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सीबीआइ ने पटना के दो आश्रय गृहों पर दर्ज की एफआइआर , जांच शुरू

Updated at : 18 Jan 2019 7:23 AM (IST)
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सीबीआइ ने पटना के दो आश्रय गृहों पर दर्ज की एफआइआर , जांच शुरू

कार्रवाई. लड़के-लड़कियों को प्रताड़ित करने का आरोप पटना : सीबीआइ ने गुरुवार को राज्य के चार और आश्रय गृहों पर एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इनमें पटना के दो, मुजफ्फरपुर का एक और कैमूर का एक आश्रय गृह शामिल है. इन आश्रय गृहों में लड़के-लड़कियों का शारीरिक और मानसिक शोषण करने का […]

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कार्रवाई. लड़के-लड़कियों को प्रताड़ित करने का आरोप

पटना : सीबीआइ ने गुरुवार को राज्य के चार और आश्रय गृहों पर एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इनमें पटना के दो, मुजफ्फरपुर का एक और कैमूर का एक आश्रय गृह शामिल है. इन आश्रय गृहों में लड़के-लड़कियों का शारीरिक और मानसिक शोषण करने का आरोप है. इनको लेकर सीबीआइ अब तक मुजफ्फरपुर बालिका गृह के अलावा बिहार के आठ और आश्रय गृहों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर चुकी है.
सुप्रीम कोर्ट ने 28 नवंबर, 2018 को अपने आदेश में बिहार के उन सभी 17 आश्रय गृहों के खिलाफ जांच करने का आदेश सीबीआइ को दिया था, जिनके खिलाफ टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) की ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर टिप्पणी की गयी थी. पटना में दीघा घाट के मखदूमपुर चौक के पास संजीवन निवास में चलने वाला कौशल कुटीर नामक बाल गृह है. यह एक निजी हाइस्कूल के ठीक सामने चलता है और इसका संचालन डॉन बॉस्को टेक सोसाइटी नामक एनजीओ करता है. इस बाल गृह की महिला केयर टेकर समेत कौशल कुटीर के सभी कर्मियों को इसमें अभियुक्त बनाया गया है. इसके अलावा पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी के हॉउस संख्या 224बी में लड़कियों के लिए चलने वाले इकारदा नामक शॉर्ट स्टे होम पर एफआइआर दर्ज हुई है. इसमें एनजीओ के निदेशक समेत अन्य को अभियुक्त बनाया गया है.
वहीं, मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद यह दूसरा बाल गृह है, जिस पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है. सेवा कुटीर नामक इस बाल गृह को ओम सांईं फाउंडेशन के स्तर से संचालित किया जाता है और यह बैरिया बस स्टैंड के निकट स्थित है. इसमें निदेशक समेत अन्य सभी स्टाफ को अभियुक्त बनाया गया है. इसके अलावा कैमूर के कुदरा के लालपुर में लड़कियों के लिए चलने वाले शॉर्ट स्टे होम पर भी मामला दर्ज किया गया है. इसका संचालन ग्राम स्वराज संस्थान से कराया जाता था. इसमें तीन लोगों को फिलहाल अभियुक्त बनाया गया है. ये सभी कैमूर जिले के ही रहने वाले हैं. इनमें कैमूर के भगवानपुर थाना क्षेत्र के तिउरा निवासी सुदर्शन राम के अलावा कुदरा के लालपुर का रहने पिंटू पाल और कुदरा के ही बैजनाथपुर निवासी तारा देवी पत्नी प्रभु पासवान शामिल है. इन तीनों की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है. इस मामले में इनके अलावा अन्य को भी नामजद अभियुक्त बनाया जा सकता है.
पाटलिपुत्र स्थित शॉर्ट स्टे होम में एक साल पहले लड़की ने की थी आत्महत्या
टिस ने पाटलिपुत्र स्थित शार्ट स्टे होम में लड़कियों के साथ हिंसा का जिक्र किया है. रिपोर्ट के अनुसार यहां एक आरटीओ व एक एकाउंटेंट यहां की लड़कियों का शारीरिक शोषण और गाली-गलौज करते थे.एक साल पहले एक लड़की प्रताड़ना व यातना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी. पर मामले को दबा दिया गया. न जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई. लड़कियों को न कपड़ा, दवा दी जाती थी और न ही शौचालय की सुविधा थी. पटना की जिला प्रोगाम अधिकारी भारती प्रियंवद ने पाटलिपुत्र थाने में शिकायत दर्ज करायी थी.
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