ePaper

पटना : निगम को सालाना 7 करोड़ का नुकसान

Updated at : 16 Apr 2019 9:06 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : निगम को सालाना 7 करोड़ का नुकसान

विभाग में लटकी है फाइल, विज्ञापन नियमावली के अभाव में परेशानी बिना विज्ञापन नीति के राजधानी में लगी हुई हैं होर्डिंग्स पटना : निगम प्रशासन व विज्ञापन एजेंसियों के बीच वर्षों से नियम-कानून को लेकर विवाद चल रहा है. इस विवाद को खत्म करने को लेकर नगर आयुक्त ने निगम क्षेत्र में विज्ञापन प्रदर्शित करने […]

विज्ञापन
विभाग में लटकी है फाइल, विज्ञापन नियमावली के अभाव में परेशानी
बिना विज्ञापन नीति के राजधानी में लगी हुई हैं होर्डिंग्स
पटना : निगम प्रशासन व विज्ञापन एजेंसियों के बीच वर्षों से नियम-कानून को लेकर विवाद चल रहा है. इस विवाद को खत्म करने को लेकर नगर आयुक्त ने निगम क्षेत्र में विज्ञापन प्रदर्शित करने को लेकर विज्ञापन नियमावली तैयार की.
इस नियमावली की मंजूरी को लेकर इसे नगर आवास विकास विभाग को भेजा गया, ताकि मंजूरी के बाद उसे लागू किया जा सके. लेकिन, विभाग में पिछले आठ माह से विज्ञापन नियमावली की फाइल लटकी हुई है. विज्ञापन नियमावली के अभाव में प्रतिवर्ष निगम को पांच से सात करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.
नहीं मिल सकी है नियमावली को मंजूरी : निगम प्रशासन व विज्ञापन एजेंसियों के बीच रॉयल्टी शुल्क का विवाद वर्ष 2012 से ही चल रहा है. निगम प्रशासन ने वर्ष 2012 से 15 के बीच विज्ञापन एजेंसियों पर बकाये राशि की गणना की, जो करीब 35 करोड़ रुपये है.
विज्ञापन एजेंसियों को बकाया राशि का डिमांड नोटिस भी भेजा गया, जिसका भुगतान नहीं किया गया. नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन के निर्देश पर अंचल स्तर पर अभियान चला कर सरकारी भूखंडों पर प्रदर्शित विज्ञापन होर्डिंग काटे गये. लेकिन, निजी मकानों पर अब तक विज्ञापन लगे हैं.
मेयर सीता साहू ने बताया कि विज्ञापन नियमावली के अनुरूप शहर में होर्डिंग लगे और निगम को राजस्व की प्राप्ति हो, इसको लेकर विज्ञापन नियमावली बना कर विभाग को सौंपी गयी, जिस पर अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है. इससे सालाना निगम को पांच से सात करोड़ का नुकसान हो रहा है.
बिना एनओसी के लगे हैं विज्ञापन
नगर निगम से निबंधित विज्ञापन एजेंसियां ही निगम क्षेत्र में विज्ञापन होर्डिंग प्रदर्शित कर सकती हैं. वहीं, निजी भूखंडों या मकानों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने को लेकर भी एनओसी लेने का प्रावधान है. लेकिन, विज्ञापन एजेंसियों का निबंधन वर्ष 2014-15 से नहीं हुआ है और न ही निजी मकानों पर लगे विज्ञापन के लिए एनओसी ली गयी है. इसके बावजूद निगम क्षेत्र के निजी भूखंडों व मकानों के ऊपर विज्ञापन होर्डिंग लगाये गये हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन