पटना : गंदगी फैलाने वालों से वसूला गया 4700 रुपये का जुर्माना
Updated at : 03 Jan 2019 9:41 AM (IST)
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पटना : निगम क्षेत्र में गंदगी नहीं दिखे, इसको लेकर निगम की ओर से नियमित कूड़ा प्वाइंटों से कचरे का उठाव, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रात में कचरे का उठाव व सड़कों की सफाई आदि कार्य किये जा रहे हैं. इसके बावजूद सड़कों पर गंदगी दिखती है. अब निगम प्रशासन ने बुधवार से गंदगी फैलाने वालों […]
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पटना : निगम क्षेत्र में गंदगी नहीं दिखे, इसको लेकर निगम की ओर से नियमित कूड़ा प्वाइंटों से कचरे का उठाव, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रात में कचरे का उठाव व सड़कों की सफाई आदि कार्य किये जा रहे हैं. इसके बावजूद सड़कों पर गंदगी दिखती है. अब निगम प्रशासन ने बुधवार से गंदगी फैलाने वालों से जुर्माना राशि वसूलना शुरू कर दिया है. पहले दिन छह अंचलों में 4700 रुपये जुर्माना राशि वसूली गयी.
सफाई के बाद फेंक रहे थे कचरा :
नगर निगम के चारों अंचलों में सिटी मैनेजरों व मुख्य सफाई निरीक्षकों के नेतृत्व में टीम ने अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण किया. भ्रमण के दौरान कूड़ा प्वाइंटों व सड़कों पर कचरा फेंकने वालों को पकड़ा गया और जुर्माना राशि वसूली गयी. इसमें नूतन राजधानी अंचल में 2800, कंकड़बाग अंचल में 600, बांकीपुर अंचल में 800 और पटना सिटी अंचल में 500 रुपया जुर्माना वसूला गया.
पीएमसीएच में भर्ती होने आ रहे हैं तो खुद का कंबल लेते आइयेगा
आधी ठंड खत्म, फटे बेड पर से चादर व कंबल गायब
सुबह और रात में तेज ठंड पड़ रही है. देर रात से सुबह तक शीतलहरी चल रही. फिर भी प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में भर्ती कई मरीजों को बेड पर न तो चादर मिल रही है और न ही कंबल. रोजाना औसतन दो दर्जन से अधिक मरीज भर्ती होते हैं, जिनको इनकी जरूरत होती है. वे मुफ्त में सुविधा मिलने की उम्मीद में आते हैं. लेकिन चादर व कंबल नहीं मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लगभग 60 फीसदी मरीजों को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पीएमसीएच की पड़ताल पर पेश है यह रिपोर्ट.
नि:शुल्क इलाज का दावा करने वाले पीएमसीएच में मरीजों को जब कंबल नहीं मिली, तो वे घर से ही रजाई व कंबल लाने को मजबूर हो गये हैं, जबकि पीएमसीएच के सभी वार्ड मिला कर करीब एक हजार से अधिक मरीज भर्ती हैं. सबसे अधिक परेशानी लावारिस वार्ड में भर्ती मरीजों को हो रही है. लावारिस वार्ड में सात मरीजों को भर्ती किया गया है, जिनको देखने वाला कोई नहीं है.
क्या कहते हैं अधिकारी
ठंड में मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. कंबल का पूरा स्टॉक है, अगर मरीजों को नहीं दिया गया है, तो यह कर्मियों की लापरवाही है. देखता हूं अगर कंबल नहीं बंटे होंगे, तो कर्मचारियों से पूछताछ होगी और मरीजों को तुरंत कंबल दिये जायेंगे.
डॉ आरके जैमेयार, उपाधीक्षक पीएमसीएच
शूगर, बीपी बढ़ जाने के बाद मैं नालंदा से पीएमसीएच आयी. जहां टाटा वार्ड के बेड नंबर 50 पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. मुझे बेड पर कंबल व चादर दोनों नहीं दिये गये हैं. ऐसे में ठंड से बचने के लिए खुद से रजाई लानी पड़ी.
—उमरिया देवी, मरीज
नस जाम हो जाने के बाद पीएमसीएच आयी, जहां भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. घरवालों ने राउंड लगाने वाले सीनियर डॉक्टरों से कंबल के लिए कहा, लेकिन सभी अधिकारियों ने सप्लाइ नहीं होने की बात कही. नतीजा बाजार से कंबल खरीद कर लाना पड़ा.
—कौशल्या देवी, मरीज
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