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नीतीश ने कहा, पत्रकारों को हर माह मिलेगी 6000 पेंशन, विवि में नियुक्ति के लिए लागू हो पुरानी आरक्षण व्यवस्था

Updated at : 14 Feb 2019 7:25 AM (IST)
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नीतीश ने कहा, पत्रकारों को हर माह मिलेगी 6000 पेंशन, विवि में नियुक्ति के लिए लागू हो पुरानी आरक्षण व्यवस्था

विधानमंडल से पारित होगा सर्वदलीय प्रस्ताव पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए 13 प्वाइंट आरक्षण की जो व्यवस्था की गयी है, वह पूरी तरह से गलत है. राज्य सरकार चालू सत्र में विवि में नियुक्ति के लिए आरक्षण की पुरानी व्यवस्था […]

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विधानमंडल से पारित होगा सर्वदलीय प्रस्ताव
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए 13 प्वाइंट आरक्षण की जो व्यवस्था की गयी है, वह पूरी तरह से गलत है.
राज्य सरकार चालू सत्र में विवि में नियुक्ति के लिए आरक्षण की पुरानी व्यवस्था लागू करने और 2021 में जाति आधारित जनगणना कराने को लेकर एक सर्वदलीय प्रस्ताव विधानमंडल से पारित करवा कर केंद्र को भेजेगी. मुख्यमंत्री बुधवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार का जवाब दे रहे थे.
इस दौरान उन्होंने राज्य में सभी वर्गों के 60 वर्षों से अधिक उम्र के बुजुर्गों और नयी पेंशन योजना और पत्रकारों के लिए भी पेंशन योजना की घोषणा की. मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान राजद के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए नयी आरक्षण व्यवस्था से पिछड़ा वर्ग खासकर एससी-एसटी वर्ग के लिए बड़ा नुकसान होगा. यह आरक्षित वर्गों के साथ न्याय नहीं है.
उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी दलों का मत एक है. केंद्र सरकार ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रही है. उन्होंने कहा कि गरीब सवर्णों को मिलने वाला 10 फीसदी आरक्षण बिना किसी दूसरे वर्ग के आरक्षण को छेड़छाड़ किये दिया जा रहा है. इस पर किसी की आपत्ति बेबुनियादी है.
बिहार में अभी पुरानी व्यवस्था ही लागू
सीएम ने कहा कि राज्य में बीपीएससी से हो रही असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में फिलहाल पुरानी आरक्षण व्यवस्था ही लागू है. लेकिन अगर यह लागू हो गया, तो काफी बड़ा नुकसान हो जायेगा. राज्य सरकार इसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठायेगी.
एक माह में बचे 760 थानों में अनुसंधान व विधि-व्यवस्था टीमें होंगी अलग
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए थानावार अपराध का विश्लेषण किया जा रहा है. अब तक 341 थानों में विधि-व्यवस्था और अनुसंधान के लिए अलग टीमें बन गयी हैं. शेष 760 थानों में एक महीने के दौरान अलग-अलग टीमें बन जायेंगी.
जिस थाने में जिस रैंक के जितने कर्मियों की जरूरत पड़ेगी, उतने दिये जायेंगे. थानों की रैंकिंग भी अपराध के हिसाब से होगी. विपक्षी दलों के बढ़ते अपराध के आरोपों पर उन्होंने कहा कि 2001-05 के बीच तीन हजार 638 हत्याएं और दो हजार 425 लूट हुए थे, जबकि 2014-18 के बीच दो हजार 980 हत्याएं और 1595 लूट हुए. 2014-18 के बीच आबादी में 30% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि अपराध में गिरावट आयी है. इस दौरान विपक्षी सदस्यों की टोकाटोकी पर सीएम ने मजकिया लहजे में कहा कि हमारा-आपका रिश्ता कोई गड़बड़ थोड़े ही है. सूचना अलग से दे दीजियेगा, कार्रवाई होगी.
सीएम ने शराबबंदी पर कहा कि शराबबंदी के खिलाफ हाथ उठाकर संकल्प लिया था आप लोगों ने, आपके सबसे बड़े नेता हाथ थामे मानव शृंखला में खड़े थे. ऐसे में विरोध कीजियेगा, तो एक्सपोज हो जाइयेगा.
शिकायत मिलने पर टॉल फ्री नंबर पर फोन कीजिए. सीएम ने इस नंबर को विधानसभा में पढ़ते हुए कहा कि इसे यहां भी लिखवाया जायेगा. उन्होंने कहा कि शराबबंदी को पूरी सख्ती से लागू किया जा रहा है. सरकारी तंत्र में भी दो नंबर की कमाई करने वाले हैं.
शराबबंदी में लापरवाही बरतने वाले 349 पुलिस कर्मी पर कार्रवाई की जा चुकी है. इनमें 51 सेवामुक्त, 30 निलंबित और 15 को 10 साल तक थाने में पोस्टिंग से प्रतिबंधित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि अब तक लोक आसूचना केंद्र या टॉल फ्री नंबर पर 14 हजार 688 सूचनाएं आयी हैं, जिनमें 14, 614 का निष्पादन किया जा चुका है.
जहां तक इसे केंद्र में लागू करने की बात है, तो यह राज्य के नीति-निर्देश तत्व के अधीन आता है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले की जांच सीबीआइ कर रही है और इसकी मॉनीटरिंग कोर्ट कर रहा है. इस मामले को लेकर विपक्ष ने सदन से वाकऑउट किया.
नयी व्यवस्था : 13 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम में विवि की जगह विभाग होगा यूनिट
पहले विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में 200 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम के अनुसार नियुक्ति होती थी. इसमें विवि व कॉलेजों एक यूनिट माना जाता था. इसके तहत 49.50% सीटें एससी-एसटी व ओबीसी के लिए आरक्षित रहती थीं, जबकि शेष सीटें सामान्य वर्ग के लिए होती थीं.
अगर किसी विभाग में चार पदों के लिए वैकेंसी निकली, तो इनमें दो सीटें अनारक्षित और दो आरक्षित होती थीं. लेकिन नये 13 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम में विवि की जगह विभाग/विषय को यूनिट माना जायेगा. इसके अनुसार अगर किसी विवि के किसी विभाग में वैकेंसी आती है, तो चौथा, आठवां और 12वां कैंडिडेट ओबीसी होगा. मतलब कि एक ओबीसी कैंडिडेट विभाग में आने के लिए कम-से-कम चार वैकेंसी होनी चाहिए.
सातवां कैंडिडेट एससी कैटेगरी का होगा. मतलब कि एक एससी कैंडिडेट विभाग में आने के लिए कम-से-कम सात वैकेंसी होनी ही चाहिए. 14वां कैंडिडेट एसटी होगा. मतलब कि एक एसटी कैंडिडेट को कम-से-कम 14 वैकेंसी का इंतजार करना ही होगा़ बाकी 1,2,3,5,6,9,10,11,13 पोजिशन अनारक्षित पद होंगे.
मालूम हो कि 2017 में इलाहाबाद हाइकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवि में शिक्षकों की नियुक्ति विभाग/सब्जेक्ट को यूनिट मानना होगा, न कि विवि के हिसाब से. साथ ही 13 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम लागू हुआ. इसके खिलाफ यूजीसी और मानव संसाधन मंत्रालय ने याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी, 2019 को खारिज कर दिया.
पत्रकारों को हर माह मिलेगी 6000 पेंशन
नीतीश कुमार ने कहा कि पत्रकार सम्मान पेंशन योजना शुरू की जा रही है. इसके तहत 20 साल पूरा कर चुके या इससे अधिक पत्रकारिता में पूरा करने वाले पत्रकारों को प्रत्येक महीने छह हजार रुपये दिये जायेंगे. किसी भी तरह के समाचार पत्र या अखबार, पोर्टल, मैगजिन, न्यूज चैनल, एजेंसी समेत अन्य ऐसे किसी माध्यम में काम करने वाले पत्रकारों को इसका लाभ मिलेगा.
यह योजना भी अप्रैल 2019 से लागू होगी. अगर किसी पत्रकार की मृत्यु होती है, तो उनकी पत्नी या परिजनों को आजीवन तीन हजार रुपये दिये जायेंगे.
इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन (आइजेयू)से संबद्ध बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (बीडब्लूजेयू) के महासचिव कमल कांत सहाय ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है. बीडब्लूजेयू की अध्यक्ष निवेदिता झा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से सेवानिवृत्त पत्रकारों को काफी राहत मिलेगा.
अब सभी वर्गों के बुजुर्गों के लिए पेंशन
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब के दौरान राज्य में सभी वर्गों के 60 वर्षों से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री वृद्धजन पेेंशन योजना लागू करने की घोषणा की.
विपक्ष की टोका-टोकी के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ सिर्फ बीपीएल परिवारों के लोगों को मिलता था, लेकिन अब इस प्रावधान को बदलते हुए 60 वर्ष से ज्यादा के सभी वृद्धों को पेंशन देने की शुरुआत की जा रही है.
सरकारी सेवा से रिटायर्ड किसी भी स्तर के कर्मियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इन्हें छोड़कर अन्य जो भी इसका लाभ लेना चाहे, वे ले सकते हैं. अप्रैल 2019 से ही इसका लाभ सभी को मिलने लगेगा. उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए मार्च 2019 से सर्वे का काम शुरू कर दिया जायेगा.
जुलाई तक सभी वृद्धों का सर्वे, उनसे आवेदन प्राप्त करने, आधार से जोड़ने और बैंक एकाउंट खोलने समेत तमाम प्रक्रियाएं पूरी कर ली जायेंगी. इसके बाद अगस्त में अप्रैल से जोड़कर पेंशन की पूरी राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जायेगी. प्रत्येक महीने सभी वृद्धों के खाते में सीधे यह राशि जायेगी. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पेंशन की राशि कितनी होगी. वर्तमान में चल रही वृद्धावस्था पेंशन की राशि 400 रुपये प्रति महीने है.
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