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पटना : अपनी ही डिग्री से वंचित, बिना कारण रोक

Updated at : 10 Feb 2020 8:32 AM (IST)
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पटना : अपनी ही डिग्री से वंचित, बिना कारण रोक

राजभवन ने कन्वोकेशन कर हर छात्र को डिग्री देने का दिया था निर्देश प्रभात खबर की पहल व राजभवन के आदेश से ऑनलाइन आवेदन पर जारी होने लगी थी डिग्री, फिर लगी रोक अमित कुमार पटना : अगर आप मगध विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे हैं या नामांकन लेने जा रहे हैं, तो यह सोच […]

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राजभवन ने कन्वोकेशन कर हर छात्र को डिग्री देने का दिया था निर्देश
प्रभात खबर की पहल व राजभवन के आदेश से ऑनलाइन आवेदन पर जारी होने लगी थी डिग्री, फिर लगी रोक
अमित कुमार
पटना : अगर आप मगध विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे हैं या नामांकन लेने जा रहे हैं, तो यह सोच लें कि आपको डिग्री तभी मिलेगी, जब आपकी कहीं नौकरी लग जाये या फिर किसी जगह आपकी डिग्री के बिना आपका नामांकन नहीं हो. अपनी ही मेहनत और पढ़ाई करके प्राप्त डिग्री आपको विवि नहीं देगा. डिग्री प्राप्त करने के लिए आपको जरूरी कारण और उससे संबंधित कागजात दिखाने होंगे, अन्यथा विवि का चक्कर लगाने पर भी डिग्री नहीं मिलने वाली.
विवि में 35 वर्षों से न तो कन्वोकेशन हो रहा है और न ही छात्रों को बिना कारण बताये डिग्री दी जाती है. कई वर्ष पहले सिर्फ एक कन्वोकेशन हुआ था, बाद में उसे फिर बंद कर दिया गया. बीच में प्रभात खबर में ही खबर छपने के बाद और राजभवन की सख्ती के बाद ऑनलाइन आवेदन करने पर डिग्री मिलने लगी थी, लेकिन एक बार फिर से उस पर रोक लगा दी गयी है.
विगत 35 वर्षों से न तो कन्वोकेशन हो रहा और न डिग्री ही कॉलेज भेज रहा
जरूरत पर नहीं मिलती डिग्री
मगध विश्वविद्यालय द्वारा वैलिड कारण बताने पर डिग्री देने की बात की जाती है, लेकिन यहां समस्या इतनी भर हो तो कोई बात नहीं. दिक्कत यह है कि कहीं भी नौकरी या नामांकन होने पर तत्काल डिग्री मांगी जाती है, लेकिन विवि में आवेदन करने बाद डिग्री तुरंत मिलना साधारण बात नहीं है.
मगध विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण छात्रों को उनके मूल प्रमाणपत्र प्राप्त करने में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है. कई बार विवि में दौड़ाया जाता है. उनसे कई तरह के डॉक्यूमेंट मांगे जाते हैं. डिग्री क्यों जरूरी है, उसके लिए भी डॉक्यूमेंट देने होते हैं.
अन्यथा यह कहा जाता है कि डिग्री की उक्त काम के लिए क्या जरूरत है. पटना या दूसरे जिलों के छात्रों को 220 किलोमीटर आने-जाने में सफर करना होता है. काफी पैसे खर्च होते हैं और वहां जाने के बाद टका सा जवाब मिलता है कि बाद में आना या अगले हफ्ते आना. सैकड़ों छात्र प्रतिदिन मूल प्रमाणपत्र के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर लगाते हैं और इस समस्या से परेशान हैं. छात्रों की मानें तो विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं कर्मचारियों का कहना है कि कुलपति के आदेशानुसार जिन छात्रों के पास किसी नौकरी का कॉल लेटर नहीं है, उन्हें मूल प्रमाणपत्र नहीं दिया जायेगा.
कई बार विवि का चक्कर लगा चुका हूं
अगस्त, 2019 में मूल प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था. लेकिन, अभी तक नहीं मिला है. कई बार विवि का चक्कर लगा चुका हूं. अब कुलपति के आदेश का हवाला देकर डिग्री देने से मना किया जा रहा है.
अभिषेक, एमयू, स्नातक सत्र 2012-15
जल्द-से-जल्द होना चाहिए निदान
कॉलेज के छात्र जो एमयू से स्नातक या पीजी उत्तीर्ण हैं, उन्हें डिग्री के लिए दौड़ाया जाता है. ऐसे में छात्रों की उक्त समस्या का जल्द-से-जल्द निदान होना चाहिए अन्यथा छात्र आंदोलन करेंगे.
कन्हैया कुमार कौशिक, एएन कॉलेज छात्र संघ उपाध्यक्ष
छात्रों को जल्द ही डिजिटल डिग्री दी जायेगी
ऑनलाइन आवेदन के जरिये डिग्री देने पर फिलहाल रोक लगा दी गयी है. क्योंकि, उसमें फर्जीवाड़े की आशंका रहती है. छात्रों को जल्द ही डिजिटल डिग्री दी जायेगी. मार्च से छात्रों को उक्त डिग्री दी जायेगी. कन्वोकेशन का फिलहाल कोई आदेश नहीं है.
भृगुनाथ सिंह, परीक्षा नियंत्रक, मगध विश्वविद्यालय
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