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पटना : सबौर कृषि विवि व डेबेस्ट ड्रोन से करायेगा बिहार में खेती

Updated at : 30 Dec 2019 9:00 AM (IST)
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पटना : सबौर कृषि विवि व डेबेस्ट ड्रोन से करायेगा बिहार में खेती

पटना : बिहार में रोबोट और ड्रोन से खेती शुरू हो गयी है. जल-जीवन-हरियाली को लेकर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के दो युवाओं देवेश कुमार झा और कुमार कन्हैया सिंह के स्टार्टअप डेबेस्ट की काफी सराहना की. उन्होंने कहा कि ड्रोन से खेती के बाद काफी मात्रा में पानी की बचत […]

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पटना : बिहार में रोबोट और ड्रोन से खेती शुरू हो गयी है. जल-जीवन-हरियाली को लेकर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के दो युवाओं देवेश कुमार झा और कुमार कन्हैया सिंह के स्टार्टअप डेबेस्ट की काफी सराहना की. उन्होंने कहा कि ड्रोन से खेती के बाद काफी मात्रा में पानी की बचत होगा. सभी किसानों को लाभ पहुंचाने का काम करें.
वहीं, कृषि निदेशक आदेश तितरमारे ने भी डेबेस्ट के कामों से मुख्यमंत्री को रू-ब-रू कराया. उन्होंने कृषि में हो रहे नये प्रयोग की सराहना की. गौरतलब है कि बिहार के मोकामा में किसान सेंटर की स्थापना हुई है. नीतीश कुमार ने किसान सेंटर पर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और इससे लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने की बात कही है. देवेश कुमार झा ने कहा कि अब टाल के किसानों को ड्रोन फसल उगाने में मदद करेगा. टाल फार्मर एसोसिएशन के करीब दो हजार सदस्य इससे जुड़ गये हैं. ड्रोन पानी की काफी बचत करता है. जहां तीन सौ लीटर पानी लगता है, वहां मात्र 15 लीटर में काम चल जायेगा. यह पुरानी प्रक्रिया से फायदेमंद है.
मिट्टी के हानिकारक तत्वों का पता लगायेगा रोबोट
डेबेस्ट कंपनी के ड्रोन रोबोट के माध्यम से किसानों की हर गतिविधियों की जानकारी देगी. फसल खराब होने से पहले ही किसानों को सूचित करेगा. इसके साथ यह मिट्टी में होने वाले हानिकारक तत्वों का भी पता लगाता रहेगा. टाइम-टाइम पर रोबोट के माध्यम से किसानों को फसल संबंधित मैसेज भी भेजता रहेगा. देवेश कुमार झा और कुमार कन्हैया सिंह ने रोबोटिक्स और ड्रोन सिस्टम से खेती करने की पद्धति विकसित किया है. झा ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के साथ डिबेस्ट का एमओयू साइन हो रहा है. 31 तक एमओयू साइन हो जायेगा. साइन होते ही बिहार के किसानों को काफी फायदा मिलेगा. विवि भागलपुर के साथ बिहार के अन्य क्षेत्रों में काम करेगा और बेहतर फसल उगाने पर काम किया जायेगा.
आनेवाले दिनों में छिड़काव को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं होगी. कृषि को डिजिलाइटेशन किया जायेगा. 300 से 400 रुपये छिड़काव का खर्च पड़ेगा. ड्रोन एक दिन में 20 से 30 एकड़ में छिड़काव करता है. ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव इतने सधे तरीके से होती है कि जरा भी नुकसान नहीं होता.
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