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केमिकल ने रोकी अस्पतालों में जांच

केमिकल ने रोकी अस्पतालों में जांचफ्लैगसात अस्पतालों में ऑटो एनालाइजर जांच बंद, धूल फांक रहीं 35 करोड़ की मशीनें – बाहर में महंगी दरों पर जांच कराने को मजबूर मरीज- केमिकल के अभाव में बंद है पैथोलॉजिकल जांच सेवाआनंद तिवारी, पटनाराजधानी के सात बड़े और छोटे अस्पतालों में इन दिनों मरीजों को कई तरह की […]

केमिकल ने रोकी अस्पतालों में जांचफ्लैगसात अस्पतालों में ऑटो एनालाइजर जांच बंद, धूल फांक रहीं 35 करोड़ की मशीनें – बाहर में महंगी दरों पर जांच कराने को मजबूर मरीज- केमिकल के अभाव में बंद है पैथोलॉजिकल जांच सेवाआनंद तिवारी, पटनाराजधानी के सात बड़े और छोटे अस्पतालों में इन दिनों मरीजों को कई तरह की जांच नहीं हो पा रही है. इससे मरीजों को संबंधित जांच बाहर जाकर करानी पड़ रही है. दरअसल जिले के सात अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए लगायी गयी ऑटो एनालाइजर मशीन केमिकल के अभाव में काम नहीं कर पा रही है. इससे 35 करोड़ की मशीनें धूल फांक रही हैं. इससे ब्लड शुगर, यूरिन एसिड, डायबिटीज आदि समेत कई तरह के टेस्ट नहीं किये जा रहे हैं. मशीन बंद होने से बायो केमेस्ट्री के टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब की ओर रुख करना पड़ रहा है. खास बात तो यह है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इस मशीन से जांच नि:शुल्क किया जाता है, ऐसे में जांच सुविधा बंद होने से मरीजों को बाहर में 1200 से 2000 रुपये के बीच जांच करानी पड़ रही है. ऐसे में उन मरीजों को परेशानी होती है, जिनकी आर्थिक स्थिति खराब है. इन अस्पतालों में बंद है जांचमरीजों की सुविधा के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने पटना सहित पूरे प्रदेश में तीन साल पहले ही आॅटो एनालाइजर मशीन लगायी थी. लेकिन, इन दिनों राजधानी के राजेंद्र नगर नेत्रालय, पीएमसीएच, गर्दनीबाग राजवंशी नगर स्वास्थ्य केंद्र, बिहटा स्वास्थ्य केंद्र, मसौढ़ी सामुदायिक केंद्र, एनएमसीएच और दानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच की सुविधा बंद है. नतीजा यहां सैकड़ों की संख्या में आनेवाले मरीजों को बाहर लैब से जांच करानी पड़ रही है. केमिकल की नहीं हो रही सप्लाइअस्पताल के जिम्मेवार अधिकारियों का कहना है कि मशीन में लगनेवाले केमिकल की सप्लाइ नहीं हो रही है. पिछले तीन माह से बीएमसीएल केमिकल की सप्लाइ नहीं कर रहा है. यही वजह है कि मजबूरन मशीनों को बंद करनी पड़ी है. वहीं अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि केमिकल और मशीन बंद की समस्या के बारे में राज्य स्वास्थ्य समिति और बीएमएसआइसीएल को लिखा जा चुका है. लेकिन, केमिकल क्यों नहीं आ रहा, यह समझ से परे है. एक मशीन में हर माह 10 से 12 हजार रुपये खर्च होते हैं. मशीन से होता है 131 जांचफुल ऑटो एलनाइजर मशीन से 131 और सेमी एलनाइजर मशीन से 40 प्रकार की जांच होती है. एलनाइजर मशीन से पैथोलॉजिकल जांच में आनेवाले ब्लड शुगर यूरिन एसिड, डायबिटीज, बायो केमेस्ट्री समेत अन्य प्रकार के टेस्ट होते हैं. सरकारी अस्पतालों में इस मशीन से जांच फ्री में की जाती है. क्या कहते हैं अधिकारीमशीनों को मेंटेन करने का जिम्मा संबंधित कंपनियों के पास होता है. हमने सभी अस्पतालों के संबंधित अधिकारियों को बोल दिया है. कंपनी खुद केमिकल लायेगी और मशीनों को चालू करेंगी. मामले को सुलझा कर बहुत जल्द सभी अस्पतालों में ऑटो एलनाइजर मशीन से जांच होने लगेगी. – गिरिंद्र शेखर सिंह, सिविल सर्जन

Prabhat Khabar Digital Desk
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