से पास की. तभी मेआ दोस्त प्रशांत जिद कर मुझे पटना ले आया. घरवाले पैसा देने के लिए तैयार नहीं हुए, क्योंकि आर्थिक स्थिति खराब थी. मेरे पिता राम विजय शर्मा फर्नीचर का काम करते हैं.
माता राम दुलारी देवी घर में रहती हैं. पैसों के अभाव में मेरे घर में चार भाईयों में से दो ने शिक्षा हासिल नहीं की. मैं सबसे छोटा हूं, मेरे से बड़े वाले भाई ने सीतामढ़ी से ही इकोनॉमिक्स में डिग्री हासिल की है. घर की स्थिति और मेरे मन की बात दोस्त ने पढ़ ली. इसके बाद उसने मुझे पढ़ने के लिए दूसरों को पढ़ाने का रास्ता दिखाया. पटना आ कर मैंने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल राजेंद्र नगर में एडमिशन लिया.
बेगूसराय के लाल ने किया कमाल
कॉलेज में उड़ रहे हैं रंग व गुलाल
बेगूसराय (नगर) : बेगूसराय का लाल एक बार फिर पूरे बिहार में कमाल कर दिखाया है. अंशुमन मसकरा बिहार टॉपर बन कर बेगूसराय का न सिर्फ पूरे बिहार में मान बढ़ाया है वरन अपने अन्य छात्र-छात्राओं के बीच संदेश देने का भी काम किया है कि प्रतिभा किसी की मुहताज नहीं होती और मेहनत करनेवालों की कभी हार नहीं होती है.
अंशुमन मसकरा बेगूसराय शहर में रहनेवाले पिता राम मोहन मसकरा व माता सुनिता मसकरा के इकलौता पुत्र है. बचपन से ही पढ़ाई के प्रति ललक ने अंशुमन को आज इस मुकाम पर पहुंचाया है. दो बहन और एक भाई में सबसे कठिन मेहनत करनेवाले अंशुमन पढ़ाई के दौरान कभी भी ढ़िलाई नहीं बरती. प्राथमिक शिक्षा संत बुद्धा स्कूल से प्राप्त करते हुए बीआरडीएवी में दाखिला लेकर 10 वीं की परीक्षा बेहतर अंक से प्राप्त किया. इसके बाद शहर के एमआरजेडी कॉलेज में दाखिला लिया. कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अपने लक्ष्य के तहत अंशुमन ने बेहतर करने की तमन्ना अपने मन में पाल रखी थी. रिजल्ट प्रकाशन के बाद अंशुमन के परिवार खुशी से झूम उठे. पिता राम मोहन मसकरा को तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
चारों तरफ से फोन की घंटियां बजने लगीं. हालांकि अंशुमन अपनी मां सुनिता मसकरा के साथ कोटा में पढ़ाई कर रहा है. अंशुमन की दादी जीडी कॉलेज की पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ राजकुमारी खेड़िया को अपने पोते की इस उपलब्धि पर काफी गर्व महसूस हुआ. अपने घर आनेवाले लोगों का वह मुंह मीठा करा रही थी. अंशुमन आइआइटी करने की इच्छा रखता है, जिसके लिए वह तैयारी कर रहा है. वह इस सफलता का श्रेय अपनी मम्मी व पापा को देते हुए अन्य सहयोगी छात्रों के लिए संदेश देते हुए कहा कि अगर कठिन मेहनत व लक्ष्य निर्धारण के साथ पढ़ाई की जाये, तो सफलता अवश्य मिलेगी.
डॉक्टर बन लोगों की सेवा करेगी पटना की थर्ड टॉपर जोबिया
सफलता के लिए चार-पांच घंटे जरूर पढ़ें
जोबिया अख्तर कहती हैं कि मैं अागे मेडिकल करना चाहती हूं. डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना मेरा उद्देश्य है. सफलता के लिए जरूरी है कि कम से कम चार-पांच घंटे जरूर पढ़ें. स्कूल-कोचिंग से भी काफी मदद मिली. रहमानी 30 के शिक्षकों और निदेशक का भी बड़ा योगदान रहा.
दसवीं के बाद ही यहां आ गई थी. एनसीईआरटी की किताबें ज्यादा सहायक होती हैं. इसके अतिरिक्त न्यूज पेपर और एक्सट्री किताबें भी पढ़नी चाहिए. प्रैक्टिस बुक भी पढ़नी चाहिए. मैं जमशेदपुर में रहती थी पढ़ने के लिए पटना में आई. यहां स्कूल में भी काफी मदद मिली. मेरी सफलता में मेरे परिवार का भी बहुत योगदान रहा.
मिडिल क्लास फैमली में होकेर भी परिवार में हर तरह से मदद की. काफी मेहनत से पढ़ाया लिखाय. अपने जूनियर्स को मैं यही सजेस्ट करना चाहूंगी कि अच्छे से पढ़ें. मन लगाकर पढ़ें. खासकर 11वीं और 12वीं में सबसे अधिक मेहनत करें क्योंकि यही बेस है. मन से पढ़ें आगे बढ़ें कुछ मुकाम हासिल करें ताकि देश समाज और परिवार के लिए कुछ कर सकें.
सौरभ के ननिहाल में उठी खुशी की तरंग
दिल्ली में रह कर आइआइटी की तैयारी कर रहा
उसका लक्ष्य अभियंता बन कर देश सेवा करनी है
छपरा : जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेज के छात्र का इंटर की परीक्षा में टॉप-टेन में स्थान लेना निश्चित रूप से उसकी प्रतिभा का द्योतक है. इंटर साइंस में सूबे का छठा स्थान प्राप्त करने वाले कुमार सौरभ दाउदपुर के जैतपुर स्थित नंदलाल सिंह कॉलेज का छात्र है.
मूल रूप से सीवान के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के टांडी गांव निवासी व सड़क निर्माण में ठेकेदार मनोज सिंह व गृहिणी सरिता देवी के दो पुत्रों में बड़े सौरभ को उसके रिश्ते के नाना व कॉलेज के प्रधान लिपिक मृत्युंजय कुमार सिंह स्व अध्ययन के लिए दाउदपुर लाये और इंटर में नामांकन करा दिया. सौरभ ने भी स्वयं के अध्ययन की बदौलत उक्त सफलता पायी. वह दिल्ली में रह कर आइआइटी की तैयारी कर रहा है. सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीष व दिशा-निर्देश को दिया़ उसका लक्ष्य अभियंता बनकर देश सेवा करना है. लक्ष्य निर्धारित कर अध्ययन को सफलता का मूल तंत्र बताया.
इसरो वैज्ञानिक बनना चाहती है शिवानी
हाजीपुर : विशुन राय कॉलेज भगवानपुर की छात्रा शिवानी सिंह ने कुल 417 अंक और 83.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बिहार में टॉप टेन में जगह बनाने में सफलता पायी है. शिवानी ने यह सफलता कड़ी मेहनत और नियमित अध्ययन से पायी है. भगवानपुर करहरी गांव निवासी श्रीनिवास एवं श्रीमती धर्मनिष्ठा की दो बेटियों में शिवानी बड़ी है. छोटी बहन श्रेया संतपॉल स्कूल में पढ़ती है.
पिता हाजीपुर रेलवे जोनल में लेखा विभाग में एकाउंटेंट है और मां हाउसवाइफ है. माता ने रसायन विज्ञान से एमएससी किया है. शिवानी शुरू से ही पढ़ने में तेज थी. उसकी मेधा का अंदाज इससे लगाया जा सकता है की संतपॉल स्कूल में प्रथम वर्ग में नामांकन के बाद दसवीं तक हमेशा सर्वोच्च स्थान प्राप्त करती रही है.
सीबीएसइ की दसवीं परीक्षा में भी 10 सीजीपीए अंक प्राप्त किया था. शिवानी 2016 की आइआइटी मेंस की परीक्षा में भी सफलता पायी है. उसकी इच्छा इसरो का वैज्ञानिक बन कर देश की सेवा करना है. इसके लिए मुंबई से मेकैनिकल इंजीनियरिंग करने की तैयारी में जुटी है. म्यूजिक सुनना और स्टडी करना पंसद है. शिवानी ने 12 वीं की छात्राओं के लिए कहा कि कड़ी मेहनत और लगन से मनचाहा परिणाम प्राप्त किया जा सकता है. क्योंकि सफलता के लिए कोई शॉर्टकर्ट नहीं होता है.
इंजीनियर बन सेवा करना चाहता है राहुल
हाजीपुर : सफल होने की चाह में सच्ची लगन और विश्वास हो तो सफलता मिलती ही है. यह कहना है इंटर विज्ञान में सफलता का परचम लहराने वाले राहुल कुमार का. राहुल ने कुल 423 अंक और 84.6 फीसदी अंक प्राप्त कर बिहार के टॉप टेन में तीसरा स्थान प्राप्त किया है.
विशुन राय महाविद्यालय के राहुल का सपना इंजीनियर बनकर देश सेवा करने की है. राहुल की सफलता को लेकर घर में खुशियों का माहौल है. सहपाठियों एवं बड़े-बुजुर्गों द्वारा बधाई देने का सिलसिला जारी है. राहुल ने माता-पिता से आशीर्वाद प्राप्त कर मुंह मीठा किया. अपनी सफलता का श्रेय उसने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है. राहुल कुमार शाहपुर पट्टी, साहेबगंज मुजफ्फरपुर निवासी संजय कुमार और पूनम सिंह के पुत्र हैं.
ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी विफल नहीं होता : शालिनी
डॉक्टर बन कर बीमारों व दीन-दुखियों की सेवा करना चाहती है
छपरा : जिस प्रकार स्वच्छ वातावरण में कदाचारमुक्त परीक्षा हुई थी. मुझे आशा थी कि अच्छे मार्क्स के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हूंगी. परंतु टॉप-टेन में आने की सूचना पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उक्त विचार इंटर साइंस में राज्य भर में नौंवा स्थान पानेवाली शालिनी ने व्यक्त किये.
उसने कहा कि मेरा परिणाम यह साबित करता है कि ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी विफल नहीं जाता. शहर के बजरंग नगर निवासी व जगलाल चौधरी कॉलेज के प्रिंसिपल रामानंद राम व उत्क्रमित मध्य विद्यालय मगाइडीह में पदस्थापित शिक्षिका कुमारी सुनीता ने अपनी बेटी शालिनी की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि वो बचपन से ही मेधावी रही है. ब्रजकिशोर किंडर गार्टेन की छात्रा शालिनी हर कक्षा में अच्छे नंबर लाती थी. जबकि सीबीएसइ दसवीं में उसे 97 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे. शालिनी ने मेडिकल में जाने की इच्छा जाहिर की है़ चिकित्सा के द्वारा वह बीमारों व दीन-दुखियों की सेवा करना चाहती है.
अभी मेडिकल की संयुक्त परीक्षा नीट में शामिल हो रही है और सफलता पाने के प्रति पूर्ण आशान्वित है. तैयारी हेतु वह इन दिनों दिल्ली में है. शालिनी ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए बताया कि यदि लक्ष्य निर्धारित हो तो पढ़ाई में आसानी हो जाती है. सतत व नियमित अध्ययन से सफलता प्राप्त की जा सकती है. उसके विद्यालय गड़खा प्रखंड के महम्मदा टोला बभनइया स्थित डॉ भूषण प्रसाद यादव कॉलेज में हर्ष का माहौल देखा गया.
हर्षकांत को स्टेट लेवल पर मिला चौथा स्थान
केएसटी कॉलेज में जश्न का माहौल
कॉलेज के आधे से अधिक छात्र प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण
बिहारशरीफ : इंटरमीडिएट साइंस का रिजल्ट आते ही स्थानीय केएसटी कॉलेज में खुशी की लहर दौड़ गयी. कॉलेज के छात्र हर्षकांत के स्टेट लेवल पर चौथे स्थान प्राप्त होने पर छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने मिठाइयां बांट कर खुशी जाहिर की. हर्षकांत के साथ-साथ कॉलेज के कई अन्य विद्यार्थियों को भी परीक्षा में अच्छी सफलता मिली है. कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ अशोक कुमार ने बताया कि कॉलेज की छात्रा अंजली कुमारी को 411 अंक तथा अक्षय कुमार को 406 अंक प्राप्त हुए हैं. कॉलेज के लगभग 02 दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को 400 से अधिक अंक प्राप्त हुए हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष कॉलेज के इंटरमीडिएट साइंस के आधे से अधिक विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी, जबकि लगभग 40 फीसदी विद्यार्थियों को द्वितीय श्रेणी प्राप्त हुआ है.
प्रधानाचार्य डॉ. कुमार ने साइंस के रिजल्ट पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार भी कॉलेज के विद्यार्थियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है. उन्होंने स्टेट टॉपर की सूची में चौथा स्थान लाने वाले हर्षकांत को सफलता के लिए बधाई तथा आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह छात्र आगे भी कई उपलब्धियां प्राप्त कर जिले का नाम रौशन करेगा.
कॉलेज के छात्र की इस सफलता पर उन्होंने कॉलेज के शिक्षकों को भी बधाई दी. प्राचार्य डॉ. कुमार ने कहा कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत के कारण ही कॉलेज निरंतर सफलता की ऊंचाइयांे को छू रहा है. इस मौके पर कॉलेज के शिक्षक प्रो. संजीत कुमार, पंकज कुमार, प्रो. रामकृष्णा प्रसाद, डॉ. उदय प्रसाद, डॉ. आर के पाण्डेय, प्रो. जयराम प्रसाद, प्रो. प्रभामित्र आनंद, प्रो. अजय कुमार, प्रो. प्रगति प्रकाश, सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे़
बचपन से ही रहा है मेधावी छात्र
बिहारशरीफ : इंटरमीडिएट परीक्षा 2016 के विज्ञान संकाय का रिजल्ट घोषित होते ही स्थानीय खंदकपर बंदूक गली निवासी स्व. कौशलेंद्र प्रसाद के परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी.
परिवार का सबसे बड़े पुत्र हर्षकांत ने साइंस विषय के रिजल्ट में पूरे सूबे में चौथा स्थान प्राप्त कर परिवार के साथ-साथ कॉलेज तथा जिले का नाम रौशन किया हे. साधारण परिवार में जन्मे तथा पिता के देहांत के बावजूद जिले के होनहार छात्र हर्षकांत ने अपने पिता के समान इंजीनियर बनने का सपना पाले रात-दिन मेहनत कर यह सफलता पायी है. हर्षकांत की माता निशिकांता देवी अपने पुत्र की इस सफलता पर फूले नहीं समा रही हैं. उन्होंने बताया कि हर्षकांत बचपन से ही मेधावी रहा है.
लोक चंद्र बोले, टॉप करने से मेरे हौसले को मिली नयी उड़ान
ऊर्जा पर रिसर्च कर वैज्ञानिक बनने का है लक्ष्य
बीसीइसी व जेइइ मेंस में भी मिली है सफलता
सहरसा मुख्यालय/सरायगढ़ (सुपौल) : सहरसा का लोकचंद्र इंटरमीडिएट विज्ञान में परीक्षा में सर्वाधिक अंकों के साथ बिहार टॉपर हुआ है. सुपौल जिले के बीएन इंटर कॉलेज, भपटियाही के छात्र लोकचंद्र को 426 अंकों के साथ उसे 85.5 फीसदी अंक मिले हैं. वह उर्जा पर रिसर्च कर वैज्ञानिक बनना चाहता है. लोकचंद्र को इसी साल हुए बीसीइसी व जेइइ मेंस की परीक्षा में भी सफलता मिली है. मूल रूप से जिले के सलखुआ प्रखंड के महादेवमठ निवासी प्रो सुभाष चंद्र एवं प्रो समिता कुमारी के पुत्र लोकचंद्र के बिहार टॉपर बनने से पूरा जिला गौरवान्वित हो रहा है. लोकचंद्र की प्रारंभिक शिक्षा सिमराही के संस्कार भारती स्कूल से हुई थी.
हाइस्कूल की पढ़ाई के लिए खगड़िया के पाटलिपुत्र सेंट्रल कॉलेज, परबत्ता में नामांकित हुआ, जहां से दसवीं में उसे 9.8 सीजीपी अंक मिले. परिणाम आने के बाद से सहरसा के गंगजला स्थित उसके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. पिता प्रो सुभाष चंद्र मधुबनी जिले के खाजेडीह, लदनियां के एसएमजे कॉलेज में फिजिक्स के एचओडी हैं एवं माता समिता कुमारी उर्फ सरस्वती मेहता उसी कॉलेज में समाजशास्त्र की प्राध्यापिका हैं.
वैज्ञानिक बनना चाहता है इंटर साइंस टॉपर लोक चंद्र
इंटर साइंस टॉपर लोक चंद्र वैज्ञानिक बनना चाहता है़ बीएन कॉलेज सुपौल का छात्र लोक चंद्र का पूरा परिवार इंटर का परिणाम आने के बाद से गदगद है़ लोक चंद्र को कुल 85.5 फीसदी (426) अंक प्राप्त हुए है़ लोक चंद्र के पिता मधुबनी के एक वित्तरहित कॉलेज में एचओडी है, जबकिं माँ इंटर स्कूल में पढ़ाती है़ लोकचंद्र बताते हैं कि उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर जरूर है़ लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में आगे रहा है़ इंटर की परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्र लोक चंद्र काफी दिनों से बिहटा के रेलवे कॉलोनी में अपने जीजा विजेंद्र कुमार के पास रह रहे थे़, जो रेलवे गुड्स सुपरवाइजर है़
लोक ने बताया की परीक्षा उसका बढ़िया गया था़ अच्छे अंक आने की उम्मीद थी़ लेकिन वो प्रथम स्थान प्राप्त करने की नहीं सोच रखा था़ अब इस परिणाम ने उसके हौसले को नई उडान दे दी है़ वो वैज्ञानिक आइंस्टीन से काफी प्रभावित है, इसलिये वो आगे चलकर वैज्ञानिक बनकर शोध करना चाहता है़ लोक मैट्रिक की परीक्षा में भी 93.1 प्रतिशत अंक लाकर अपने स्कूल में टॉपर रहे थे़
टॉप जीरो
इन स्कूल-कॉलेजोंमें सबसे ज्यादा फेल
स्कूल का नाम % फेल छात्र
बनसरोपन असथूरना हाइ स्कूल, बक्सर 90%
प्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल गोविंदपुर, नवादा 88%
आदर्श उच्च विद्यामंदिर बगोई , अैारंगाबाद 86%
जेडी प्रोजेक्ट महिला स्कूल, प्रसुना, सारण 85%
परियोजना कन्या स्कूल, गरौल, वैशाली 84%
श्याम सिंह सिंधिया महिला स्कूल, औरंगाबाद 84%
ब्रह्णनंद पंजियार कॉमर्स कॉलेज, लालगंज, वैशाली 84%
तारा शिवशंकर स्कूल, मनोहरपुर, बक्सर 84%
इंटर महिला कॉलेज, टेकारी, गया 83%
वीआरआइजी कॉलेज, दाऊदनगर, अैारंगाबाद 80%
एनकेपी कॉलेज, खोपा, मधुबनी 79%
हरिवंश नारायण स्कूल, अवधेशनगर, रोहतास 79%
श्री हरिशरण स्कूल, खंडरिचा, बक्सर 79%
गर्ल्स इंटर स्कूल, नवादा 78%
सीमा कुमारी स्कूल, बक्सर 78%
हाइ स्कूल, अमरपुर 78%
प्रोजेक्ट, गल र्स हाइर सेकेडरी स्कूल, सहरसा 77%
गोर्वनमेंट स्कूल, अरथुआ, औरंगाबाद 77%
प्लस टू सत्येन्द्र हाइ स्कूल, गंघार, औरंगाबाद 77%
पल्स टू हाइ स्कूल कर्मा, औरंगाबाद 76%
महोयोगी पायलट बाबा महिला िवद्यालय, रोहतास 76%
हाइ स्कूल, पूसा, समस्तीपुर 76%
इंटर हाइ स्कूल, कैंडी, सिघपुर, लखीसराय 76%
सवोर्दय हाइ स्कूल, रोहतास 76%
प्लस टू हाइस्कूल, कुटंबा, औरंगाबाद 76%
पल्स टू प्रोजेक्ट गल् र्स हाइ स्कूल, पूर्णिया 76%
इंटर स्तरीय शरदा पाठशाला, कहलगांव, भागलपुर 75%
दानी सिंह गर्ल्स स्कूल, लखीसराय 75%
प्लस टू गर्ल्स हाइ स्कूल, कोचि, गया 75%
शिव शंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय, बक्सर 75%
प्लस टू हाइ स्कूल, चौरी भोजपुर 75%
प्लस टू हाइ स्कूल, कन्हैयाचक, खगड़िया 75%
आरएसपीजीएचएस मंगलगढ़, समस्तीपुर 75%
प्लस टू हाइ स्कूल, बढवा, औरंगाबाद 75%
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel