मनोज कुमार, पटना मनरेगा से राज्य में बन रहे खेल मैदानों के लिए सरकार से अभी राशि नहीं मिली है. उधार की सामग्रियों से राज्यभर में 6659 खेल मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है. राशि नहीं मिलने के कारण ग्रामीण विकास विभाग ने बिहार सरकार से 250 करोड़ रुपये एडवांस मांगे हैं. कैबिनेट से स्वीकृति के बाद ये राशि मिलेगी. राशि नहीं मिलने के कारण मनरेगा में पिछले साल 27 दिसंबर से ही भुगतान बंद है. कुल 1745 करोड़ रुपया बकाया हो गया है. इस राशि के भुगतान नहीं होने के कारण खेल मैदानों के लिए राशि आवंटित नहीं हो सकी. लिहाजा, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस और रनिंग ट्रैक में लगने वाली सामग्रियां उधार ली जा रही हैं. खेल सामग्री भी अभी उधारी ही मंगायी जा रही है. इस साल 31 मार्च तक सभी खेल मैदानों को पूर्ण करने का लक्ष्य है. फिर इसे विस्तारित किया गया. इसके बावजूद भी अभी 926 खेल मैदान ही बने हैं. 63137 लाख स्वीकृत, मगर नहीं मिली राशि प्रत्येक खेल मैदान के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं. इस हिसाब से कुल 6659 खेल मैदानों के लिए 63137.87 लाख रुपये की मंजूरी दी गयी है. लेकिन इसमें अभी राशि नहीं मिली है. सबसे अधिक राशि बास्केटबॉल मैदान का स्ट्रक्चर खड़ा करने पर लग रही है. इसके साथ ही बास्केटबॉल के लिए स्पोर्ट्स स्टेशनरी पर भी एक मुश्त बड़ी रकम लग रही है. 6659 में 926 खेल मैदान तैयार समस्तीपुर, बेगूसराय में छह-छह, मधुबनी में 16, पटना में 15, सीतामढ़ी में 10, गोपालगंज में 15, लखीसराय में छह, पूर्वी चंपारण में 35 खेल मैदान का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है. भागलपुर में 14, औरंगाबाद में 18, पूर्णिया में 19, बांका में 21, सारण में 21, मधेपुरा में 15, सहरसा में 12, कैमूर में 19, नालंदा में 21, दरभंगा में 25, जमुई में 20, वैशाली में 24, अररिया में 29 खेल मैदान बनकर तैयार हो गये हैं. पश्चिम चंपारण में 38, बक्सर में 18, कटिहार में 36, अरवल में 11, नवादा में 36, गया में 48, सुपौल में 25, रोहतास में 43, मुंगेर में 14, मुजफ्फरपुर में 72, भोजपुर में 38, सीवान में 54, खगड़िया में 23, किशनगंज में 46, शिवहर में 10, जहानाबाद में 29 और शेखपुरा में 18 खेल मैदान का काम पूरा हो गया है.
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