AC कोच में चोरी के लिए रेलवे जिम्मेदार! शिकायत के बाद भी बैग नहीं मिला, अब यात्री को रेलवे देगा 1.25 लाख रुपये..

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Patna News: जिला उपभोक्ता आयोग ने ट्रेन के एसी कोच में सुरक्षा चूक पर कड़ा रुख अपनाते हुए रेलवे पर 1.25 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है. पटना की साधना देवी का सामान चोरी होने के मामले में आयोग ने इसे सेवा में बड़ी लापरवाही माना. रेलवे को मुआवजा व मुकदमा खर्च के साथ बरामद मोबाइल लौटाने का आदेश दिया गया है.

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Patna News: ट्रेन के आरक्षित कोच में सफर के दौरान यात्री के सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की जिम्मेदारी है. इस मामले में लापरवाही बरतने पर जिला उपभोक्ता आयोग, पटना ने रेलवे पर कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने एक महिला यात्री के साथ हुई चोरी की घटना में सेवा में कमी पाते हुए रेलवे को एक लाख रुपये मुआवजा और 25 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है. साथ ही, बरामद किए गए दो मोबाइल फोन भी यात्री को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं.

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जबलपुर से ट्रेन के खुलने के बाद हुई थी घटना

मामला मधेपुरा की निवासी साधना देवी से जुड़ा है, जो वर्तमान में पटना के राजापुल इलाके में रहती हैं. 12 जुलाई 2017 को साधना देवी अपने पति विजय कुमार गुप्ता के साथ ट्रेन संख्या 12142 यानि लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के थर्ड एसी से यात्रा कर रही थी. दोनों यात्री को कोच बी5 में बर्थ संख्या 61 व 62 आवंटित की गई थी. दोपहर 12 बजे जब वह अपनी बर्थ पर सो रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति आया और उनका बैग छीन लिया. यह घटना जबलपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के खुलने के तुरंत बाद जबलपुर व मदन महल रेलवे स्टेशन के बीच घटी. जिसके बाद पीड़िता ने इस संबंध में टीटीइ और जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी.

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बैग में था पासपोर्ट, पैन कार्ड सहित कई सामान

बैग में पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 100 रियाल (2000 रुपये) भारतीय मुद्रा, 29.95 ग्राम का सोने का लॉकेट, दो एसबीआइ एटीएम कार्ड, आइसीआइसीआइ बैंक कार्ड, पासबुक व चेक, स्वास्थ्य बीमा कार्ड, कलाई घड़ी, घर की चाबियां और तीन मोबाइल फोन थे. आयोग के मुताबिक विपक्षी पार्टी की ओर से एक प्रतिनिधि उपस्थित हुए, लेकिन अन्य नहीं पहुंचे. इसलिए आयोग ने बाकी सभी विपक्षी पक्षों के खिलाफ मामले की एकतरफा सुनवाई करने का निर्णय लिया.

आयोग ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में पाया चूक

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा व सदस्य रजनीश कुमार ने पाया कि आरक्षित कोच में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश और चोरी की घटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक है. रेलवे की ओर से पेश दलीलों में बताया गया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनसे दो मोबाइल बरामद हुए. हालांकि, चोरी किया गया अन्य कीमती सामान बरामद नहीं हो सका.

पटना जंक्शन व जबलपुर रेल अधीक्षक को देना होगा मुआवजा

आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि रेलवे अपने यात्रियों को सुरक्षित यात्रा प्रदान करने में विफल रहा.साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने रेल अधीक्षक (पटना जंक्शन) और रेल अधीक्षक (जबलपुर) को दोषी मानते हुए आदेश दिया कि वे संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता को मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा दें. इसके अलावा 25 हजार रुपये केस लड़ने के खर्च के रूप में देने होंगे. आयोग ने आदेश के अनुपालन के लिए 60 दिनों का समय दिया है.

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