पटना : कोसी पर नया पुल चालू हो जाने से कई शहरों के बीच घटी दूरियां
Updated at : 29 Dec 2018 2:56 AM (IST)
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पटना : कोसी पर नया पुल चालू हो जाने से कई शहरों के बीच दूरियां कम हो गयी हैं. अब दरभंगा से सहरसा की दूरी मात्र 88 किलोमीटर रह गयी है. पहले दरभंगा से सुपौल और सहरसा जाने के लिए नेशनल हाइवे संख्या 57 से गुजरना होता था. इस रास्ते करीब 165 किलाेमीटर की दूरी […]
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पटना : कोसी पर नया पुल चालू हो जाने से कई शहरों के बीच दूरियां कम हो गयी हैं. अब दरभंगा से सहरसा की दूरी मात्र 88 किलोमीटर रह गयी है. पहले दरभंगा से सुपौल और सहरसा जाने के लिए नेशनल हाइवे संख्या 57 से गुजरना होता था. इस रास्ते करीब 165 किलाेमीटर की दूरी तय करनी होती थी.
एक दूसरा रास्ता डुमरी घाट से नेशनल हाइवे संख्या 31 को पार करना होता था, जिससे दूरी दो सौ किलोमीटर हो जाती थी. मगर, गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन किये गये गंडौल और हाटी के बीच बने पुल से दरभंगा से सुपौल होते हुए सहरसा की दूरी आधी हो गयी है. अब महज डेढ़ घंटे में किसी भी गाड़ी से
दरभंगा से सुपौल और सहरसा पहुंचा जा सकता है. इतना ही नहीं उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण शहर मुजफ्फरपुर से सुपौल और सहरसा की दूरी दो से ढाई और मधेपुरा की दूरी तीन से साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकती है. अब मुजफ्फरपुर से भी सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जाना आसान हो गया है.
आवागमन होगा आसान
फोर लेन से दरभंगा की दूरी 58 किलोमीटर है. दरभंगा से बिरौल की दूरी 47 किलोमीटर है. जबकि, बिरौल से गंडौल 13 किमी, गंडौल से बलुआहाघाट 10 किमी, बलुआहाघाट से बनगांव आठ किमी, बनगांव से सहरसा 10 किमी और सहरसा से मधेपुरा 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी. सुपौल जाने के लिए बनगांव से 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी.
कुशेश्वर स्थान से फुलतोरा के बीच पुल का शिलान्यास किया गया है. इसके बन जाने से दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्स्थान से खगड़िया की दूरी मात्र 52 किलोमीटर और दरभंगा से मात्र 116 किलोमीटर रह जायेगी.
कोसी पर बनेगा देश का सबसे लंबा पुल
पटना. देश का सबसे लंबा पुल बिहार में कोसी नदी पर बनने जा रहा है. एनएचएआइ ने इस संबंध में टेंडर जारी कर दिया है. मधुबनी जिले के भेजा और सुपौल के बकौर नामक दो स्थानों को जोड़ने के लिए एनएच- 527ए पर बनने वाले इस पुल की लंबाई एप्रोच सड़क को मिलाकर 13 किमी 300 मीटर की होगी. इस पुल को तैयार होने में साढ़े तीन साल का समय
लगेगा और इस पर 984 करोड़ की लागत आयेगी. जो कंपनी इस पुल को बनायेगी, उसे इसके 10 साल तक मेंटेनेंस का ठेका भी दिया जायेगा. पुल को तैयार करने के लिए एनएचआइ ने छह फरवरी, 2019 तक टेंडर डालने की समय सीमा निर्धारित की है. भारतमाला परियोजना के फेज-1 के तहत इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है.
इस पुल का टेंडर प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मार्च-अप्रैल से इसका काम शुरू होने की संभावना है. यह माना जा रहा है कि पुल का निर्माण होने से नेपाल तक सीधे जाने में भी बड़ी राहत होगी. आने-जाने में दूरी काफी कम हो जायेगी. नेपाल की सीमा से सीधा संपर्क हो जायेगा.
आवागमन हुआ आसान
- 47 किमी दरभंगा से बिरौल
- 61किमी बिरौल से सुपौल
- 41किमी बिरौल से सहरसा
- 61किमी बिरौल से मधेपुरा
- 36किमी सुपौल से मधेपुरा
अब मुजफ्फरपुर से भी सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जाना हुआ आसान
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