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स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से अब छात्र खरीद सकेंगे 35000 रुपये तक का लैपटॉप, फसल सहायता योजना में अब मिलेंगे न्यूनतम 500 रू

Updated at : 03 Jul 2019 7:27 AM (IST)
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स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से अब छात्र खरीद सकेंगे 35000 रुपये तक का लैपटॉप, फसल सहायता योजना में अब मिलेंगे न्यूनतम 500 रू

पटना : राज्य सरकार ने उच्च या तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों को बड़ी राहत दी है. अब कोई भी छात्र स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से 35 हजार रुपये तक का लैपटॉप खरीद सकेगा. राज्य कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में इसकी मंजूरी दी गयी. इसके लिए महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडरों को मात्र […]

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पटना : राज्य सरकार ने उच्च या तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों को बड़ी राहत दी है. अब कोई भी छात्र स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से 35 हजार रुपये तक का लैपटॉप खरीद सकेगा. राज्य कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में इसकी मंजूरी दी गयी.
इसके लिए महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडरों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि अन्य श्रेणियों के छात्रों को चार प्रतिशत ब्याज पर यह राशि मिलेगी. बैठक में शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के प्रावधानों में संशोधन किया गया. इस बार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 73 हजार छात्रों को सहायता दी गयी है.
फसल सहायता योजना में कम-से-कम 500 रुपये देने का प्रावधान किया गया है. अब तक यह राशि मात्र 150 रुपये थी. कैबिनेट की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. कैबिनेट ने पूर्ववर्ती बिहार विद्युत बोर्ड के बकाया ऋण के भुगतान के लिए 757 करोड़ रुपये मंजूर किये.
यह राशि एनटीपीसी को भुगतान करनी है. सभी इंजीनियरिंग काॅलेजों में हॉस्टल बनाये जायेंगे. छात्रों के लिए 12 और छात्राओं के लिए नौ हॉस्टलों के निर्माण के लिए 336 करोड़ रुपये मंजूर किये गये है. इसके अलावा 12 पॉलिटेक्निक में भी छात्रों के लिए 18 और छात्राओं के लिए 16 हॉस्टल बनाये जायेंगे. इसके लिए 520 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं.
कैबिनेट ने चालक संवर्ग नियमावली में संशोधन की मंजूरी दी है. इसके तहत अब अधिकतम उम्र सीमा और लाइसेंस में छूट देने से संबंधित मामलों में छूट प्रदान की गयी है. इस संशोधन से चालकों की बहाली में थोड़ी सहूलियत हो गयी है. इसके अलावा गृह विभाग के कारा निदेशालय में कक्षपालों से संबंधित नियमों में बदलाव किया गया है.
नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए 900 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने नियोजित शिक्षकों को भी बड़ी राहत दी है. उनके वेतन भुगतान के लिए 900 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं. इससे नियोजित शिक्षकों को चार महीने के बकाया वेतन का भुगतान हो सकेगा.
डीजल अनुदान के लिए Rs 300 करोड़ मंजूर : मौसम की मार से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए डीजल सब्सिडी के मद में 300 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है. इस पैसे से किसानों को खरीफ मौसम में धान की रोपनी या अन्य फसलों की सिंचाई के लिए डीजल अनुदान की राशि का भुगतान किया जा सकेगा.
पटना : 2012 में टीइटी पास करने वालों के प्रमाणपत्रों की वैधता दो साल बढ़ी
पटना : 2012 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी) पास करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की वैधता की अवधि दो साल बढ़ा दी गयी है.
अब 14 मई, 2021 तक यह मान्य रहेगी. इसके लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को शिक्षा विभाग ने पत्र लिखा है, जिसमें सात वर्षों के निर्धारित अवधि को दो साल बढ़ाने का अनुरोध किया गया है. एनसीटीइ के सहमत नहीं होने की स्थिति में भी राज्य सरकार ने टीइटी पास उम्मीदवारों को दो साल की छूट देने का निर्णय कर लिया है.
शिक्षा विभाग ने अवधि विस्तार की वजह शिक्षक नियुक्ति नियमावली व समान काम समान वेतन से संबंधित मामला कोर्ट में होने से दो वर्ष तक शिक्षक नियोजन प्रक्रिया का बंद होना बताया, जिससे सात वर्षों की निर्धारित अवधि का लाभ टीइटी पास उम्मीदवारों को नहीं मिल पाया है.
जल्द होगी एक लाख प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति : राज्य सरकार प्राथमिक और मध्य विद्यालय में रिक्त पड़े लगभग एक लाख शिक्षकों के पदों पर जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने वाली है. इन पदों पर आवेदन के लिए टीइटी पास होना जरूरी है.
लिहाजा इसका लाभ 2012 से टीइटी पास कर नियोजन का इंतजार करने वाले छात्रों को भी मिलेगा, जिनके प्रमाणपत्र की मान्यता सात वर्ष पूरा होने की वजह से 14 मई, 2019 को समाप्त होने जा रही थी. अब वे 14 मई, 2021 तक होने वाले शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे.
पहले ही बढ़ा दी गयी है एसटीइटी की अवधि
एसटीइटी पास अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के वैधता की अवधि पहले ही बढ़ा दी गयी है. इसका फायदा एक जुलाई से शुरू माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों की छठे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया में उनको मिल भी रहा है.
मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश
काम नहीं करनेवाले अफसरों पर मुख्य सचिव करें कार्रवाई
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव को काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री की नाराजगी वैसे अफसरों के खिलाफ आयी है, जिन्होंने लगातार दिये जा रहे निर्देशों की अवहेलना कर सरकारी योजनाओं में कोताही बरती है.
विधान परिषद में मंगलवार को उन्होंने साफ कहा कि सरकार का काम योजना बनाना है. उसे धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है. योजनाओं का लाभ लोगों को मिले, यह देखने का काम प्रशासन के निचले स्तर का है. ऐसे में जो भी जिम्मेदार होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा. मुख्यमंत्री जब अपनी बात कह रहे थे, उस समय उनकी बातों पर दोनों पक्षों से तालियां बजीं.
मुख्यमंत्री ने सदन में चमकी बुखार से हुई मौत के मामले में विपक्ष के ध्यानाकर्षण के जवाब में अपनी बात शुरू की थी. इसी दौरान पानी और चापाकल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई जगहों से चापाकल खराब होने की शिकायत आती है, जिसका वह अपने स्तर से जांच करवाते हैं.
जांच के बाद विभाग को रिपोर्ट भी भेजी जाती है. इसके बाद भी काम नहीं हो, तो यह गंभीर बात है. उन्होंने कहा कि जो जिम्मेदार व्यक्ति हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई मामले में जांच कराने के बाद सूचित करने पर भी काम नहीं होता है. जो भी जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.
विधान परिषद में चमकी बुखार पर सरकार की ओर से जवाब देने के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगहों पर चापाकल खराब है. इसकी सूचना देने पर भी उसकी मरम्मत नहीं हो रही है. इसका असर चुनी हुई सरकार पर पड़ता है. हमारी भूमिका जनसेवा की है. पारदर्शी तरीके से काम करते हैं. इसके बावजदू इस्तीफा देने की मांग की जाती है.
इस्तीफा देने से क्या काम ठीक हो जायेगा. उन्होंने सदस्यों से अपील की कि कहां काम में गड़बड़ी, कितने बेघर हैं जैसी समस्याओं को लेकर सूचित करें. उन्होंने चमकी बुखार को लेकर दिये गये जवाब को निश्चित रूप से पढ़ने की बात कही. कहा कि इस घटना को लेकर हमलोगों को सदमे में नहीं, चुनौती के रूप में स्वीकार कर काम करना है.
जल संरक्षण पर 13 को होगी चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण, सूखा, पर्यावरण आदि पर 13 जुलाई को सेंट्रल हॉल में चर्चा होगी. इसमें दोनों सदनों के सदस्य शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि हर घर, नल का जल के जरिये स्वच्छ पानी देने की योजना है.
लेकिन इसका दुरुपयोग भी हो रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भवनों में बिजली की व्यवस्था के लिए सौर ऊर्जा प्लेट लगाये जायेंगे. जल संचयन को लेकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम एक साल में पूरा होगा. जल संचयन से ग्राउंड वाटर लेवल बढ़ेगा. उन्होंने 13 जुलाई को सेंट्रल हॉल में होने वाली विशेष बैठक में सभी सदस्यों से शामिल होने की अपील की.
जमीन पर काम करने के लिए मंत्री नहीं जा सकते
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पानी संकट को लेकर सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में जितने भी लापरवाह अफसर होंगे, उन्हें नहीं बख्शेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन पर काम करने के लिए मंत्री नहीं जा सकते, काम कराने के लिए अफसर ही जायेंगे. लेकिन, नीचे के लोग यदि काम नहीं करेंगे तो हम उन्हें नहीं छाेड़ने वाले हैं.
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