पटना में निगरानी विभाग के डर से इंजीनियर परिवार ने जला दिये एक करोड़ के नोट,राख को कमोड से किया फ्लश

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : निगरानी विभाग की विशेष टीम ने सोमवार को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को 16 लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया. उनकी गिरफ्तारी अंबेडकर पथ स्थित हरिचरण रेसिडेंसी अपार्टमेंट के उनके फ्लैट नंबर 401 से की गयी. वह कटिहार के पथ प्रमंडल में तैनात हैं, लेकिन ठेकेदार को यहां बुलाकर रिश्वत की रकम ले रहे थे.
टीम ने जैसे ही उन्हें 401 नंबर फ्लैट से गिरफ्तार किया, इसी अपार्टमेंट में उनके दूसरे फ्लैट 308 नंबर में रह रहे उनके परिवार वालों ने आनन-फानन में घर में रखे करीब एक करोड़ रुपये और अचल संपत्ति से संबंधित कुछ अहम दस्तावेजों को बाथरूम में ले जाकर आग लगा दी. फिर इसकी राख को कमोड में फ्लश कर दिया. निगरानी की टीम ने धुआं निकलते देखा, तो तुरंत 308 नंबर फ्लैट में घुसकर इसके बाथरूम में जले हुए नोटों के अवशेष को देखा. लेकिन तब तक परिवार वालों ने करीब सभी नोटों को जला दिया था. फिर भी अधजले नोट और जले नोटों की राख बरामद हो पायी है.
इस बात की कोई सटीक सूचना नहीं मिल पायी है कि कितने रुपये जलाये गये हैं, लेकिन शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि ये रुपये करीब एक करोड़ हो सकते हैं. फिलहाल निगरानी ब्यूरो की टीम इस मामले में इंजीनियर, उनकी पत्नी, बेटे और नौकर से देर शाम तक गहन पूछताछ करती रही.
एफएसएल की टीम एकत्र करेगी नमूने
आरोपित इंजीनियर के फ्लैट के जिस बाथरूम में नोट जलाये गये हैं, उसे सील कर दिया गया है. यहां मौजूद अधजले नोटों और फर्श पर फैले केमिकल के नमूने एकत्र करने के लिए एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम को बुलाया गया है.
कागजी मुद्रा को तैयार करने में एक खास किस्म के रसायन का इस्तेमाल किया जाता है. इसे एकत्र करके जांच की जायेगी, जिससे यह साबित हो सके कि नोटों को ही जलाया गया है. इसके अलावा नोटों के साथ जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित कई कागजात भी जलाये गये हैं. इसका खुलासा भी एफएसएल की जांच में हो सकेगा.
कटिहार के पथ प्रमंडल में हैं तैनात, पटना में अंबेडकर पथ के हरिचरण रेसिडेंसी में हैं दो फ्लैट
83.52 करोड़ के बिल के लिए मांगे थे 80 लाख रुपये
निगरानी ब्यूरो में कटिहार जिले के कोढ़ा थाने के बिन्जी गांव के ठेकेदार निखिल कुमार ने इंजीनियर के खिलाफ घूस मांगने की शिकायत की थी. रोड मेंटेनेंस कार्य में 83 करोड़ 52 लाख छह हजार रुपये के बिल भुगतान करने के एवज में एक प्रतिशत राशि यानी 84 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर मांग रहे थे.
काफी मान-मनौव्वल के बाद 80 लाख में यह मामला तय हुआ. इसकी पहली किस्त के तौर पर 16 लाख रुपये देने के लिए ठेकेदार को घर पर बुलाया था. रुपये देने के दौरान निगरानी ने उन्हें ट्रैप किया. यह मामला कटिहार से संबंधित होने के कारण भागलपुर के निगरानी कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी.
इंजीनियर, उनकी पत्नी, बेटे और नौकर से देर शाम तक होती रही पूछताछ
भारतीय मुद्रा जलाने पर अलग केस
भारतीय मुद्रा को जलाने के आरोप में इंजीनियर की पत्नी व बेटे समेत घर में उस समय मौजूद अन्य परिजनों पर 'इंडियन क्वाइन एक्ट' के तहत मामला दर्ज होगा. भारतीय मुद्रा जलाना एक तरह से देशद्रोह का मामला बनता है. इसकी कई धाराएं गैर जमानती भी हैं. ऐसे में इनके परिजनाें की भी इस धारा के अंतर्गत गिरफ्तारी हो सकती है.
इंजीनियर पर दर्ज होगा डीए का मामला भी
आरोपित कार्यपालक अभियंता पर डीए (आय से अधिक संपत्ति) के तहत भी मामला दर्ज हो सकता है. इनके पास से बड़ी संख्या में अवैध रूप से रखे नोटों के अलावा जमीन-जायदाद से जुड़े बड़ी संख्या में कागजात बरामद हुए हैं. फिलहाल इन सभी कागजातों की जांच चल रही है, जिसके बाद तय होगा कि कितने का डीए केस इनके खिलाफ तैयार हो सकता है.
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