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पालीगंज : आखिर किसकी गोली सरपंच को लगी, साबित करना मुश्किल

Updated at : 05 Feb 2016 7:13 AM (IST)
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पालीगंज : आखिर किसकी गोली सरपंच को लगी, साबित करना मुश्किल

नितिश पटना : पालीगंज में सरपंच रामनाथ प्रसाद को गोली कैसे लगी और झारखंड पुलिस ने ही मारी, यह साबित करना पटना पुलिस के साथ ही एफएसएल के लिए भी काफी मुश्किल है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकती है. इस केस की स्थिति यह है कि इसमें पुलिस को […]

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नितिश
पटना : पालीगंज में सरपंच रामनाथ प्रसाद को गोली कैसे लगी और झारखंड पुलिस ने ही मारी, यह साबित करना पटना पुलिस के साथ ही एफएसएल के लिए भी काफी मुश्किल है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकती है. इस केस की स्थिति यह है कि इसमें पुलिस को न कोई सीधा साक्ष्य मिला है और न ही परिस्थिति जन्य साक्ष्य. इतना ही नहीं, इस मामले में पुलिस को कोई ऐसा प्रत्यक्षदर्शी तक नहीं मिला है, जो कह सके कि उसके सामने सरपंच को गोली लगी.
अब शिकायतकर्ता के बयान व ग्रामीणों की गवाही पर ही सरपंच की मौत के मामले में पूरी तरह कार्रवाई टिकी हुई है. बयान और गवाही से केस की जांच कुछ दूर तक आगे बढ़ सकती है. लेकिन, किसकी गोली से मौत हुई है, यह पता लगाना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती ही होगी.
क्योंकि, शिकायतकर्ता ने भी पुलिस को केवल इतनी ही जानकारी दी है कि गोली चलने की आवाज के बाद वह बाहर निकला था. उसने घटना को होते हुए नहीं देखा है. इसके कारण एफआइआर में भी किसी को नामजद नहीं किया गया है.
झारखंड पुलिस ने स्वीकारी है मुठभेड़ की बात
झारखंड पुलिस इस बात को स्वयं कह रही है कि मुठभेड़ के दौरान उन लोगों ने फायरिंग की थी.लेकिन उन लोगों की चलायी गोली सरपंच को नहीं लगी है. झारखंड पुलिस के अनुसार अपराधियों की गोली सरपंच को लगी थी. लेकिन पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सरपंच के शरीर या घटनास्थल से खोखा बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में यह कहना काफी मुशिकल होगा कि गोली किस बोर की थी और किस हथियार से चली थी. सूत्रों के अनुसार पटना पुलिस भी इस बात को जान रही है, इसलिए वह इस मामले में सभी का बयान न्यायालय में कराना चाहती है, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाये.
एक-एक व्यक्ति से की गयी बात
खास बात यह है कि सरपंच की मौत के मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है. एसएसपी मनु महाराज व सिटी एसपी पश्चिमी राजीव मिश्रा ने घटना के बाद बुधवार को घटनास्थल से लेकर आसपास के तमाम लोगों से बात की. लेकिन, इसमें कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला, जिसने अपनी आंखों से गोली लगते सरपंच को देखा हो. सभी ने एक ही बात कही कि वे लोग गोली की आवाज सुनने के बाद घर से बाहर निकले. तब देखा कि सरपंच को गोली लगी है और गिरे पड़े हैं.
मालूम हो कि पालीगंज थाने से महज पचास गज की दूरी पर मंगलवार की रात झारखंड पुलिस व अपराधियों के बीच हुई मुठभेड में गोली लगने से निरखपुर पाली पंचायत के सरपंच रामनाथ प्रसाद की मौत हो गयी थी. गोली सरपंच के बायें घुटने के ऊपर लगी थी. पुलिस ने बुधवार को शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया.
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