तसर सिल्क के बाद अब आम से भी बढ़ रही सरायकेला-खरसावां की पहचान

Published by : Sweta Vaidya Updated At : 07 Jun 2026 8:04 AM

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आम बागान

Seraikela Kharsawan: सरायकेला-खरसावां जिले में उगाए गए अच्छी क्वालिटी वाले आम बिहार के कई जिलों में पसंद किए जा रहे हैं. आम की बढ़ती मांग ने जिले के बागवानी क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर दी हैं. पूरी खबर नीचे पढ़ें. 

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शचिंद्र कुमार दाश/प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Seraikela Kharsawan: तसर सिल्क उत्पादन के लिए प्रसिद्ध झारखंड का सरायकेला-खरसावां जिला अब आम उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. जिला मुख्यालय सरायकेला स्थित उद्यान विभाग के आम बागान में उगाए गए उच्च गुणवत्ता वाले आम अब बिहार के बाजारों में अपनी मिठास और स्वाद के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. 

जानकारी के अनुसार, करीब 10 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैले सरकारी आम बागान में इस साल बेहतर उत्पादन हुआ है. अनुकूल मौसम और बागानों की बेहतर देखरेख के कारण आम की फसल अच्छी रही, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में बढ़ोतरी देखी गई है. आम के बेहतर उत्पादन को देखते हुए जिला उद्यान विभाग द्वारा बागान की नीलामी कराई गई थी, जिसके बाद एक व्यापारी ने इसका ठेका लिया. वर्तमान में बागान से तोड़े जा रहे आमों की ग्रेडिंग और पैकिंग कर उन्हें सीलबंद गाड़ियों के माध्यम से बिहार के अलग-अलग बाजारों में भेजा जा रहा है. 

उगाए जा रहे सात प्रजाति के आम 

सरायकेला बागान में मुख्य रूप से सात प्रजातियों के आम उपलब्ध हैं, जिनमें मालदा (लंगड़ा), बंबईया, शुकुल, सिंदूरिया (सिंदरी), गुलाब खास, लड्डुआ और अल्फांसो शामिल हैं. 

पटना, भोजपुर और बक्सर जैसे जिलों में है मांग

व्यापारी परमेश्वर प्रसाद के अनुसार, सरायकेला के आम की गुणवत्ता, स्वाद और मिठास के कारण बिहार के पटना, भोजपुर और बक्सर जैसे जिलों में इसकी अच्छी मांग है. बेहतर कीमत मिलने से व्यापारियों को भी फायदा हो रहा है, जिससे स्थानीय बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है. 

जिला उद्यान पदाधिकारी ने क्या कहा?

जिला उद्यान पदाधिकारी विश्वजीत कुमार ने कहा कि अगर इसी तरह उत्पादन और मार्केटिंग व्यवस्था मजबूत रही, तो आने वाले वर्षों में सरायकेला का आम भी तसर सिल्क की तरह राज्य के बाहर अपनी अलग पहचान बना सकेगा. इस साल भी जिले में बड़े पैमाने पर आम की खेती की पैदावार हुई है. इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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