पटना : उपचुनाव में वाम दलों की एकता बिखरी
Updated at : 12 Oct 2019 7:40 AM (IST)
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मिथिलेश वाम उम्मीदवारों को समर्थन के बजाय महागठबंधन को तरजीह पटना : राज्य में विधानसभा की पांच और लोकसभा की एक सीट पर हो रहे उपचुनाव में वाम दलों की एकता बिखर गयी है. सीवान जिले की दरौंदा विधानसभा सीट पर वाम दलों की आपसी कलह खुल कर सतह पर आ गयी है. वहां भाकपा […]
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मिथिलेश
वाम उम्मीदवारों को समर्थन के बजाय महागठबंधन को तरजीह
पटना : राज्य में विधानसभा की पांच और लोकसभा की एक सीट पर हो रहे उपचुनाव में वाम दलों की एकता बिखर गयी है. सीवान जिले की दरौंदा विधानसभा सीट पर वाम दलों की आपसी कलह खुल कर सतह पर आ गयी है.
वहां भाकपा और भाकपा माले ने अपने-अपने उम्मीदवार खड़े कर दिये हैं. प्रदेश की तीसरी बड़ी वाम ताकत माकपा ने यहां माले प्रत्याशी को अपना समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों में कोई एक चीज काॅमन है तो वह है महागठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन.
माले दरौंदा को छोड़ बाकी जगहों पर राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार का समर्थन करेगी. लोकसभा चुनाव में राजद ने आरा की सीट माले के लिए छोड़ दी थी, जबकि माले ने पाटलिपुत्र की सीट पर राजद के समर्थन में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे था. उपचुनाव में भाकपा ने दरौंदा में भरत सिंह, नाथनगर में सुधीर शर्मा और किशनगंज में फिरोज आलम को अपना उम्मीदवार बनाया है. इन तीनों सीटों को छोड़ बाकी के दो सीटों सिमरी बख्तियारपुर और बेलहर में उसने राजद के उम्मीदवारों को समर्थन देने का फैसला लिया है. समस्तीपुर लोकसभा सीट पर तीनों प्रमुख वाम दल माले, भाकपा और माकपा मिल कर कांग्रेस उम्मीदवार डाॅ अशोक कुमार को अपना समर्थन देंगी.
इस उपचुनाव में माकपा का एक भी उम्मीदवार नहीं है. पर, पार्टी ने सीवान जिला कमेटी की राय पर दरौंदा में माले के उम्मीदवार जयशंकर पंडित को अपना समर्थन देने के लिए कैडर मतदाताओं को संदेश दिया है.
भाकपा माले और भाकपा दरौंदा की सीट पर एक दूसरे के मुकाबले चुनाव मैदान में किसी हाल में समझौते की गुंजाइश नहीं छोड़ रही है. दरौंदा विधानसभा सीट सीवान लोकसभा क्षेत्र का अंग है. यहां माले पहले से चुनावी संघर्ष करता रहा है. तीसरी वाम पार्टी माकपा का उपचुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं रह गया है. पार्टी ने नाथनगर में उम्मीदवार खड़ा किया था, लेकिन नामांकन पत्रों की जांच में उनका परचा रद्द हो गया. सभी सीटों पर 21 अक्तूबर को मतदान और 24 को मतों की गिनती होगी.
तीनों दलों का अपना-अपना तर्क
दरौंदा हमारी पारंपरिक सीट रही है. भाकपा ने अपनी मर्जी से कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिये हैं. लेकिन हमारी प्राथमिकता भाजपा-जदयू को परास्त करना है.
कुणाल, राज्य सचिव
भाकपा माले
यह सही है कि उपचुनाव में वाम दलों की एकता टूट गयी है. हमारी पार्टी बेलहर और सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीटों पर राजद का समर्थन करेगी, जबकि समस्तीपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में खड़ी होगी.
सत्यनारायण सिंह, राज्य सचिव
भाकपा
इस उपचुनाव में यह संभव नहीं दिख रहा. पार्टी के सामने जदयू-भाजपा गठबंधन को हराने की चुनौती है. इसलिए माकपा ने समस्तीपुर में कांग्रेस और दरौंदा में माले को समर्थन देने का फैसला लिया है. बाकी सीटों के लिए जिला कमेटी की राय का इंतजार किया जा रहा.
अवधेश कुमार, राज्य सचिव
माकपा
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