पटना विश्वविद्यालय में कचरे से बनेगी खाद
Updated at : 29 Apr 2019 9:05 AM (IST)
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अमित कुमार पटना : पटना विश्वविद्यालय में दो रेन वाटर हारवेस्टिंग प्लांट लगेंगे. वहीं, चार जगहों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से खाद बनाकर विवि के बागों में प्रयोग किया जोयगा. रेन वाटर हारवेस्टिंग विवि मुख्यालय में तथा साइंस कॉलेज के कैवेंडिस हॉस्टल में लगेंगे. पटना विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग सेक्शन के द्वारा ये दोनों काम कराया […]
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अमित कुमार
पटना : पटना विश्वविद्यालय में दो रेन वाटर हारवेस्टिंग प्लांट लगेंगे. वहीं, चार जगहों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से खाद बनाकर विवि के बागों में प्रयोग किया जोयगा. रेन वाटर हारवेस्टिंग विवि मुख्यालय में तथा साइंस कॉलेज के कैवेंडिस हॉस्टल में लगेंगे. पटना विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग सेक्शन के द्वारा ये दोनों काम कराया जा रहा है. यह पूरी तरह से विश्वविद्यालय के खर्चे पर होगा. नये सत्र यानी की जुलाई मिड तक दोनों ही योजाएं पूरी कर ली जायेंगी. नैक प्वाइंट ऑफ व्यू से यह दोनों जरूरी है. इसके होने से नैक में अच्छी ग्रेडिंग मिलेगी.
इसके अतिरिक्त सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी लगाया जा रहा है. एक तो हथुआ हॉस्टल में लग भी चुका है. वहीं वीसी आवास, जेडीएस हॉस्टल व बॉटनी विभाग में भी इसे बनाया जाना है. इससे पूरे कैंपस के आस-पास गिरने वाले पेड़ों की पत्तियां, टहनियां, खाद्य पदार्थ या फेंके जाने वाली गंदगी से खाद बनाने की योजना है. इसका प्रयोग विवि के बागों में किया जायेगा. अतिरिक्त बच जाने पर उसे बेचा भी जायेगा. चारों जगहों पर मिलाकर यह साढ़े चार लाख की योजना है. वर्मी कंपोस्ट की भी एक योजना है.
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