रघुवंश प्रसाद सिंह की असंतोष से भरी बहुचर्चित की चिठ्ठी पर राजद आलाकमान खामोश, जानें क्‍या है पूरा मामला

Updated at : 13 Jan 2020 7:41 AM (IST)
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रघुवंश प्रसाद सिंह की असंतोष से भरी बहुचर्चित की चिठ्ठी पर राजद आलाकमान खामोश, जानें क्‍या है पूरा मामला

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष के कामकाज पर नाखुशी जतायी, राजद सुप्रीमो को लिखी चिट्ठी पटना : राष्ट्रीय जनता दल में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की असंतोष से भरी बहुचर्चित चिठ्ठी पर पार्टी आलाकमान ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पार्टी के अंदर […]

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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष के कामकाज पर नाखुशी जतायी, राजद सुप्रीमो को लिखी चिट्ठी
पटना : राष्ट्रीय जनता दल में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की असंतोष से भरी बहुचर्चित चिठ्ठी पर पार्टी आलाकमान ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है.
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पार्टी के अंदर और बाहर इस पर अभी तक अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान से पार्टी में हलचल जरूर मची है. हालांकि, उनकी नाराजगी से जुड़े मुद्दों पर पार्टी में शिवानंद तिवारी के अलावा किसी दूसरे बड़े नेता ने मुहर नहीं लगायी है.
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इसका सीधा-सा संकेत है कि उनकी ये चिठ्ठी पार्टी अालाकमान को पसंद नहीं आयी है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक तेजस्वी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के धुरंधर समाजवादी बुजुर्गों में शक्ति संतुलन बनाने की होगी. फिलहाल साेमवार को राजद नेता तेजस्वी यादव भी पटना में ही रहेंगे.
सीमांचल में उनके प्रस्तावित प्रतिरोध सभाओं की तैयारियों के संदर्भ में उनकी दूसरे नेताओं से बातचीत भी होगी. संभव है कि सवालों से भरी चिठ्ठी पर भी कोई चर्चा हो. हालांकि, राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि रघुवंश प्रसाद सिंह ने इसी तरह की चिठ्ठी पूर्व अध्यक्ष डॉ रामचंद्र पूर्वे के कार्यकाल में भी लिखी हैं. वे तभी भी पार्टी की कार्यशैली से असहमत थे. तब भी पार्टी आलाकमान चुप था. फिलहाल राजद में सभी निर्णय लालू प्रसाद व तेजस्वी यादव की सहमति से ही लिये जा रहे हैं.
ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर राजद में कुछ भी गड़बड़ी गिनायी जायेगी तो यह शीर्ष नेतृत्व की नीतियों पर सवाल उठाने जैसा ही होगा. यही वजह है कि राजद आलाकमान चुप है. उसकी यह चुप्पी ही उसकी सबसे बड़ी राजनीतिक समझदारी बतायी जा रही है. गौरतलब है कि रघुवंश प्रसाद सिंह ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को चिट्ठी लिख कर प्रदेश अध्यक्ष डॉ जगदानंद प्रसाद सिंह के कामकाज पर उंगली उठायी थी.
गौरतलब है कि बिहार में राजद सबसे बड़ी पार्टी है. उसके सदन में 81 विधायक हैं. राजद में रघुवंश शुरू से ही मुखर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह लालू और तेजस्वी के खास हैं.
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