नये एम्स, मेट्रो और इएसआइसी मेडिकल कॉलेज के बढ़ेंगे काम
Updated at : 25 May 2019 5:32 AM (IST)
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पटना : राज्य में लोकसभा चुनाव में मिली अपार सफलता ने केंद्र व राज्य सरकार पर नयी सेवाओं को चालू करने की जिम्मेदारी बढ़ा दी है. राज्य की कई ऐसी परियोजनाएं हैं, जो दोनों के कंधे पर हैं. इसमें 2015 के केंद्रीय बजट में घोषित राज्य में दूसरे एम्स का निर्माण करना, इएसआइसी मेडिकल कॉलेज […]
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पटना : राज्य में लोकसभा चुनाव में मिली अपार सफलता ने केंद्र व राज्य सरकार पर नयी सेवाओं को चालू करने की जिम्मेदारी बढ़ा दी है. राज्य की कई ऐसी परियोजनाएं हैं, जो दोनों के कंधे पर हैं. इसमें 2015 के केंद्रीय बजट में घोषित राज्य में दूसरे एम्स का निर्माण करना, इएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बिहटा को चालू कराना, आयुष्मान योजना को प्रभावी बनाना और वैसे सभी हर लाभुक किसानों को चिह्नित कर किसान सम्मान योजना का लाभ दिलाना, जो इसके पात्र हैं.
राज्य में केंद्र की मोदी सरकार ने 2015 के केंद्रीय बजट में बिहार में दूसरे एम्स के स्थापना की घोषणा की थी. दूसरे एम्स के निर्माण होने से एमबीबीएस की 100 सीटें तो बढ़ेंगी ही साथ ही राज्य के गरीब मरीजों को सस्ते में बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी. अब तक केंद्र व राज्य सरकार इसके स्थापना के लिए राज्य में स्थान का निर्धारण नहीं कर सकी है.
लोकसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से दरभंगा में एम्स स्थापना की स्वीकृति देने का अनुरोध किया था. इसी तरह से केंद्र सरकार द्वारा राज्य में इएसआइसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना बिहटा में किया है. इसके भवन का निर्माण तो हो चुका पर अब तक इसमें इलाज और एमबीबीएस की पढ़ाई आरंभ नहीं हुई है. राज्य सरकार द्वारा भी अपने सात निश्चय में पांच नये मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थापित करने की कार्रवाई की है.
तीन नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी होगी
पूर्व से घोषित तीन नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी की जानी है. इन आठों मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में तेजी से पहल करने की जिम्मेदारी बढ़ी है. साथ ही आठ मेडिकल कॉलेजों में 800 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया आरंभ कराने में तेजी से पहल करनी होगी. इससे मेडिकल के क्षेत्र में कैरियर की तलाश करने वाले छात्र-छात्राओं में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ेगा. चुनाव के ठीक पहले राज्य में पटना मेट्रो रेल को मंजूरी मिली थी.
साथ ही प्रधानमंत्री ने इसकी विधिवत आधारशिला भी रखी थी. पटना मेट्रो में केंद्र और राज्य दोनों में तालमेल कर जल्द एमओयू करने और इसके लोन की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जानी है. इसी तरह से राज्य में करीब करीब 55 लाख किसान हैं.
इनमें से लाभुक किसानों को चिह्नित कर किसान योजना का लाभ दिलाने की चुनौती दोनों सरकारों की है. इसके साथ ही यह अवसर है जब नेपाल की बाढ़ से परेशान होने वाले बिहार को इससे राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार नेपाल सरकार से मिलकर कोई स्थायी समाधान निकाले.
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