जनसमस्याओं को पार्टी बनायेगी मुद्दा आधार-आयुष्मान व इवीएम होंगे खत्म, दीपंकर ने जारी किया भाकपा-माले का घोषणापत्र

Updated at : 03 Apr 2019 8:08 AM (IST)
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जनसमस्याओं को पार्टी बनायेगी मुद्दा आधार-आयुष्मान व इवीएम होंगे खत्म, दीपंकर ने जारी किया भाकपा-माले का घोषणापत्र

पटना : भाकपा-माले ने कहा है कि पार्टी की सरकार बनी तो आधार और इवीएम को खत्म किया जायेगा. मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनावी घोषणापत्र जारी किया. उन्होंने कहा कि पार्टी जनसमस्याओं को चुनाव प्रचार में मुद्दा बनायेगी. भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए पार्टी अपने उम्मीदवारों को जिताने […]

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पटना : भाकपा-माले ने कहा है कि पार्टी की सरकार बनी तो आधार और इवीएम को खत्म किया जायेगा. मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनावी घोषणापत्र जारी किया. उन्होंने कहा कि पार्टी जनसमस्याओं को चुनाव प्रचार में मुद्दा बनायेगी.
भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए पार्टी अपने उम्मीदवारों को जिताने के साथ शेष सीटों पर महागठबंधन में शामिल दलों के प्रत्याशी को समर्थन देगी. भारतीय नृत्य कला मंदिर में पार्टी के कन्वेंशन में चुनावी घोषणापत्र जारी करते हुए दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा द्वारा लाये गये आधार कानून ने गरीबों का राशन छीना है. सरकार बनी तो आधार कानून खत्म होगा.
कल्याणकारी सेवाओं को आधार की जरूरत समाप्त होगी. आयुष्मान भारत व स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को समाप्त कर केंद्र व राज्य स्तर पर स्वास्थ्य सेवा कानून बनेगा. इससे सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी. इवीएम में गड़बड़ी की आशंका को लेकर बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए.
शैक्षिक व गैर शैक्षणिक पदों पर होंगी स्थायी नियुक्तियां
दीपंकर ने कहा कि शिक्षक नियुक्तियों में 200 प्वाइंट रोस्टर होगा.समान काम के लिए समान वेतन लागू करने व सभी शैक्षिक व गैर शैक्षणिक पदों पर स्थायी नियुक्तियां होंगी. कम-से-कम 250 दिनों के रोजगार की गारंटी के लिए मनरेगा को विस्तारित किया जायेगा.
समुचित आवास व भूमि अधिकार के लिए कानून बना कर उसे लागू किया जायेगा. संविदा पर कार्यरत कर्मियों की सेवा स्थायी होगी. सभी आरक्षित पदों को भरा जायेगा.राज्यपाल का पद समाप्त होगा, संघीय ढांचा को नुकसान पहुंचाने के लिए इस पद का दुरुपयोग होता है.
केंद्र व राज्य कर्मियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल की जायेगी. किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए किसान मुक्ति मार्च द्वारा आयोजित किसान संसद में प्रस्तावित कानूनों को पारित किया जायेगा. तीन तलाक का अपराधीकरण करने वाले कानून को समाप्त करना है. माले महासचिव ने कहा कि पार्टी दिल्ली व पुड्डचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा देगी. रोहिंग्या शरणार्थियों को शरणार्थी का दर्जा मिलेगा.
बिहार प्रोग्रेसिव अलायंस के तहत राज्य में तीसरे मोर्चे का गठन
पटना : बिहार प्रोग्रेसिव अलायंस (बीपीए) के बैनर तले 16 राजनीतिक दलों को मिलाकर तीसरे मोर्चे का गठन किया गया है. यह मोर्चा राज्य में लोस चुनाव के दौरान एनडीए और महागठबंधन का विरोध करेगा. मोर्चा 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा. मंगलवार को बीपीए के संयोजक व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष सिद्धनाथ राय ने यह जानकारी दी.
बीपीए में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), आम जन पार्टी (से), आम जनता पार्टी (रा), आप और हम पार्टी, अखिल हिंद फारवर्ड ब्लॉक (क्रां), भारतीय क्रांतिवीर पार्टी, भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी, जनहित दल, जवान किसान मोर्चा, क्रांतिकारी विकास दल, लोक चेतना दल, मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा, सर्वोदय पार्टी, संख्यानुपाती भागीदारी पार्टी, सर्वहारा दल व समाजवादी जनता पार्टी (चंद्रशेखर) शामिल हैं.
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