शराबबंदी के बजाय अपराधबंदी की बात करें मुख्यमंत्री : मोदी
Updated at : 10 May 2016 7:39 AM (IST)
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पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जम कर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि शराबबंदी का ढिंढोरा बहुत पीट लिए, अब अपराध बंदी की बात भी कीजिए. बिहार में ‘बहार’ का झांसा देकर सत्ता तो आपने हासिल […]
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पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जम कर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि शराबबंदी का ढिंढोरा बहुत पीट लिए, अब अपराध बंदी की बात भी कीजिए. बिहार में ‘बहार’ का झांसा देकर सत्ता तो आपने हासिल कर लिया है मगर बिहार की जनता को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.
मोदी ने सवालिया लहजे में कहा है कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि कानून के दायरे से कोई भाग नहीं सकता ,अगर आपका कानून इतना ही प्रभावी है तो दो दिन बाद भी मुख्य अभियुक्त एमएलसी का बेटा अब तक पकड़ा क्यों नहीं गया. कांग्रेस के विधायक विनय वर्मा शिकारपुर थाने से फरार कैसे हो गये.
अवधेश मंडल जैसे कुख्यात को आपके सांसद और विधायक थाने से कैसे ले भागे. छेड़खानी के आरोपित विधायक सरफराज आलम को थाने से ही क्यों छोड़ दिया गया.
अपनी मरजी से एक महीना बाद कोर्ट में सरेंडर करनेवाले बलात्कार के आरोपित विधायक राजबल्लभ यादव को गिरफ्तार करने की पुलिस हिम्मत क्यों नहीं जुटा पायी. डीएसपी को गंगा में फेंकने की धमकी देने वाले विधायक गोपाल मंडल केखिलाफ आपका कानून अब तक क्या कर पाया है. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि अभी जो हालात है, क्या यह जंगलराज नहीं है.
अगर कानून का राज है तो तीन महीने बाद भी राजबल्लभ यादव के खिलाफ स्पीडी ट्रायल क्यों नहीं शुरू हो पाया है. 2007 में गया में एक जापानी पर्यटक के साथ बलात्कार के मामले में क्या एक महीने के अंदर स्पीडी ट्रायल कर आरोपित को सजा नहीं दे दी गई थी. सत्ताधारी दल के दर्जन भर से अधिक विधायक पिछले छह महीने से कानून अपने हाथ में लेकर सुशासन के दावों को तार–तार कर रहे हैं.
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