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3000 मास्टर ट्रेनर छात्राएं सप्ताह में एक दिन सिखायेंगी कराटे

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब वैसी छात्राएं मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देंगी, जिन्हें मास्टर ट्रेनर का खिताब दिया जा चुका है.

संवाददाता, पटना

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब वैसी छात्राएं मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देंगी, जिन्हें मास्टर ट्रेनर का खिताब दिया जा चुका है. ये मास्ट्रर ट्रेनर छात्राएं अपने-अपने स्कूलों की छात्राओं को सप्ताह में एक दिन मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देंगी. जिन स्कूलों की छात्राओं को मास्ट्रर ट्रेनर का खिताब दिया गया है. उन स्कूलों के प्रधान को सुविधानुसार सप्ताह में एक दिन मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के लिए निर्धारित करना है. अब तक जिले के 33 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के 3,214 लड़कियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जा चुकी है. इनमें से मास्ट्रर ट्रेनर बनी 321 छात्राएं अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के अलावा अपने-अपने प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में छात्राओं को सप्ताह में एक दिन मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देंगी. दूसरे चरण में अब भी कस्तूरबा गांधी की छात्राओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने का काम जारी है. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं आत्मरक्षा के काबिल बन सकें. हाइस्कूलों में ट्रेनिंग दे रहे ब्लैक बेल्ट धारी मास्टर ट्रेनर को निर्देशित किया गया है कि यह ट्रेनिंग प्रति दिन दो घंटे की होगी. विद्यालय में अवकाश के दौरान भी प्रशिक्षण कार्य चलता रहेगा. मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही लड़कियों की सूची व फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से जिला शिक्षा कार्यालय को समर्पित करेंगे.

जिले के 325 हाई स्कूल की लड़कियां मार्शल आर्ट में होगी ब्लैक बेल्ट धारी

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के बाद अब हाई स्कूल में पढ़ने वाले लड़कियों को मास्टर आर्ट ट्रेनिंग की देने का काम शुरू हो गया है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को मार्शल में आर्ट में ट्रेनिंग देने के लिए निर्णय लिया है. इसी योजना के तहत पटना जिले के 325 हाई स्कूलों में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने का काम शुरू है. यह पूरी ट्रेनिंंग 36 दिनों की होगी.

नये सत्र से मार्शल में छात्राओं को मिलेगा विभिन्न बेल्ट

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मार्शल आर्ट और सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाने के लिये विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा. नये सत्र से छात्राओं को मार्शल आर्ट की विशेष प्रशिक्षण देने के साथ ही उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने पर मार्शल आर्ट की दक्षता को दर्शाने वाले अलग-अलग रंगों के बेल्ट भी दिये जायेंगे. सबसे पहले सफेद बेल्ट प्रदान किया जायेगा और सबसे अंत में छात्राओं को ब्लैक बेल्ट दिया जायेगा. इसके अलावा अलग-अलग स्तर का प्रशिक्षण मिलने के साथ छात्राओं को पीले, नारंगी, हरा, नीला और भूरे रंग का बेल्ट प्रदान किया जायेगा. यह सभी अलग-अलग लेवल को पूरा करने की निशानी के रूप में छात्राओं को दी जायेगी. नये सत्र से कक्षा 9वीं से 12वीं की छात्राओं को मार्शल आर्ट की विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी. जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रथम चरण में 1300 छात्राओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जायेगी. वहीं जिले के विभिन्न प्रखंडों में करीब 15 हजार छात्राओं को ट्रेनिंग दिया जायेगा. पहले चरण में प्रत्येक स्कूलों में 100 छात्राओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जायेगी. इसमें साल के अंत तक सभी चयनित स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं का ट्रेनिंग कार्य पूरा किया जायेगा. ट्रेनिंग पाने वाली छात्राएं अपने स्कूल की अन्य छात्राओं को ट्रेनिंग देंगी.

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