पटना : 1300 मीटर लंबी सुरंग से आपस में जुड़ेंगे नये और पुराने म्यूजियम

Updated at : 03 Aug 2019 9:03 AM (IST)
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पटना : 1300 मीटर लंबी सुरंग से आपस में जुड़ेंगे नये और पुराने म्यूजियम

पटना : राजधानी के दो प्रसिद्ध संग्रहालय बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को आपस में जोड़ा जायेगा. इसके लिए बेली रोड पर जमीन के नीचे 1300 मीटर लंबी सुरंग बनायी जायेगी. दो मीटर ऊंची और तीन मीटर चौड़ी इस सुरंग में राज्य की प्रसिद्ध कलाकृतियों काे अंकित किया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार की […]

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पटना : राजधानी के दो प्रसिद्ध संग्रहालय बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को आपस में जोड़ा जायेगा. इसके लिए बेली रोड पर जमीन के नीचे 1300 मीटर लंबी सुरंग बनायी जायेगी. दो मीटर ऊंची और तीन मीटर चौड़ी इस सुरंग में राज्य की प्रसिद्ध कलाकृतियों काे अंकित किया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार की शाम इस संबंध में बैठक की.
बैठक में उन्होंने कहा कि नये और पुराने दोनों म्यूजियमों को जमीन के अंदर से कनेक्ट करना चाहते हैं. यह एक यूनिक चीज होगी. एक स्थान से दूसरे जगह तक जाने के लिए लोग ट्रॉली का उपयोग करेंगे.
इस सुरंग की दीवारों पर विभिन्न प्रकार की पेंटिंग और अन्य चीजें प्रदर्शित की जायेंगी. मुख्यमंत्री आवास स्थित संकल्पभवन में पटना म्यूजियम के एक्सटेंशन और अपग्रेडेशन को लेकर एक प्रेजेंटेशन विभागीय अधिकारियों ने दिया.
दोनों म्यूजियमों को जोड़ने वाली सुरंग के निर्माण के लिए भवन निर्माण विभाग को कंसल्टेंट बहाल करने काे कहा गया. विभाग को जल्द ही इसका डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. सुरंग निर्माण को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके भवन निर्माण विभाग जल्द ही सीएम के समक्ष प्रेजेंटेशन देगा. इसमें सुरंग के रूट से लेकर तमाम बातों का जिक्र होगा. दोनों म्यूजियमों के पास वैसी जगह की तलाश की जा रही है, जहां से सुरंग शुरू और खत्म होगा.
सीएम ने कहा कि पटना म्यूजियम की पुरानी बिल्डिंग को बिना छेड़छाड़ किये नया स्ट्रक्चर बनाया जायेगा. यहां रखे सामानों के डिस्पले का तरीका ठीक नहीं है.
इसे बदलकर सभी एक्जीबिट को लोगों के लिए विजिवल बनाते हुए ठीक से प्रदर्शित किया जाये. यहां मौजूद पंडित राहुल सांस्कृत्यायन और डॉ राजेंद्र बाबू जैसी विभूतियों के सामानों को भी अच्छे ढंग से रखा जाये. अन्य सभी सामानों को भी ठीक से प्रदर्शित करें. उन्होंने कहा कि सामानों का अच्छे से डिस्पले करने के लिए स्पेश कैलकुलेट ठीक ढंग से कर लिया जाये.
पुराने पाटली वृक्ष के अवशेष को भी इस ढंग से रखा जाये कि वह लोगों को ठीक ढंग से दिखायी पड़ सके और उसे किसी तरह का नुकसान नहीं हो. पुराने म्यूजियम के बाउंड्री वाल को भी बेहतर ढंग से बनाया जाये और इसके किनारे पौधारोपण भी ठीक से कराया जाये. प्रेजेंटेशन के दौरान पटना म्यूजियम का सौंदर्यीकरण, गैलरी का निर्माण, पार्किंग व्यवस्था, डिजाइन, उपयोग की जाने वाली तकनीक समेत अन्य सभी बातों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी.
बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, कला-संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री प्रमोद कुमार, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, सीएम के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, कला-संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव रवि मनु भाई परमार, भवन निर्माण के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सीएम के सचिव मनीष वर्मा व अनुपम कुमार, अपर सचिव चंद्रशेखर सिंह, गोपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
किदवई पुरी, मंदिरी होकर बनेगी यह सुरंग!
सूत्रों के मुताबिक यह सुरंग बिहार म्यूजियम से शुरू होकर बेली रोड, पटना वीमेंस काॅलेज, किदवई पुरी, मंदिरी नाला होते हुए पटना म्यूजियम तक पहुंचेगी. हालांकि, इस रूट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. भवन निर्माण विभाग द्वारा तैयार की जाने वाली डीपीआर में इसका जिक्र होगा.
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