कर्मियों को वेतन के लाले क्यों : पटना हाइकोर्ट
Updated at : 06 Jan 2016 7:07 AM (IST)
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पटना : पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि अधिकारी व बड़े पदधारी लाल बत्ती लगी गाड़ियों से घूमते हैं, पर निचले स्तर के कर्मचारियों को वेतन के भी लाले क्यों पड़ रहे हैं? कोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी मंगलवार को वैशाली जिला पर्षद के कर्मचारी अशोक कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई […]
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पटना : पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि अधिकारी व बड़े पदधारी लाल बत्ती लगी गाड़ियों से घूमते हैं, पर निचले स्तर के कर्मचारियों को वेतन के भी लाले क्यों पड़ रहे हैं? कोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी मंगलवार को वैशाली जिला पर्षद के कर्मचारी अशोक कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दी. न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी ने 19 जनवरी को सरकार से स्थानीय निकायों के कर्मियों के लंबित वेतन की पूरी जानकारी मांगी है. याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अशोक कुमार सिंह को 2011, 2012, 2013 व 2014 में वेतन नहीं मिला.
सरकार की ओर से कहा गया कि स्थानीय निकायों को सरकार 30% राशि देती है. 40% अनुदान दिया जाता है. बाकी 30% का इंतजाम स्थानीय निकाय खुद करता है. सरकार जिला पर्षद कर्मियों के वेतन मद में 50 करोड़ से अधिक राशि आवंटित कर चुकी है. नयी व्यवस्था के तहत स्थानीय निकायों के वेतन आदि के लिए राज्य सरकार को 70% राशि उपलब्ध करानी है. बाकी 30% राशि निकायों को जुटानी होती है.
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