पटना : बर्खास्तगी बाद टूटी महिला ट्रेनी सिपाही की शादी, खुद को निर्दोष बताने के लिए एसएसपी से मिलीं पांच बर्खास्त ट्रेनी सिपाही
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Nov 2018 3:49 AM (IST)
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पटना : पुलिस लाइन हिंसा और उसके बाद कार्रवाई की चाबूक का असर अब दिखने लगा है. कई परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होते दिख रहे हैं. एक महिला ट्रेनी सिपाही का दावा है कि बर्खास्तगी के बाद उसकी शादी टूट गयी है. 14 नवंबर 2018 को उसकी शादी होने वाली थी. परिवार वाले पूरी […]
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पटना : पुलिस लाइन हिंसा और उसके बाद कार्रवाई की चाबूक का असर अब दिखने लगा है. कई परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होते दिख रहे हैं. एक महिला ट्रेनी सिपाही का दावा है कि बर्खास्तगी के बाद उसकी शादी टूट गयी है. 14 नवंबर 2018 को उसकी शादी होने वाली थी. परिवार वाले पूरी तैयारी कर लिये थे.
मैरिज हॉल बुक करने के साथ ही शादी का कार्ड छप चुका था. अन्य बुकिंग भी हो गयी थी. शादी का कार्ड भी लोगों के बीच बंट गया था. इसके बाद पुलिस लाइन में हुई घटना और कार्रवाई के बाद लड़के वालों ने बगैर कोई कारण बताये शादी तोड़ दी. कार्रवाई के बाद कई महिला ट्रेनी सिपाहियों ने इस बात का सबूत पेश किया है कि वह घटना के दिन पुलिस लाइन में नहीं थीं, बल्कि वह दूसरे जगह ड्यूटी कर रही थी. एक ने तो खुद को बीमार होने की बात कही. वह रेस्ट कर रही थी, इसके बावजूद उसे बर्खास्त किया गया है. शनिवार को पांच बर्खास्त हो चुकी महिला ट्रेनी सिपाहियों ने एसएसपी मनु महाराज से भेंट किया और अपने बेगुनाही के सबूत पेश किये.
मकान मालिक खाली करवा रहे हैं मकान : महिला सिपाही में नियुक्ति के बाद ट्रेनिंग के इंतजार में कई महिला सिपाही पटना में भाड़े पर मकान लेकर रह रहीं थी. आलरेडी वह कर्ज में थीं. मकान का भाड़ा और अन्य खर्च उन्हें उठाना पड़ रहा था. लेकिन जब वह बर्खास्त हो गयीं तो उनकी मुश्किलें और बढ़ गयीं. अब भाड़ा नहीं देने पर मकान मालिक मकान खाली करवा रहे हैं. उससे उनकी मुश्किलें बढ़ गयी हैं.
ट्रेनी सिपाहियों का कहना है कि नौकरी जाने के बाद वह घर वापसी नहीं कर सकती हैं. उन्हें सामाजिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ेगा. बर्खास्तगी की वजह से कई ट्रेनी सिपाहियों को पैसे की काफी परेशानी हो रही है. इसको देखते हुए वे सरकारी नौकरी से हटाये जाने से प्राइवेट नौकरी करने पर विवश हैं. एसएसपी के सामने सिपाहियों ने कहा कि घटना के दौरान तोड़-फोड़ में वे शामिल नहीं थी, न ही किसी अधिकारी के खिलाफ कोई मारपीट की. इसके बाद भी उनको बर्खास्त कर दिया गया.
लगातार ड्यूटी, फिर भी हो गयी बर्खास्त
ट्रेनी सिपाहियों का कहना है कि बर्खास्ती में कई ऐसी सिपाही का नाम भी आया है जो बीएमपी, गांधी मैदान, पुलिस मुख्यालय जैसी जगहों पर हंगामे के दिन 16 से 23 घंटे तक ड्यूटी की है. कार्यस्थल पर ड्यूटी के दौरान कई आलाधिकारियों ने उन्हें देखा भी है. इसके बाद भी पुलिस लाइन मामले में उनको बर्खास्त कर दिया गया. जबकि कई ऐसे सिपाही है जो तोड़-फोड़ में शामिल थे उसके बाद उनको ट्रेनिंग के लिए भेज गया.
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