पटना : थम गयी शांति देवी की सांसें, फिर भी आंखें रहेंगी जिंदा
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : पटना की रहने वाली 92 वर्षीय शांति देवी रुंगटा का भले ही देहांत हो गया, लेकिन मरने से पहले अपनी आंखें दान कर वह एक नेक काम कर गयीं. शांति देवी के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनकी इच्छा के अनुसार उनकी आंखों को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के आइ बैंक में […]
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पटना : पटना की रहने वाली 92 वर्षीय शांति देवी रुंगटा का भले ही देहांत हो गया, लेकिन मरने से पहले अपनी आंखें दान कर वह एक नेक काम कर गयीं. शांति देवी के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनकी इच्छा के अनुसार उनकी आंखों को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के आइ बैंक में दान कर दिया. अब उनकी आंखों से कोई जरूरतमंद इस खूबसूरत दुनिया को देख सकेगा.
नेत्रदान के लिए पहले से थीं राजी : घर के परिजन मोती लाल रुंगटा ने बताया कि शांति देवी एक सामाजिक महिला थीं. नेत्रदान करने के लिए वह पहले से ही राजी थीं. वहीं, आइजीआईएमएस क्षेत्रीय चक्षु संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ विभूति प्रसाद सिन्हा ने बताया कि शांति देवी की कॉर्निया को सफल तरीके से निकाल लिया गया है. नेत्र बैंक के अभिषेक व अजय सहित अन्य डॉक्टरों व स्टाफ की टीम लगायी गयी थी. शांति देवी के परिवार वाले भी शिव कुमार रुंगटा, महेश रुंगटा, गिरीश कुमार रुंगटा समेत परिवार के कई लोग मौजूद थे.
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