पाई-पाई का हिसाब लगा रहे ''मंत्री जी'', 31 तक बतानी है कितनी है संपत्ति, मुख्यमंत्री नीतीश से धनी निकले थे कई मंत्री
Updated at : 04 Dec 2018 6:04 AM (IST)
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पटना : हर साल की तरह इस साल भी मंत्रियों को अपनी संपत्ति का ब्योरा देने का समय आ गया है. इसलिए ‘मंत्री जी’ पाई-पाई का हिसाब लगाने में जुट गये हैं. अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह मशविरा किया जा रहा है, दस्तावेज जुटाये जा रहे हैं. दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बाबत सभी मंत्रियों […]
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पटना : हर साल की तरह इस साल भी मंत्रियों को अपनी संपत्ति का ब्योरा देने का समय आ गया है. इसलिए ‘मंत्री जी’ पाई-पाई का हिसाब लगाने में जुट गये हैं. अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह मशविरा किया जा रहा है, दस्तावेज जुटाये जा रहे हैं. दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बाबत सभी मंत्रियों को पत्र तक लिख चुके हैं. 31 दिसंबर के बाद वेबसाइट पर सभी मंत्रियों की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया जायेगा. इसके लिए मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों को 31 दिसंबर से पहले चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने को कहा था.
वर्ष 2005 में हुई थी शुरुआत
वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार ने संपत्ति सार्वजनिक करने का फैसला किया था. तभी से यह सिलसिला जारी है. सभी मंत्रियों को साल के अंतिम दिन तक अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होता है. सभी मंत्रियों को अपने साथ-साथ अपने आश्रितों की भी संपत्ति का ब्योरा देना होता है.
मुख्यमंत्री खुद भी अपनी संपत्ति का ब्योरा देते हैं. सभी का ब्योरा आने के बाद विभागीय वेबसाइट पर उसे अपलोड किया जाता है. बिहार सरकार की वेबसाइट पर पिछले साल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत सभी मंत्रियों की संपत्तियों का ब्योरा अपलोड किया गया था.
मुख्यमंत्री से धनी निकले थे कई मंत्री
पिछले साल बिहार के मंत्रियों का ब्योरा सामने आया तो कई चौंकाने वाले तथ्य से पर्दा उठा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उन्हीं के कई मंत्री धनवान साबित हुए थे. पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अमीर मंत्री होने का गौरव नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा को प्राप्त था. सुरेश शर्मा के पास 3. 60 करोड़ तो इनकी पत्नी के पास 3. 18 करोड़ की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्ति का खुलासा हुआ था.
दूसरी ओर, कई ऐसे मंत्री भी सामने आये, जो अपनी पत्नी से संपत्ति में पीछे थे. कुछ ऐसे भी मंत्री थे, जिनके पास कुछ खास संपत्ति नहीं थी. सहकारिता मंत्री राणा रणधीर के पास ज्यादा संपत्ति नहीं थी. भाजपा के टिकट पर दूसरी बार विधायक और मंत्री बने इस युवा नेता की सालाना आमदनी 3 लाख 34 हजार 820 रुपये बतायी गयी थी.
उद्योग व सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री जय कुमार सिंह गोल्ड व गन के शौकीन निकले थे. उनके पास ढाई सौ ग्राम सोना था, जबकि उनकी पत्नी के पास भी 12 लाख रुपये का सोना और चांदी के सिक्के व अन्य सामान थे. मंत्री के पास कैश के रूप में 30 हजार और उनकी पत्नी के पास 20 हजार नकद थे.
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