पटना : पारस हॉस्पिटल के कर्मियों की लापरवाही, जली पूर्व मंत्री की पीठ
Updated at : 21 Apr 2019 9:16 AM (IST)
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पटना : पारस हॉस्पिटल के कर्मियों की लापरवाही के कारण पूर्व मंत्री एवं विधायक श्याम रजक की पीठ 19 अप्रैल की शाम जल गयी और फफोले हो गये. घटना के बाद श्याम रजक के भतीजे राकेश रंजन (हार्डिंग रोड, सचिवालय निवासी) के बयान के आधार पर शास्त्री नगर थाने में पारस हॉस्पिटल के प्रबंधक व […]
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पटना : पारस हॉस्पिटल के कर्मियों की लापरवाही के कारण पूर्व मंत्री एवं विधायक श्याम रजक की पीठ 19 अप्रैल की शाम जल गयी और फफोले हो गये. घटना के बाद श्याम रजक के भतीजे राकेश रंजन (हार्डिंग रोड, सचिवालय निवासी) के बयान के आधार पर शास्त्री नगर थाने में पारस हॉस्पिटल के प्रबंधक व कर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य मामलों में केस दर्ज कर लिया गया है.
इसमें आइपीसी की धारा 324, 326 व 307 लगायी गयी है. शास्त्री नगर थानाध्यक्ष निहार भूषण ने केस दर्ज किये जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि बयान में किसी का नाम नहीं दिया गया है. पारस हॉस्पिटल से पत्र के माध्यम से लिखित जानकारी मांगी जायेगी कि हॉस्पिटल के प्रबंधक कौन हैं और इसके लिए कौन-कौन डॉक्टर या कर्मी जिम्मेदार हैं. इसके बाद आगे कार्रवाई की जायेगी.
16 अप्रैल को हुए थे भर्ती : राकेश रंजन ने पुलिस को अपने दिये गये बयान में आरोप लगाया है कि उनके चाचा श्याम रजक को 16 अप्रैल को सर्वाइकल-स्पाइनल समस्या को लेकर पारस हॉस्पिटल के कमरा संख्या 370 में डॉ गौतम आर प्रसाद के नेतृत्व में भर्ती कराया गया था.
परंतु दर्द में कोई सुधार नहीं हुआ और 19 अप्रैल की शाम को स्पाइन में दर्द अधिक होने लगा. इसके बाद पीठ में हीटिंग पैड लगाया गया. इसके बाद डॉक्टर व कर्मी वहां से चले गये. पीठ में जलन होने लगी, तो सूचना हॉस्पिटल प्रबंधक को दी गयी. लेकिन कोई नहीं आया. जलन बढ़ गयी, तो खुद ही हिटिंग रॉड हटाया गया, तो पीठ जली हुई थी और फफोले उठ गये थे.
जब से मरीज भर्ती थे तब से उन्होंने एक बार भी नहीं शिकायत की है. उनको अचानक दर्द हुआ तो डॉक्टरों ने दर्द कम करने के लिए दोपहर करीब 5 हार्ट पैक पीठ पर लगाया. पैक को आधे घंटे के अंदर निकाल भी लिया गया.
सात घंटे तक मरीज ने कोई शिकायत नहीं की. रात 12 बजे उन्होंने पीठ में जलन महसूस होने कीबात कही. जब डॉक्टरों ने देखा तो पीठ में महज एक सेंटीमीटर का दाना निकला हुआ था. जिसे मरीज बड़े फोड़े की बात कह रहे हैं. इतना ही नहीं रात को डॉक्टर ने ट्रीटमेंट भी कर दिया. बावजूद मरीज क्यों थाने में शिकायत किये यह समझ से परे है. इसमें अस्पताल प्रबंधन की कोई लापरवाही नहीं है.
डॉ आशीष, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, पारस एचएमआरआइ अस्पताल
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