पटना : निषाद अधिकार मार्च पर चटकीं पुलिस की लाठियां, पत्थरबाजी, फायरिंग, छोड़े गये आंसू गैस के गोले

Published at :05 Sep 2015 6:35 AM (IST)
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पटना : निषाद अधिकार मार्च पर चटकीं पुलिस की लाठियां, पत्थरबाजी, फायरिंग, छोड़े गये आंसू गैस के गोले

पटना : निषाद समाज के सभी उप जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर राजभवन मार्च करने निकले सैकड़ों लोगों पर शुक्रवार को पुलिस ने जमकर लाठियां बरसायीं. जेपी गोलंबर से फ्रेजर रोड की तरफ प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन घुसने का प्रयास कर रहे इन लोगों को रोकने के लिए पुलिस […]

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पटना : निषाद समाज के सभी उप जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर राजभवन मार्च करने निकले सैकड़ों लोगों पर शुक्रवार को पुलिस ने जमकर लाठियां बरसायीं. जेपी गोलंबर से फ्रेजर रोड की तरफ प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन घुसने का प्रयास कर रहे इन लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले लाठी चलायी.इसके बावजूद हंगामा नहीं थमने पर एक दर्जन राउंड हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. प्रदर्शनकारियों और पुलिस की जबरदस्त नोंक झोंक में करीब पांच दर्जन प्रदर्दशनकारियों को चोटें आयी, वहीं करीब दस पुलिसकर्मी भी घायल हुए. मामले में पटना पुलिस ने गांधी मैदान थाने में मामला दर्ज कराते हुए अधिकार मार्च के आयोजक मुकेश सहनी सहित 20 लोगों को हिरासत में लिया है.
प्रदर्शनकारी सुबह ग्यारह बजे से ही गांधी मैदान व उसके आस-पास इकट्ठा होने लगे थे. इनको बड़ी गाड़ियों में लाया गया था, जिसकी पार्किंग गांधी मैदान में की गयी. दोपहर 12 बजे तक गांधी मैदान में अच्छी-खासी भीड़ इकट्ठा हो गयी थी. इसी बीच सूचना मिली कि प्रशासन ने मार्च की अनुमति नहीं दी है तो आक्रोशित प्रदर्शनकारी इकट्ठा होकर बाहर निकले. मगर उनको जेपी गोलंबर के होटल मौर्या के समीप की गयी बैरिकेडिंग पर रोक दिया गया.
प्रदर्शन के चलते तीन घंटे से अधिक समय तक रामगुलाम चौक से लेकर जेपी गोलंबर चौक का सड़क जाम रहा.इसका प्रभाव हुआ कि एक्जीविशन रोड सहित गांधी मैदान के चारों तरफ की सड़क पर जाम लगने लगा. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे. इस बीच सहनी समाज के अध्यक्ष मुकेश सहनी व उनके कुछ समर्थकों की मांग पर उनको राजभवन ले जाया गया, मगर वहां उनकी राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पायी.
राजभवन से असंतुष्ट होकर लौटने के बाद सहनी समाज के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गये और उन्होंने बैरिकेडिंग को तोड़ कर आगे बढ़ने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बावजूद हंगामा नहीं थमने पर पुलिस ने बैरिकेडिंग हटा कर लाठीचार्ज शुरू कर दिया. इसके चलते काफी अफरा-तफरी मच गयी.
आगे में खड़ी कई महिलाओं को भी लाठीचार्ज का शिकार होना पड़ा. इस बीच प्रदर्शनकारियों के समूह ने संगठित होकर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गये. इसके बाद पुलिस ने गांधी मैदान के चारों तरफ से लेकर मैदान के अंदर खदेड़ कर पिटाई की.
हंगामा के दौरान मार्च में शामिल होने आये वाहनों से लेकर गांधी मैदान से गुजर रहे आम राहगीरों के वाहनों को भी जबरदस्त नुकसान पहुंचाते हुए उनमें तोड़फोड़ की गयी. भगदड़ में कई राहगीरों को भी चोट आयी. हंगामे के आरोप में पुलिस ने मुकेश सहनी सहित 20 लोगों को हिरासत में लिया है. लाठीचार्ज में छह लोगों को अधिक चोट आयी, जिनको इलाज के लिए पीएमसीएच में भरती कराया गया है. इनमें जगन साहनी समस्तीपुर, गोपाल साहनी पटना विसनपुरा, राजनारायण साहनी फतुहा, रामदेव सिंह, भागलपुर, पवन गुप्ता मुजफ्फरपुर, रंजीत कुमार समस्तीपुर शामिल हैं.
सीएम ने जांच का आदेश दिया
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निषाद रैली पर पुलिस की लाठी चार्ज की घटना की उच्चस्तरीय समीक्षा की. सात सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर, गृह सचिव आमीर सुभहानी मौजूद थे. सीएम ने पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए डीआइ पटना और पटना क प्रमंडल आयुक्त से इस मामले में रिपोर्ट की मांग की है.
करायेगा एफआइआर दर्ज
पटना. जेपी गोलंबर पर हुए हिंसक झड़प के बाद देर शाम हुए प्रेस कांफ्रेंस में सहनी समाज के प्रवक्ता पप्पू सिंह निषाद ने कहा कि साजिश के तहत समाज के लोगों की पिटाई की गयी है़ अगर शनिवार तक मुकेश सहनी और उनके साथ जेल में बंद लोगों को छोड़ा नहीं गया तो सहनी समाज दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायेगी़
आपातकाल की याद ताजा की: नंद किशोर
पटना : बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा है कि पटना में निषाद रैली पर लाठी चार्ज की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि लाठी चार्ज ने आपातकाल की याद ताजा कर दी है. मुख्यमंत्री ने बिहार में आपातकाल जैसे हालात बना दिए हैं. पुलिस और प्रशासन को जदयू सरकार ने दमन की खुली छूट दे रखी है.
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा है कि निषाद समाज के निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग सरकार की तानाशाही प्रवृति का परिचायक है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोगों की बात सुनना नहीं चाहते हैं, बल्कि लाठी–डंडे के बल पर उसे दबाना चाहते हैं .
यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात भी है. पांडेय ने कहा कि शांतिपूर्ण निषाद समाज के प्रदर्शनकारियों पर जिस बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया, उससे समाज की दर्जनों महिलाएं भी चोटिल हुईं हैं.
जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक राजेश रंजन ऊर्फ पप्पू यादव ने गांधी मैदान के समीप निषाद रेली पर पुलिस लाठी चार्ज कि निंदा की है. इसके साथ ही घायलों को देखने पीएमसीएच में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी , बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय एवं बाढ़ विधायक ज्ञानू कार्यकताओं के साथ पहुंचे.
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