एक दारोगा समेत छह पुलिसकर्मी िगरफ्तार
Updated at : 11 Dec 2019 5:40 AM (IST)
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पटना : कुख्यात अपराधी विकास सिंह के पुलिस को चकमा देकर दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से फरार होने के मामले में एक दारोगा समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ बेऊर थाने में मंगलवार देर रात प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी. साथ ही उन सभी को गिरफ्तार भी कर लिया गया. मामले में विकास सिंह को भी […]
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पटना : कुख्यात अपराधी विकास सिंह के पुलिस को चकमा देकर दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से फरार होने के मामले में एक दारोगा समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ बेऊर थाने में मंगलवार देर रात प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी. साथ ही उन सभी को गिरफ्तार भी कर लिया गया.
मामले में विकास सिंह को भी आरोपित बनाया गया है. पुलिस लाइन के अधिकारी के बयान पर दारोगा अखिलेश प्रसाद सिंह, हवलदार सुशील कुमार सिंह, कांस्टेबल मो एजाज अहमद, राजेश्वर कुंवर, सौरभ प्रियदर्शी व विनोद कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी दर्ज होने पर एसएसपी गरिमा मलिक ने पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया. मामले की जांच के लिए एसआइटी की टीम गठित की गयी है.
जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की भूमिका मिली संदिग्ध, भेजे गये जेल
बताया जाता है कि इस मामले को रेंज आइजी संजय सिंह व एसएसपी गरिमा मलिक ने काफी गंभीरता से लिया है. एसएसपी ने पुलिस लाइन के डीएसपी आशीष सिंह से पूरे मामले की जांच करायी. इसकी रिपोर्ट मंगलवार की शाम डीएसपी ने सौंपी. उक्त रिपोर्ट की जानकारी एसएसपी ने रेंज आइजी को दी.
सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में तमाम पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध थी और विकास सिंह के भागने के लिए जिम्मेदार माना गया. रेंज आइजी ने पूरी रिपोर्ट देखी और फिर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया. दूसरी ओर एसएसपी ने भी तमाम पुलिसकर्मियों को रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड कर दिया.
बेऊर इलाके में ही हथकड़ी को खोल दिया गया !
पांच दिसंबर को पुलिसकर्मी बेऊर जेल पहुंचे और फिर वहां से लेकर पटना जंक्शन की ओर निकले. जहां से उसे दिल्ली ले जाया जाना था. सूत्रों के अनुसार बेऊर जेल से कुछ दूरी पर जाने पर ही विकास सिंह की हथकड़ी भी खोल दी गयी. इसके कारण पुलिसकर्मियों की मंशा को सही नहीं माना जा रहा है.
इसके अलावा होटल में रुकना भी पूरी तरह गलत है. रेंज आइजी संजय सिंह ने बताया कि बेऊर थाने में तमाम पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पटना जंक्शन के सीसीटीवी कैमरे को खंगालेगी पुलिस : पटना पुलिस की टीम ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है. पुलिसकर्मियों का बयान लिया जा चुका है. साथ ही पटना जंक्शन व अन्य इलाकों का सीसीटीवी कैमरे का वीडियो फुटेज खंगाला जायेगा.
इसकी भी जानकारी ली जायेगी कि कैदी विकास सिंह के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा? होटल में रुकने का कैसे प्लान बना? पहले भी कितनी बार उस होटल में रुके थे? इन तमाम बिंदुओं पर जांच की जायेगी. बेऊर थाना के तत्कालीन थानेदार व अन्य पुलिसकर्मी अपराधियों को भगाने के आरोप में जेल जा चुके हैं.
तीस हजारी कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया था विकास सिंह को : विकास सिंह के खिलाफ पटना के साथ ही दिल्ली में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं.
दिल्ली में दर्ज मामले में तीस हजारी कोर्ट में पेशी के लिए उसे पांच दिसंबर को ले जाया गया था. छह दिसंबर को दिल्ली पहुंचने पर उसे लोकल पुलिस की सुरक्षा में रखने के बजाये पहाड़गंज इलाके में एक होटल में रखा गया और वह वहां से फरार होने में सफल रहा. सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने प्रेमिका को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. झारखंड के युवक राहुल का भी नाम सामने आ रहा है.
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