उज्ज्वला योजना का हाल : गरीबों ने एक वर्ष में उठाये केवल तीन सिलिंडर, अधिक कीमत है नहीं लेने का प्रमुख कारण
Updated at : 10 Jan 2019 8:12 AM (IST)
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सुबोध कुमार नन्दन पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना के तहत बिहार में जारी किये गये कनेक्शन के लाभार्थियों ने एक वर्ष में केवल तीन सिलिंडर का ही प्रयोग किया है. इस संख्या को बढ़ाने को लेकर सरकार ने कई अहम कदम उठाये हैं, लेकिन उसका असर उज्ज्वला लाभार्थियों पर नहीं पड़ा […]
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सुबोध कुमार नन्दन
पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना के तहत बिहार में जारी किये गये कनेक्शन के लाभार्थियों ने एक वर्ष में केवल तीन सिलिंडर का ही प्रयोग किया है.
इस संख्या को बढ़ाने को लेकर सरकार ने कई अहम कदम उठाये हैं, लेकिन उसका असर उज्ज्वला लाभार्थियों पर नहीं पड़ा है. कम सिलिंडर उठाने का मुख्य कारण सिलिंडर की अधिक कीमत है. वहीं एक सामान्य उपभोक्ता एक साल में कम से कम 9 एलपीजी सिलिंडर का उठाव करते हैं. इस लिहाज से उज्ज्वला लाभार्थी 50 फीसदी से भी कम गैस सिलिंडर का उठाव कर रहे हैं. बिहार में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 71 लाख से अधिक है.
इनमें इंडियन आॅयल कारपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के लाभार्थी शामिल हैं.35 लाख को मिला था योजना का लाभ : मई, 2016 से 2017 तक 38 जिलों में 35,48,607 लाभार्थियों ने उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन लिया, जबकि नवंबर, 2018 तक 4,06784 लाभार्थियों ने कनेक्शन लेने के बाद एलपीजी सिलिंडर का उठाया नहीं किया. इसी तरह 2017 से नवंबर तक 2018 में 703682 उज्ज्वला उपभोक्ताओं ने एक भी सिलिंडर नहीं उठाया.
वहीं दिसंबर, 2017 से 2018 नवंबर तक 28,44,925 उपभोक्ताओं ने केवल एक सिलिंडर का ही उठाव किया. हालांकि दिसंबर 2017 से नवंबर 2018 तक 11,341,416 उपभोक्ताओं ने एक से अधिक एलपीजी सिलिंडर का उठाव किया. इस तरह एक उज्ज्वला लाभार्थी ने 3.61 फीसदी सिलिंडर का उठाव किया है.
कटेगी सब्सिडी
कम सिलिंडर उठाव को देखते हुए सरकार ने लोन पर लेने वाले उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए छह सिलिंडर के बाद सब्सिडी काटने का निर्णय लिया है. इसके बावजूद सिलिंडर के उठाव में खास प्रगति नहीं मिली. इसके बाद सरकार ने ऐसे लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम वाले सिलिंडर के बदले पांच किलो वाले सिलिंडर देने का फैसला किया.
सीतामढ़ी, बेगूसराय, दरभंगा व समस्तीपुर में केवल चार सिलिंडरों का उठाव
कई जिलों में स्थिति खराब
राज्य में केवल चार जिले ऐसे हैं जहां उज्ज्वला के उपभोक्ता चार से अधिक सिलिंडर का उठाव कर रहे हैं. इनमें सीतामढ़ी, बेगूसराय, दरभंगा और समस्तीपुर शामिल हैं. इसके अलावा कटिहार,पूर्णिया, अररिया, सुपौल, भभुआ, मधेपुरा, शेखपुरा और लखीसराय जिले में केवल दो सिलिंडर का ही उठाव हुआ है. शेष जिलों में लगभग तीन सिलिंडर का उठाव लाभार्थियों ने किया है.
उज्ज्वला योजना के लाभार्थी अधिक से अधिक एलपीजी कनेक्शन का प्रयोग करें इसके लिए हर जिले में एलपीजी पंचायत को आयोजन किया जा रहा है.
ताकि ये उपभोक्ता अधिक स्वच्छ ईंधन का प्रयोग कर सके. गरीब परिवारों को एलपीजी सस्ती करने के लिए तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम सिलिंडर विकल्प पेश किया है. इसके तहत लाभार्थी 5 किलोग्राम सिलिंडर और इसके विपरीत 14.20 किलोग्राम सिलिंडर स्वैप कर सकते हैं. 5 किलोग्राम सिलिंडर की कीमत 350 रुपये है.
-वीणा कुमारी, मुख्य प्रबंधक, इंडियन ऑयल कारपोरेशन (बिहार-झारखंड)
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