दानापुर, खगौल, बिहटा, मनेर की जमीन लोगों की पहली पसंद

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
नितिश
10 महीने के अंदर दानापुर सब रजिस्ट्री ऑफिस में 15,234 रजिस्ट्री
पटना : दानापुर सब रजिस्ट्री ऑफिस के तहत आने वाले दानापुर, खगौल, बिहटा और मनेर इलाकाें की जमीन लोगों की पहली पसंद है. अप्रैल, 2019 से जनवरी, 2020 तक पटना जिले में सबसे अधिक जमीन की खरीद-बिक्री इन इलाकों में हुई. दानापुर सब रजिस्ट्री ऑफिस में 15,234 रजिस्ट्री हुई. वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी इन इलाकों में सबसे अधिक 17,401 रजिस्ट्री हुई थी. वहीं, लोगों की दूसरी पसंद पटना सदर सब रजिस्ट्री का इलाका रहा. यहां 13,542 रजिस्ट्री हुई.
तीसरे नंबर पर फुलवारीशरीफ सब रजिस्ट्री ऑफिस में 12287 रजिस्ट्री हुई. उक्त ऑफिस से जुड़े फुलवारीशरीफ, संपतचक, रामकृष्णा नगर, परसा आदि इलाके में काफी जमीन की खरीद-बिक्री हुई. उधर, बाढ़ सब रजिस्ट्री के इलाके मसलन बाढ़, पंडारक, बख्तियारपुर, घोसवरी और मोकामा में सबसे कम जमीन की खरीद-बिक्री हुई. इन इलाकों में मात्र 6467 रजिस्ट्री हुई हैं.
राजस्व प्राप्त करने में पहले नंबर पर रहा पटना सदर : जमीन की खरीद-बिक्री से राजस्व प्राप्त करने में पटना सदर पहले नंबर पर रहा. पटना सदर का अधिकतर इलाका शहरी क्षेत्र में है. यहां रजिस्ट्री के लिए सबसे अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है.
पटना सदर इलाके की जमीन का एमवीआर रेट अन्य इलाकों की जमीन से ज्यादा है. पटना सदर में जमीन की रजिस्ट्री से लगभग 300.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है. दूसरे नंबर पर दानापुर सब रजिस्ट्री ऑफिस में रजिस्ट्री से 160.62 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. तीसरे नंबर पर फुलवारीशरीफ है. यहां रजिस्ट्री से 107.41 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हो चुके हैं.
दूसरे नंबर पर पटना सदर व तीसरे नंबर पर फुलवारीशरीफ सब रजिस्ट्री ऑिफस
सड़कों व परियोजनाओं के विस्तार ने बढ़ायी जमीन की मांग
दानापुर सब रजिस्ट्री ऑफिस के तहत दानापुर, खगौल, बिहटा, मनेर आदि इलाकों में लोगों के जमीन खरीदने की रुचि कई कारणों से बढ़ी है. इनमें खासकर बिहटा में कई तरह की परियोजनाओं का काम हुआ है. बिहटा-सरमेरा सड़क बनायी जा रही है. एयरपोर्ट भी वहीं शिफ्ट किया जाना है. गेल व आइओसी के प्लांट भी वहीं लगने जे रहे हैं. इसके अलावा निवेश के उद्देश्य से भी लोगों ने काफी जमीन की खरीद इन इलाकों में की है. इनइलाकों की जमीन की कीमत मात्र तीन-चार साल में ही दो-तीन गुनी हो चुकी है. इसके कारण निवेशक भी इसी इलाके का प्राथमिकता के आधार पर चयन कर रहे हैं. साथ ही इन इलाकों में अब भी अन्य जगहों की अपेक्षा जमीन काफी सस्ती है. इसके कारण कम पूंजी के लोग भी जमीन खरीद पा रहे हैं.
2019 के अक्तूबर में काफी धीमी गति में हुई थी रजिस्ट्री
2019 के अक्तूबर में काफी धीमी गति में रजिस्ट्री हुई. राज्य सरकार द्वारा जमीन की रजिस्ट्री के लिए कुछ नियम बना दिया था. इसमें यह था कि जिनके नाम से जमाबंदी होगी, वहीं रजिस्ट्री का सकते हैं और जमीन का म्यूटेशन भी आवश्यक होगा. इसके कारण अक्तूबर में रजिस्ट्री कम हुई. हालांकि, इस नियम पर कोर्ट ने रोक लगा दी और नवंबर से फिर से जमीन व फ्लैटों की रजिस्ट्री तेजी से होने लगी.
नोटबंदी व जीएसटी की मार से उबर चुका है रियल एस्टेट का कारोबार
नोटबंदी व जीएसटी की मार से पटना जिले में जमीन की खरीद-बिक्री व रियल एस्टेट का कारोबार पूरी तरह उबर चुका है. वित्तीय वर्ष 2019-20 (जनवरी तक) में 74 हजार 595 रजिस्ट्री हो चुकी है. अभी फरवरी व मार्च बाकी हैं. साथ ही अब तक 747.99 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जबकि इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 991.11 करोड़ है. एक तरह से लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है. फिलहाल 75.47% लक्ष्य प्राप्त हो चुका है.
फ्लैट से अधिक जमीन की हुई बिक्री
फ्लैटों के बजाय जमीन की अधिक बिक्री हुई है. जमीन व फ्लैटों की अलग-अलग रजिस्ट्री के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं. लेकिन, अनुमान के तहत करीब 70% जमीन और 30% फ्लैटों की बिक्री हुई है.
जिले में जमीन की खरीद-बिक्री
सब रजिस्ट्री ऑफिस रजिस्ट्री
दानापुर 15234
पटना सदर 13542
फुलवारीशरीफ 12287
पटना सिटी 9888
विक्रम 8929
मसौढ़ी 8248
लोगों की रुचि बरकरार
राजस्व प्राप्ति को लेकर लक्ष्य के करीब है. मार्च तक राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है. जमीन व फ्लैटों की खरीद-बिक्री में लोगों की रुचि बरकरार है.
एसएन चौधरी, जिला निबंधन पदाधिकारी
Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें