परिवार के लिए बेटी नहीं, बेटा थी सृष्टि
Updated at : 28 Jan 2016 2:01 AM (IST)
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पटना : सृष्टि की हत्या की खबर मिलने के बाद इंदौर से उसकी मां ममता जैन व पिता सुशील जैन व अन्य परिजन मंगलवार की रात पटना पहुंचे. रात भर वे जक्कनपुर थाने के समीप में मणी इंटरनेशनल होटल में ठहरे. बुधवार को जक्कनपुर थाने पहुंचे. पुलिस ने मंगलवार को ही सृष्टि के शव का […]
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पटना : सृष्टि की हत्या की खबर मिलने के बाद इंदौर से उसकी मां ममता जैन व पिता सुशील जैन व अन्य परिजन मंगलवार की रात पटना पहुंचे. रात भर वे जक्कनपुर थाने के समीप में मणी इंटरनेशनल होटल में ठहरे. बुधवार को जक्कनपुर थाने पहुंचे.
पुलिस ने मंगलवार को ही सृष्टि के शव का पोस्टमार्टम करा दिया था और पीएमसीएच के मर्चुरी विभाग में रखा गया था. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया. सृष्टि का अंतिम संस्कार बांस घाट पर कर दिया गया. इसके बाद परिजन इंदौर लौट गये. माता-पिता के साथ ही सृष्टि की छोटी बहन सगुन, चाचा मनोज कुमार, राजू जैन, मामा नरेश जैन व मामी भी पटना आयी थीं.
सृष्टि के पिता व माता शव को देखते ही बेहोश हो कर गिर पड़े. उन्हें किसी तरह से उठाया गया और फिर शव को बांसघाट लाया गया.
उसकी मां ममता जैन का रो-रो कर बुरा हाल था. उसके पिता ने एक ही बात कही कि शायद किस्मत में इतने दिन ही सृष्टि के साथ रहना लिखा था. उन्होंने बेटी की शादी के लिए सपना संजो कर रखा था. लेकिन, अब सब खत्म हो गया. सुशील जैन ने बताया कि सृष्टि उनके लिए बेटा थी और मेहनती होने के साथ ही घर व बाहर दोनों का काम वह आसानी से निबटा लेती थी.
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